मार्केट न्यूज़
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4 min read | अपडेटेड May 24, 2026, 15:23 IST
सारांश
भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। बैंकिंग शेयरों जैसे ICICI Bank और HDFC Bank में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला। सेंसेक्स 232 अंक और निफ्टी 65 अंक चढ़कर बंद हुए। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई की चिंता ने बाजार की तेजी को थोड़ा सीमित रखा।

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को बैंकिंग शेयरों की अगुवाई में मजबूती दर्ज की गई। Image: Shutterstock
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन अच्छी रौनक देखने को मिली और बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में आई जोरदार मजबूती रही। बैंकिंग सेक्टर के बड़े दिग्गजों जैसे ICICI Bank, HDFC Bank और Axis Bank के शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे बाजार को ऊपरी लेवल पर टिकने में मदद मिली। पूरे दिन के कारोबार के दौरान बाजार लगातार हरे निशान में बना रहा और निवेशकों का भरोसा मजबूत दिखा। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और लगातार बढ़ती महंगाई की चिंताओं ने बाजार की इस रफ्तार पर थोड़ा अंकुश लगाने का काम किया।
निवेशकों के मन में यह डर बना हुआ है कि अगर महंगाई इसी तरह बढ़ती रही तो केंद्रीय बैंक आने वाले समय में सख्त मौद्रिक नीतियां लागू कर सकते हैं, जिससे बाजार की लिक्विडिटी प्रभावित हो सकती है। शुक्रवार को बाजार बंद होने पर BSE सेंसेक्स 232 अंक यानी 0.31 पर्सेंट की बढ़त के साथ 75,415.35 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 65 अंक यानी 0.27 पर्सेंट की मजबूती दर्ज करते हुए 23,719.30 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा।
बाजार के आगे के सफर को लेकर जानकारों का मानना है कि अगले सप्ताह शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, आने वाले दिनों में निवेशकों की पूरी नजर वैश्विक घटनाक्रमों पर टिकी रहेगी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव और वैश्विक कूटनीतिक बातचीत होगी। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलाव भी बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
अगर आने वाले समय में अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव में कमी आती है या फिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम नीचे गिरते हैं, तो इससे भारतीय बाजार के लिए एक बेहद सकारात्मक माहौल तैयार हो सकता है। ऐसी स्थिति में शेयर बाजार में एक बार फिर से तेज खरीदारी का दौर लौट सकता है। लेकिन इसके विपरीत, अगर यह भू-राजनीतिक तनाव और ज्यादा गहराता है या फिर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर किसी भी तरह की रुकावट की चिंता सामने आती है, तो बाजार पर दोबारा बड़ा दबाव देखने को मिल सकता है और गिरावट आ सकती है।
मौजूदा बाजार की स्थिति को देखते हुए रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च प्रमुख अजीत मिश्रा ने निवेशकों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि इस समय बाजार में बहुत ज्यादा जोखिम लेने से बचना चाहिए और हर एक कदम सोच-समझकर उठाना चाहिए। निवेशकों को अपनी ट्रेडिंग रणनीति में सावधानी बरतने की जरूरत है।
सेक्टर्स की बात करें तो अजीत मिश्रा के मुताबिक, ऊर्जा, फार्मा और मेटल सेक्टर में इस समय भी निवेश के काफी अच्छे और आकर्षक मौके दिखाई दे रहे हैं। इन सेक्टर्स के अलावा डिफेंस और कैपिटल मार्केट से जुड़े हुए शेयरों में भी आने वाले दिनों में अच्छी मजबूती बनी रहने की पूरी उम्मीद जताई गई है। हालांकि, उन्होंने आईटी सेक्टर को लेकर निवेशकों को थोड़ी सावधानी और सतर्कता बरतने की खास हिदायत दी है। उनका मानना है कि आईटी शेयरों में पिछले दिनों आई हालिया तेजी के बाद अब ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है, इसलिए इस सेक्टर में जल्दबाजी में बड़ा पैसा लगाने से बचना चाहिए।
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