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4 min read | अपडेटेड June 19, 2026, 11:16 IST
सारांश
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। आईटी सेक्टर में आई बड़ी बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में आ गए। एक्सेंटूर के कमजोर आउटलुक और ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों की वजह से निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को चौतरफा बिकवाली का माहौल रहा। | Image: Shutterstock
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन भारी गिरावट देखने को मिली है। शुरुआती कारोबार से ही बाजार के दोनों मुख्य सूचकांक लगातार दबाव में नजर आए। बाजार में चौतरफा बिकवाली का माहौल रहा, जिसमें सबसे ज्यादा मार आईटी सेक्टर पर पड़ी है। निफ्टी 50 में आईटी सेक्टर का वजन भले ही करीब 8.5 पर्सेंट हो, लेकिन इसके शेयरों में आई तेज गिरावट ने पूरे बाजार का मूड खराब कर दिया। आईटी शेयरों की इस भारी धुलाई की वजह से मुख्य सूचकांक 120 अंकों से भी ज्यादा नीचे टूट गए, जिससे सुबह-सुबह निवेशकों को बड़ा झटका लगा।
आज के शुरुआती कारोबार में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी करीब 0.97 पर्सेंट तक फिसल गया और इसने 23,938 का निचला स्तर छू लिया। वहीं, दूसरी तरफ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स भी 1.07 पर्सेंट की बड़ी कमजोरी के साथ 76,578 के लेवल पर आ गया। सुबह करीब 9 बजकर 40 मिनट पर भी बाजार संभल नहीं पाया और निफ्टी 0.86 पर्सेंट की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था, जबकि सेंसेक्स 0.97 पर्सेंट के नुकसान के साथ लाल निशान में बना हुआ था। बाजार के ज्यादातर सेक्टर्स आज नुकसान के साथ कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, डिफेंस, फार्मा, मीडिया और एनर्जी जैसे चुनिंदा सेक्टर्स इस गिरावट के बीच अपवाद रहे और इनमें थोड़ी हरियाली देखी गई, लेकिन आईटी सेक्टर ने अकेले ही बाजार को नीचे खींचने का काम किया और इसमें शुरुआती कारोबार में ही 6.44 पर्सेंट तक का बड़ा फॉल देखा गया।
बाजार में आज मची इस हाहाकार के पीछे तीन बड़े कारण माने जा रहे हैं, जिनमें सबसे बड़ा कारण आईटी शेयरों में आई भारी बिकवाली है। ग्लोबल कंसल्टिंग और टेक्नोलॉजी सर्विसेज सेक्टर की दिग्गज कंपनी एक्सेंटूर ने उम्मीद से कमजोर रेवेन्यू गाइडेंस जारी किया है, जिसने भारतीय आईटी कंपनियों के फ्यूचर आउटलुक को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। एक्सेंटूर ने मौजूदा तिमाही के लिए अपने रेवेन्यू अनुमान में कटौती की है, जिससे बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी की रिपोर्ट आने के बावजूद निवेशकों में निराशा फैल गई। इस खबर का असर भारतीय आईटी कंपनियों के फ्रंटलाइन शेयरों पर सीधा पड़ा। दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस का शेयर सबसे ज्यादा 8.01 पर्सेंट तक टूट गया। इसके बाद एम्फिसिस में 6.10 पर्सेंट, टीसीएस में 5.84 पर्सेंट, टेक महिंद्रा में 5.44 पर्सेंट और एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 5.01 पर्सेंट की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस तेज करेक्शन से पूरा आईटी पैक हिल गया।
बाजार के गिरने का दूसरा बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिलने वाले संकेतों की कमी रहा। अमेरिकी और चीनी शेयर बाजार बंद रहने के चलते ग्लोबल ट्रेडिंग एक्टिविटी काफी सुस्त देखी गई। इसकी वजह से बड़े एसेट क्लासेज में निवेशकों की भागीदारी बहुत कम रही, जिसका असर भारतीय बाजार के सेंटिमेंट पर भी दिखा। इसके अलावा, तीसरा बड़ा कारण मिडिल ईस्ट यानी मध्य पूर्व से आ रही तनाव की खबरें हैं। हालांकि वहां कोई बहुत बड़ा युद्ध नहीं भड़का है, लेकिन छोटे स्तर पर मिलिट्री झड़पें लगातार जारी हैं, जिसने ट्रेडर्स को सतर्क रहने पर मजबूर कर दिया है।
बाजार में गिरावट के बीच लेबनान में सीजफायर यानी युद्धविराम टूटने की खबरों ने भी निवेशकों को डरा दिया है। ऐसी खबरें आ रही हैं कि दक्षिणी लेबनान के मायफादौन शहर में इजरायली ड्रोन हमलों ने दो गाड़ियों को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा पास के शौकिन इलाके में भी एक अलग हमले की खबर मिली है। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब दोनों पक्षों के बीच सीमा पर तनाव कम करने के लिए सीजफायर समझौता हुआ था।
इन नए हमलों के बाद इस शांति समझौते के टिके रहने पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं और क्षेत्र में दोबारा से दुश्मनी और हिंसा बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसी भू-राजनीतिक तनाव और आईटी सेक्टर की कमजोरी की वजह से आज ब्रॉडर मार्केट में भी मिला-जुला रुख दिखा, जहां निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स 0.17 पर्सेंट बढ़ा, तो वहीं निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स करीब 0.26 पर्सेंट नीचे गिर गया।
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