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  1. US Fed के फैसले का इंडियन Bond Market पर कितना दिखेगा असर, क्या रंग ला पाएगी RBI की कोशिश?

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US Fed के फैसले का इंडियन Bond Market पर कितना दिखेगा असर, क्या रंग ला पाएगी RBI की कोशिश?

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड June 18, 2026, 14:55 IST

सारांश

यूएस फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिसका असर भारतीय बॉन्ड मार्केट पर सकारात्मक दिख सकता है। हाल ही में आरबीआई और सरकार ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए टैक्स और नियमों को आसान किया है। इससे भारतीय बॉन्ड मार्केट में विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद है।

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यूएस फेड के फैसले और आरबीआई की नई नीतियों से भारतीय बॉन्ड मार्केट को मजबूती मिलने की उम्मीद है। | Image: Shutterstock

ग्लोबल मार्केट से आ रही बड़ी खबरों के बीच अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ताजा फैसले का असर भारतीय बॉन्ड मार्केट पर साफ देखने को मिल सकता है। फेडरल रिजर्व ने अपनी बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई की कोशिशें घरेलू बॉन्ड मार्केट में क्या रंग खिला पाती हैं। सरकार और आरबीआई ने हाल ही में विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं, जिससे भारतीय डेट मार्केट में एक नई मजबूती आने की उम्मीद की जा रही है।

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यूएस फेड का फैसला और भारत को फायदा

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए चेयर केविन वॉर्श की अगुवाई में हुई बैठक में ब्याज दरों को 3.50 पर्सेंट से 3.75 पर्सेंट के दायरे में बरकरार रखा गया है। फेडरल रिजर्व का ब्याज दरें न बढ़ाने का यह फैसला भारतीय बॉन्ड मार्केट के लिए एक राहत भरी खबर है। जब अमेरिका में ब्याज दरें स्थिर रहती हैं या उनमें कमी आती है, तो विदेशी निवेशकों के लिए भारत जैसे उभरते बाजारों के बॉन्ड ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं। अमेरिकी फेड के इस कदम से भारतीय बॉन्ड यील्ड में स्थिरता आएगी और विदेशी फंड्स का भारत की तरफ रुख बढ़ेगा, जिससे सरकार के लिए कर्ज जुटाने की लागत भी कम होगी।

भारतीय बॉन्ड मार्केट का साइज और ग्रोथ

भारतीय बॉन्ड मार्केट पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है और इसने एक नया मील का पत्थर पार किया है। मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत का कुल डेट मार्केट लगभग 240 लाख करोड़ रुपये यानी 2.8 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुंच चुका है। इस विशाल मार्केट में सेंट्रल गवर्नमेंट सिक्योरिटीज का हिस्सा करीब 110 लाख करोड़ रुपये है, जबकि स्टेट बॉन्ड 65 लाख करोड़ रुपये और कॉर्पोरेट बॉन्ड्स का हिस्सा लगभग 54 लाख करोड़ रुपये है। जेपी मॉर्गन और ब्लूमबर्ग जैसे ग्लोबल बॉन्ड इंडेक्स में भारत के शामिल होने के बाद से ही इस मार्केट को लगातार ग्लोबल सपोर्ट मिल रहा है।

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड यानी NSDL के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 की शुरुआत से भारतीय इक्विटी मार्केट से विदेशी निवेशकों ने भारी निकासी की है, लेकिन इसके विपरीत बॉन्ड मार्केट की कहानी पूरी तरह अलग रही है। जून 2026 के पहले पखवाड़े में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI ने फुली एक्सेसिबल रूट यानी FAR के जरिए भारतीय डेट सिक्योरिटीज में 13,200 करोड़ रुपये से ज्यादा का शुद्ध निवेश किया है। इसके साथ ही इस साल अब तक FAR बॉन्ड्स में कुल विदेशी निवेश लगभग 28,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद विदेशी निवेशकों का भरोसा भारतीय बॉन्ड मार्केट पर मजबूत बना हुआ है।

टैक्स छूट और नियमों में राहत से बढ़ेगा आकर्षण

भारतीय बॉन्ड मार्केट को और गहरा बनाने के लिए हाल ही में पीआईबी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, सरकार और आरबीआई ने बड़े रिफॉर्म्स किए हैं। 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए नियमों के तहत एफपीआई के लिए गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में निवेश से होने वाली ब्याज इनकम और कैपिटल गेन को इनकम टैक्स से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा आरबीआई ने अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 के लिए गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में एफपीआई की निवेश सीमा को बढ़ाकर 4.77 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। सरकार ने लंबी अवधि यानी 15, 30 और 40 साल के बॉन्ड्स तथा सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड्स को भी आसान रूट में शामिल किया है। मॉर्गन स्टेनली की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई और सरकार के इन टैक्स रिफॉर्म्स और उपायों से आने वाले समय में भारत में 40 से 60 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आ सकता है, जो भारत के फ्यूचर के लिहाज से गेम चेंजर साबित हो सकता है।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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