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SEBI 1 अगस्त से ओपन मार्केट के जरिये शेयर बायबैक की व्यवस्था फिर से करेगी लागू, क्यों लिया यह फैसला?

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4 min read | अपडेटेड July 07, 2026, 13:34 IST

सारांश

सेबी ने 2025 में ओपन मार्केट के जरिए बायबैक की व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से खत्म कर दिया था। नियामक ने उस समय शेयरधारकों के साथ असमान व्यवहार और टैक्स संबंधी विकृतियों पर चिंता जताई थी, क्योंकि यह व्यवस्था चुनिंदा निवेशकों के पक्ष में मानी जाती थी।

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सेबी एक अगस्त से खुले बाजार के जरिये शेयर पुनर्खरीद की व्यवस्था फिर से करेगी लागू (Photo: Shutterstock)

मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India, SEBI) ने अधिसूचना जारी कर शेयर मार्केट के जरिए ओपन मार्केट में शेयर की पुनर्खरीद (शेयर बायबैक) की व्यवस्था को फिर से लागू करने के नियम अधिसूचित किए हैं। इसके तहत कंपनियां 1 अगस्त से ओपन मार्केट में अपने ही शेयर बायबैक कर सकेंगी। साथ ही, बायबैक के प्रोसेसिंग का पीरियड अधिकतम 66 वर्किंग डे तय की गई है। सेबी के नए नियमों के तहत कंपनियां बायबैक के लिए अलग से ‘बायबैक विंडो’ के बिना नियमित कारोबार व्यवस्था के जरिए पुनर्खरीद कर सकेंगी। इस कदम का उद्देश्य सुगमता और इम्प्लिमेंटेशन एफिशिएंसी बढ़ाना है। साथ ही, लिस्टेड कंपनियों के लिए कैपिटल एलोकेशन के एक साधन के रूप में बायबैक को अधिक आकर्षक बनाना भी है।

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क्यों ओपन मार्केट के जरिए बायबैक की व्यवस्था हुई थी खत्म?

सेबी ने 2025 में ओपन मार्केट के जरिए बायबैक की व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से खत्म कर दिया था। नियामक ने उस समय शेयरधारकों के साथ असमान व्यवहार और टैक्स संबंधी विकृतियों पर चिंता जताई थी, क्योंकि यह व्यवस्था चुनिंदा निवेशकों के पक्ष में मानी जाती थी। इस व्यवस्था की पुनर्बहाली से कंपनियों द्वारा शेयरधारकों को अतिरिक्त नकदी लौटाने और खास रूप से बाजार में कमजोरी के दौर में शेयर कीमतों को सहारा देने के लिए व्यापक रूप से अपनाए जाने वाले कैपिटल मैनेजमेंट के इस माध्यम को फिर से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कब से लागू होगा?

सेबी ने 1 जुलाई की अधिसूचना में कहा, ‘1 अगस्त 2026 से प्रभावी, शेयर बाजार के जरिए ओपन मार्केट में बायबैक कंपनी की चुकता पूंजी और मुक्त भंडार के 15% से कम होगा। इसकी कैलकुलेशन कंपनी के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड दोनों फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स के आधार पर की जाएगी।’ इस बारे में सेबी के निदेशक मंडल ने जून में प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके अलावा, शेयर मार्केट के जरिए ओपन मार्केट में बायबैक की प्रक्रिया पेशकश खुलने की तारीख से 66 वर्किंग डे के अंदर पूरी करनी होगी। इससे पहले यह पीरियड अधिकतम छह महीने तक हो सकती थी।

मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति करना कंपनी के ऊपर

सेबी ने कहा, ‘बायबैक की पेशकश सार्वजनिक घोषणा की तारीख से चार वर्किंग डे के अंदर खुलेगी और पेशकश खुलने की तारीख से 66 वर्किंग डे के अंदर बंद होगी।’ लागत कम करने और कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए सेबी ने कहा कि अब बायबैक के लिए ‘मर्चेंट बैंकर’ (निर्गम प्रबंधक) की नियुक्ति करना कंपनी के विवेक पर निर्भर होगा। अगर कोई कंपनी ‘मर्चेंट बैंकर’ नियुक्त नहीं करती है तो उसके द्वारा किए जाने वाले काम कंपनी, अनुपालन अधिकारी, वैधानिक लेखा परीक्षक, सचिवीय लेखा परीक्षक और शेयर बाजारों को सौंपे जाएंगे। शेयरधारकों के साथ बेहतर संवाद के लिए सेबी ने कहा कि अखबारों में सार्वजनिक घोषणा के अलावा खुले बाजार में बायबैक की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी शेयरधारकों तक पहुंचाई जाएगी।

बायबैक टैक्सेशन कैसे करेगा काम?

बायबैक के नए टैक्सेशन फ्रेमवर्क (यानी कैपिटल गेन) के तहत सार्वजनिक शेयरधारकों पर बायबैक में शेयर बेचने पर उनके वास्तविक कैपिटल गेन के आधार पर टैक्स लगाया जाएगा। यह शेयर बाजार में सामान्य तरीके से शेयर बेचने जैसा ही होगा। इसके परिणामस्वरूप, पहले बायबैक में हिस्सा लेने वाले और भाग नहीं ले पाने वाले शेयरधारकों के बीच जो टैक्स संबंधी लाभ का अंतर था, वह खत्म हो जाएगा। इसके अलावा, बायबैक करने वाली कंपनी से टैक्स का बोझ हटाकर भाग लेने वाले सार्वजनिक शेयरधारकों पर डालने से सामान्य बाजार में शेयर बेचना और शेयर बाजार के माध्यम से बायबैक में शेयर बेचना समान हो गया है। सेबी ने कहा कि शेयर बाजार के माध्यम से खुले बाजार में बायबैक की व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय न्यायक्षेत्रों में भी व्यापक रूप से अपनाई जाती है। इसके अलावा, सेबी ने दो पुनर्खरीद पेशकशों के बीच न्यूनतम अंतराल को पुनर्खरीद विनियमों के तहत अलग समयसीमा बनाए रखने के बजाय कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुरूप कर दिया है।

PTI इनपुट के साथ

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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