return to news
  1. मार्केट बंद होने की टाइमिंग में बदलाव आते ही 3:15 बजे के बाद क्यों उछल गया निफ्टी, निवेशकों के लिए इसके क्या हैं मायने?

मार्केट न्यूज़

मार्केट बंद होने की टाइमिंग में बदलाव आते ही 3:15 बजे के बाद क्यों उछल गया निफ्टी, निवेशकों के लिए इसके क्या हैं मायने?

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड August 04, 2026, 14:32 IST

सारांश

सेबी ने 3 अगस्त से वायदा और विकल्प (F&O) वाले शेयरों के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) का नया नियम लागू कर दिया है। पहले दिन 3:15 बजे निफ्टी 24,573 पर था, लेकिन 3:35 बजे ऑक्शन खत्म होने पर फाइनल क्लोजिंग 24,774.30 पर आई।

sebi-new-closing-auction-session-cas-nse-nifty-impact

भारतीय शेयर बाजार में सेबी का नया क्लोजिंग ऑक्शन फ्रेमवर्क लागू हो गया है। | Image: Shutterstock

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जब दोपहर 3:15 बजे फ्यूचर एंड ऑप्शन वाले शेयरों की रेगुलर कैश ट्रेडिंग बंद हुई, तब निफ्टी 50 इंडेक्स 24,573 के लेवल पर था। लेकिन जब बाजार का ऑफिशियल क्लोजिंग लेवल सामने आया, तो वह 24,774.30 दर्ज किया गया। यानी सिर्फ क्लोजिंग ऑक्शन प्रोसेस की वजह से निफ्टी में 200 प्वाइंट से भी ज्यादा की बढ़त देखने को मिली।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

यह बड़ा उछाल किसी नई खरीदारी से नहीं आया, बल्कि सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) द्वारा शुरू किए गए नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के कारण हुआ। नए नियम का पहला दिन यह दिखाने के लिए काफी था कि ट्रेडिंग दिन के आखिरी मिनटों में प्राइस किस तरह बदल सकता है।

क्या-क्या बदल गया बाजार के लिए?

सेबी के नए नियमों के तहत 3 अगस्त से वायदा और विकल्प वाले शेयरों के लिए नया क्लोजिंग ऑक्शन लागू हुआ है। अब इन शेयरों में लगातार होने वाली कैश मार्केट ट्रेडिंग दोपहर 3:15 बजे ही रुक जाती है, जिसके बाद ये शेयर 3:35 बजे तक ऑक्शन सेशन में रहते हैं। इस ऑक्शन से ही शेयरों के ऑफिशियल क्लोजिंग प्राइस तय होते हैं। इसके साथ ही शेयर और इंडेक्स के डेरिवेटिव्स में 3:40 बजे तक ट्रेडिंग चालू रहती है। वहीं जो शेयर F&O सेगमेंट में शामिल नहीं हैं, उनमें पुरानी व्यवस्था की तरह दोपहर 3:30 बजे तक ट्रेडिंग होती है। पहले क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए ट्रेडिंग के आखिरी हिस्से में वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस का इस्तेमाल होता था, लेकिन नए सिस्टम में बाय और सेल ऑर्डर को एक साथ मिलाकर एक कॉमन रेट निकाला जाता है।

पहले दिन बाजार से मिले ये सिग्नल

नए सिस्टम के पहले दिन बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखा गया। स्पॉट और फ्यूचर्स के रेट में भी काफी अंतर देखने को मिला। सेशन के अंत में हुई बास्केट बाइंग और ट्रेडर्स की ओपन पोजीशन की वजह से कैश और डेरिवेटिव मार्केट के बीच यह फर्क आया। इसके अलावा म्यूचुअल फंड्स की एनएवी (NAV) पर भी इसका असर पड़ सकता है क्योंकि ऑफिशियल क्लोजिंग प्राइस से ही पोर्टफोलियो का वैल्यूएशन होता है।

पहले दिन एनएसई पर ऑक्शन के दौरान 1,276.2 करोड़ रुपये का टर्नओवर हुआ, जबकि बीएसई पर सिर्फ 10.8 करोड़ रुपये का टर्नओवर रहा। बीएसई पर कम टर्नओवर के कारण रेट्स में ज्यादा अंतर दिखा। ऑक्शन में आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, इटरनल, टीसीएस, सीजी पावर और एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाले शेयरों में शामिल रहे।

कैसे काम करता है ऑक्शन सेशन?

एनएसई के अनुसार क्लोजिंग ऑक्शन सेशन हर ट्रेडिंग डे पर दोपहर 3:15 बजे से 3:35 बजे तक 20 मिनट का अलग सेशन होता है। शुरुआती 5 मिनट (3:15 से 3:20 बजे) रेफरेंस प्राइस कैलकुलेशन के लिए होते हैं। इसके बाद 3:20 से 3:25 बजे के बीच मार्केट और लिमिट ऑर्डर डाले जा सकते हैं। 3:25 से 3:30 बजे के बीच सिर्फ लिमिट ऑर्डर की इजाजत होती है, जिसमें मार्केट ऑर्डर को बदला या कैंसिल नहीं किया जा सकता। आखिरी 2 मिनट (3:28 से 3:30 बजे) में सिस्टम किसी भी वक्त ऑक्शन को रैंडम तरीके से बंद कर देता है और ऑर्डर मैचिंग होती है। ऑक्शन 3:35 बजे खत्म होता है और डेरिवेटिव ट्रेडिंग 3:40 बजे तक चलती है, जिससे ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन एडजस्ट करने का टाइम मिल जाता है।

ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के लिए आगे क्या?

मार्केट में नए ऑक्शन फ्रेमवर्क का यह दूसरा दिन है और इस दिन निफ्टी डेरिवेटिव्स की एक्सपायरी भी है। पहले दिन के बदलावों को देखते हुए मार्केट में शुरुआत में थोड़ी हलचल रह सकती है। ट्रेडर्स को सलाह दी गई है कि जब तक नया सिस्टम पूरी तरह सेटल नहीं हो जाता, तब तक वे सही हेजिंग और स्टॉप लॉस बनाकर रखें। इन्वेस्टर्स के लिए अब पूरे शेयर बाजार में 3:30 बजे का एक ही क्लोजिंग टाइम नहीं रह गया है। नॉन-F&O शेयर 3:30 बजे बंद होंगे, F&O शेयर 3:15 बजे के बाद ऑक्शन में जाएंगे और डेरिवेटिव्स 3:40 बजे तक ट्रेड करेंगे।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

अगला लेख