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  1. सरकार के OFS लाते ही 8 फीसदी से ज्यादा टूट गया LIC शेयर, जानें फ्लोर प्राइस समेत पूरी डीटेल

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सरकार के OFS लाते ही 8 फीसदी से ज्यादा टूट गया LIC शेयर, जानें फ्लोर प्राइस समेत पूरी डीटेल

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड August 04, 2026, 12:45 IST

सारांश

केंद्र सरकार लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) में ऑफर फॉर सेल (OFC) के जरिए अपनी 6.5% तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। नॉन-रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए यह मंगलवार को और रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए बुधवार को खुलेगा।

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LIC में अपनी हिस्सेदारी बेचने जा रही सरकार

केंद्र सरकार देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी LIC में अपनी 6.5% तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। सरकार यह हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल यानी OFC के जरिए बेचेगी। इस बात की जानकारी डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट यानी दीपम के सेक्रेटरी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करके दी है। सरकार के इस बड़े फैसले से शेयर बाजार में आम और खास दोनों तरह के इन्वेस्टर्स को LIC के शेयर खरीदने का एक नया और शानदार मौका मिलने वाला है। हालांकि आज इसका असर इसके शेयर पर देखा जा रहा है। स्टॉक 8 फीसदी की गिरावट के साथ 393 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।

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क्या है फ्लोर प्राइस?

सरकार द्वारा लाए जा रहे इस ऑफर फॉर सेल में इन्वेस्टर्स अलग-अलग दिन अपनी बोली लगा सकेंगे। नॉन-रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए यह OFC मंगलवार से खुल रहा है, जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स इसमें बुधवार को बोली लगा सकते हैं। दीपम सेक्रेटरी के पोस्ट के मुताबिक, सरकार ने इस ऑफर फॉर सेल के तहत शुरुआत में कंपनी की 2.5% इक्विटी बेचने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही इसमें 4% का अतिरिक्त ग्रीन शू ऑप्शन भी शामिल किया गया है। इसका साफ मतलब यह है कि अगर इन्वेस्टर्स की तरफ से अच्छी मांग देखने को मिलती है, तो सरकार कुल 6.5% हिस्सेदारी बेचेगी। सरकार ने इस बिक्री के लिए 382 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है।

मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग का नियम

सरकार का मानना है कि इस हिस्सेदारी की बिक्री से उसे मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियमों और तय लक्ष्यों को समय से पहले पूरा करने में काफी मदद मिलेगी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई के जून 2026 तक के पब्लिक शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक, LIC में प्रोमोटर्स और प्रोमोटर ग्रुप यानी सरकार के पास 96.5% हिस्सेदारी मौजूद है। वहीं दूसरी तरफ, पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास इस बीमा कंपनी की सिर्फ 3.5% हिस्सेदारी ही है। केंद्र सरकार ने इस बीमा कंपनी के लिए अपने पिछले टारगेट में थोड़ी ढील दी थी, जिसके तहत अब कंपनी को 16 मई 2027 की डेडलाइन तक अपनी 10% हिस्सेदारी पब्लिक के लिए जारी करनी है।

अगर इस OFC प्रक्रिया के दौरान 4% का ग्रीन शू ऑप्शन पूरी तरह से इस्तेमाल कर लिया जाता है, तो मिनिमम पब्लिक फ्लोट की जरूरत आसानी से पूरी हो जाएगी। इसके अलावा, पहले की रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी का फ्यूचर प्लान मई 2032 तक अपनी 25% तक हिस्सेदारी बेचने का भी है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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