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3 min read | अपडेटेड February 09, 2026, 10:32 IST
सारांश
देश के सबसे बड़े बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने दिसंबर तिमाही में ₹21,028 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर सोमवार को बैंक का शेयर 6.62% उछलकर ₹1,137 के नए शिखर पर पहुंच गया। बैंक के चेयरमैन ने लोन ग्रोथ का लक्ष्य भी बढ़ाकर 13-15% कर दिया है।
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने आज शेयर बाजार में तहलका मचा दिया है। बैंक के शेयरों ने शुरुआती कारोबार में ही 6.62 प्रतिशत की छलांग लगाते हुए ₹1,137 का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर छू लिया। इंट्राडे में आई इस तेजी ने निवेशकों का हौसला बढ़ा दिया है। यह पिछले पांच वर्षों में बैंक का एक दिन का सबसे शानदार प्रदर्शन है। इस जबरदस्त तेजी के पीछे शनिवार को घोषित किए गए बैंक के तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे हैं, जिसमें बैंक ने अब तक का सबसे बड़ा मुनाफा दर्ज किया है। निवेशकों के बीच इस समय SBI को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
SBI ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹21,028 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 24 प्रतिशत अधिक है। इस मुनाफे को बढ़ाने में SBI म्यूचुअल फंड की बड़ी भूमिका रही है। जल्द ही अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रहे SBI म्यूचुअल फंड ने बैंक को ₹2,200 करोड़ का विशेष डिविडेंड दिया है। बैंक के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने बताया कि इस डिविडेंड और बैंक के मजबूत कोर ऑपरेशंस की वजह से यह ऐतिहासिक स्तर हासिल हो पाया है। बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) भी 9.04 प्रतिशत बढ़कर ₹45,190 करोड़ पर पहुंच गई है।
बैंक के चेयरमैन ने भविष्य को लेकर काफी सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने चालू वित्त वर्ष के लिए लोन ग्रोथ के लक्ष्य को 12-14 प्रतिशत से बढ़ाकर 13-15 प्रतिशत कर दिया है। बैंक को उम्मीद है कि कॉर्पोरेट सेक्टर और रिटेल सेगमेंट में कर्ज की मांग और बढ़ेगी। इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापारिक समझौतों से भी बैंक को भविष्य में क्रेडिट ग्रोथ में मदद मिलने की उम्मीद है। बैंक के पास वर्तमान में लगभग ₹8 लाख करोड़ की लोन पाइपलाइन है, जिसमें ₹4.41 लाख करोड़ के लोन पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं लेकिन उनका वितरण होना बाकी है।
बैंक के चेयरमैन ने यह स्वीकार किया कि बाजार में डिपॉजिट जुटाना अब एक चुनौती बनता जा रहा है क्योंकि लोग अब बैंक जमा के बजाय अन्य वित्तीय साधनों में निवेश कर रहे हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए SBI ने 'एबीसीडी' (ABCD - All Branches Should Contribute to Deposits) प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसका उद्देश्य सभी शाखाओं के जरिए डिपॉजिट जुटाने के काम को तेज करना है। बैंक का क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो फिलहाल 72 प्रतिशत के आरामदायक स्तर पर है, जो इसे और अधिक कर्ज देने की सुविधा देता है। बैंक के पास सरकारी सिक्योरिटिज में ₹3.4 लाख करोड़ का अतिरिक्त निवेश भी मौजूद है।
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी बैंक ने शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक का ग्रॉस एनपीए (GNPA) घटकर 1.57 प्रतिशत पर आ गया है, जो पिछले दो दशकों का सबसे निचला स्तर है। यह दिखाता है कि बैंक की रिकवरी प्रक्रिया और कर्ज देने की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। हालांकि, चेयरमैन ने भविष्य के लिए भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं को जोखिम के रूप में चिन्हित किया है। बैंक अब 'डिजिटल-फर्स्ट' संस्थान बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है, ताकि ग्राहकों को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बैंकिंग अनुभव प्रदान किया जा सके।
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