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4 min read | अपडेटेड February 09, 2026, 09:22 IST
सारांश
सोने और चांदी के बाजार में एक बार फिर तेजी का माहौल है। घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,51,489 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है। वैश्विक संकेतों और जापान की राजनीतिक स्थिरता के कारण निवेशकों का भरोसा कीमती धातुओं पर बढ़ा है। हालांकि, कीमतें अभी भी अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी नीचे बनी हुई हैं।

सोने और चांदी की मांग में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
सोने और चांदी के निवेशकों के लिए सोमवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। पिछले हफ्ते की भारी उठापटक और गिरावट के बाद आज सर्राफा बाजार में जोरदार चमक लौट आई है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों ही बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। वैश्विक बाजार में जहां सोना एक बार फिर 5,000 डॉलर के स्तर को पार कर गया है, वहीं चांदी ने भी शानदार रिकवरी दिखाई है। निवेशकों के लिए यह खबर इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली के चलते कीमतों पर दबाव बना हुआ था।
सर्राफा बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है और सोने-चांदी के दाम काफी ऊपर खुले हैं। सोने की कीमत 2,003.00 रुपये की बढ़त के साथ 1,57,454.00 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है, जबकि आज यह 1,58,500.00 के ऊंचे स्तर तक भी गया था। चांदी में तो और भी बड़ी उछाल आई है, यह 10,840.00 रुपये महंगी होकर 2,60,732.00 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है। चांदी ने आज कारोबार के दौरान 2,64,885.00 का स्तर भी छुआ। पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद निवेशकों की ओर से हो रही नई खरीदारी और वैश्विक संकेतों की वजह से दोनों कीमती धातुओं में यह रौनक वापस लौटी है।
सोने और चांदी की कीमतों में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण जापान के चुनाव परिणाम माने जा रहे हैं। जापान में मौजूदा प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की निर्णायक जीत ने बाजार को एक सकारात्मक संकेत दिया है। जानकारों का कहना है कि इस जीत के बाद जापान में उदार राजकोषीय नीतियों के जारी रहने की उम्मीद बढ़ गई है। इससे जापानी मुद्रा येन पर दबाव बना हुआ है और जब भी बड़ी मुद्राओं में कमजोरी आती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान की राजनीतिक स्थिति ने सोने की मांग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी बढ़ावा दिया है।
सोने की इस रैली के बीच बाजार के खिलाड़ी अब अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बुधवार को जारी होने वाली अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट और शुक्रवार को आने वाले महंगाई के आंकड़े यह तय करेंगे कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाता है। पिछले हफ्ते डॉलर के मजबूत होने और ऊंचे रिटर्न की वजह से सोने में गिरावट आई थी, लेकिन अब बाजार को उम्मीद है कि श्रम बाजार में स्थिरता आएगी। यदि महंगाई के आंकड़े अनुमान के मुताबिक रहते हैं, तो सोने की कीमतों को और अधिक सहारा मिल सकता है।
भले ही आज कीमतों में तेजी देखी जा रही है, लेकिन सोना और चांदी अपनी सर्वकालिक ऊंचाई से अभी भी काफी नीचे ट्रेड कर रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो हाजिर सोना अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई 5,608.35 डॉलर से करीब 11.27 प्रतिशत नीचे है। वहीं चांदी की स्थिति और भी दिलचस्प है, जो 29 जनवरी को बनाए गए 121.67 डॉलर के अपने उच्चतम स्तर से लगभग 52.29 प्रतिशत नीचे चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट के बाद अब बाजार में खरीदारी का अच्छा मौका बन रहा है, जिससे कीमतों में यह उछाल देखने को मिल रहा है।
भारतीय बाजार की बात करें तो आईबीजेए की रिपोर्ट के अनुसार, आज 24 कैरेट सोने का भाव 1,51,489 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी के भाव में भी भारी तेजी है और एक किलो शुद्ध चांदी की कीमत 2,41,184 रुपये दर्ज की गई है। हाजिर बाजार में चांदी ने सोमवार को एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान 3.39 प्रतिशत की छलांग लगाई है। आने वाले दिनों में अगर वैश्विक तनाव या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो घरेलू बाजार में इन धातुओं की कीमतों में और भी बढ़त देखने को मिल सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे वैश्विक संकेतों और मुद्रा विनिमय दरों पर करीबी नजर रखें।
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