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Infosys Q4 Results: गाइडेंस से लेकर डील जीतने और AI पर फोकस तक, 5 प्वाइंट में समझिए पूरी स्टोरी

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड April 24, 2026, 09:35 IST

सारांश

आईटी दिग्गज इंफोसिस ने अपने चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 21 पर्सेंट बढ़कर 8,509 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी ने निवेशकों के लिए 25 रुपये के डिविडेंड का ऐलान किया है और अगले साल के लिए रेवेन्यू गाइडेंस भी पेश की है। एआई पर कंपनी का बढ़ता फोकस चर्चा में है।

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आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस ने चौथी तिमाही के नतीजों के साथ भविष्य का रोडमैप पेश किया।

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस ने अपने चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। बेंगलुरु स्थित इस दिग्गज कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 का अंत काफी मजबूती और लचीलेपन के साथ किया है। कंपनी ने न केवल अपने मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों और मौकों को लेकर भी अपनी स्थिति साफ कर दी है। इंफोसिस के इन नतीजों का असर न केवल इसके शेयरों पर बल्कि पूरे आईटी सेक्टर के सेंटिमेंट पर देखने को मिल रहा है।

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मुनाफा और रेवेन्यू में जोरदार उछाल

इंफोसिस के नतीजों का सबसे पहला और बड़ा प्वाइंट उसका मुनाफा और रेवेन्यू रहा है। जनवरी से मार्च की तिमाही के दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 20.9 पर्सेंट बढ़कर 8,509 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं, अगर तिमाही आधार पर देखें तो इसमें 27.6 पर्सेंट की बढ़त रही है। रेवेन्यू के मोर्चे पर भी कंपनी ने शानदार काम किया है। चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 13.4 पर्सेंट बढ़कर 46,402 करोड़ रुपये रहा है। हालांकि, कंसटेंट करेंसी के मामले में तिमाही आधार पर रेवेन्यू में 1.3 पर्सेंट की मामूली कमी देखी गई है।

निवेशकों के लिए डिविडेंड की सौगात

कंपनी ने अपने शेयरधारकों का उत्साह बढ़ाने के लिए डिविडेंड का भी ऐलान किया है। इंफोसिस के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 25 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 10 जून तय की गई है और इसका पेमेंट 25 जून को किया जाएगा। यह निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत और भरोसे की बात है कि कंपनी अपने मुनाफे का एक हिस्सा उनके साथ साझा कर रही है। इससे कंपनी की कैश जनरेशन की क्षमता और अपनी बैलेंस शीट की मजबूती का भी पता चलता है।

अगले साल के लिए रेवेन्यू गाइडेंस

नतीजों के साथ ही इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपना रेवेन्यू गाइडेंस भी जारी कर दिया है। कंपनी को उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष में उसका रेवेन्यू कंसटेंट करेंसी के आधार पर 1.5 पर्सेंट से 3.5 पर्सेंट के बीच बढ़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी ने ऑपरेटिंग मार्जिन के लिए 20 पर्सेंट से 22 पर्सेंट का लक्ष्य रखा है। यह गाइडेंस निवेशकों को यह समझने में मदद करती है कि आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार क्या रह सकती है। सीएफओ जयेश संघराजका के मुताबिक, कंपनी मार्जिन और कैश जनरेशन पर अपना पूरा फोकस बनाए हुए है।

बड़ी डील्स और क्लाइंट्स का भरोसा

कंपनी ने इस वित्त वर्ष के दौरान बड़ी डील्स जीतने में अपनी मजबूती दिखाई है। पूरे साल के दौरान इंफोसिस ने कुल 14.9 बिलियन डॉलर की बड़ी डील्स हासिल की हैं। हालांकि, चौथी तिमाही में बड़ी डील्स की वैल्यू थोड़ी कम होकर 3.2 बिलियन डॉलर रही है। कंपनी के पास 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा का बिजनेस देने वाले 41 क्लाइंट्स बने हुए हैं। वहीं, 50 मिलियन डॉलर वाली कैटेगरी में कंपनी ने चार नए क्लाइंट्स जोड़े हैं। ये डील्स दिखाते हैं कि ग्लोबल मार्केट में इंफोसिस की सर्विसेज की डिमांड अभी भी काफी मजबूत है।

एआई फर्स्ट का है फ्यूचर प्लान

पांचवां और सबसे महत्वपूर्ण प्वाइंट कंपनी का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई पर बढ़ता फोकस है। सीईओ सलिल पारेख ने कहा है कि कंपनी 'एआई फर्स्ट' रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी का 'टोपाज फैब्रिक' क्लाइंट्स के बीच अपनी पकड़ बना रहा है। इंफोसिस छह अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी एआई सर्विस को आगे बढ़ा रही है, जिससे उसे मार्केट शेयर बढ़ाने में मदद मिल रही है। कंपनी का मानना है कि भविष्य में एआई ही बिजनेस को बदलने का मुख्य जरिया बनेगा और इंफोसिस इसमें लीडर बनकर उभरना चाहती है। इसके लिए कंपनी लगातार अपनी वर्कफोर्स को भी तैयार कर रही है।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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