मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड June 11, 2026, 11:34 IST
सारांश
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने हैदराबाद की कंपनी टेक एयरो डिवाइसेज के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है। कंपनी पर LCA मार्क 1A फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोग्राम के लिए नकली क्वालिटी टेस्ट रिपोर्ट सौंपने का आरोप है। एचएएल ने कार्रवाई करते हुए इस सप्लायर को तीन साल के लिए बैन कर दिया है।

एचएएल ने फाइटर एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने वाली कंपनी के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। | Image: Shutterstock
भारतीय रक्षा क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। देश की दिग्गज एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने हैदराबाद की एक सप्लायर कंपनी के खिलाफ पुलिस में गंभीर मामला दर्ज कराया है। इस कंपनी पर लड़ाकू विमानों के कलपुर्जों की सप्लाई के दौरान नकली और जाली टेस्ट रिपोर्ट सौंपने का बेहद गंभीर आरोप लगा है। HAL की शिकायत के बाद पुलिस ने इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा HAL के इंटरनल ऑडिट और क्वालिटी चेकिंग के दौरान हुआ है।
HAL की एयरक्राफ्ट डिवीजन ने 28 मार्च 2022 से हैदराबाद की कंपनी टेक एयरो डिवाइसेज को कुल 18 परचेज ऑर्डर जारी किए थे। यह सभी ऑर्डर देश के बेहद महत्वपूर्ण एलसीए मार्क 1ए फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोग्राम के कलपुर्जों की सप्लाई से जुड़े हुए थे। शुरुआत में कंपनी द्वारा दिए गए सैंपल्स, टेस्ट रिपोर्ट्स और दूसरे टेक्निकल डॉक्यूमेंट्स की जांच परख करने के बाद उसे 35 कैटेगरी के कंपोनेंट्स बनाने का अप्रूवल सर्टिफिकेट दिया गया था। इसके तहत कंपनी को कुल 172 आइटम्स तैयार करने की मंजूरी मिली थी। डिफेंस सेक्टर में क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाता है, इसलिए नियमों के मुताबिक, सप्लायर के लिए बल्क सप्लाई यानी बड़ी मात्रा में कलपुर्जों की डिलीवरी के वक्त ओरिजिनल टेस्ट रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य था।
टेक एयरो डिवाइसेज ने पार्ट्स की क्वालिटी साबित करने के लिए HAL के पास कुल 199 टेस्ट रिपोर्ट्स जमा की थीं। इन रिपोर्ट्स में पार्ट्स की मजबूती, हार्डनेस, ब्रेक लोड, शेयर, नॉन डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग (एनडीटी), माइक्रोस्ट्रक्चर और साल्ट स्प्रे टेस्ट जैसे कई जरूरी क्वालिटी पैरामीटर्स की डिटेल्स शामिल थीं। जब HAL के क्वालिटी कंट्रोल डिपार्टमेंट ने इन रिपोर्ट्स का वेरिफिकेशन शुरू किया, तो उन्होंने हैदराबाद की ही एक्सिस इंस्पेक्शन सोल्यूशंस कंपनी से संपर्क किया, क्योंकि सभी दस्तावेजों पर इसी कंपनी का नाम और साइन मौजूद थे। इसके बाद 29 नवंबर 2023 को HAL द्वारा किए गए एक ऑडिट में हैरान करने वाला सच सामने आया।
इस ऑडिट और जांच में पता चला कि टेक एयरो डिवाइसेज ने फरवरी 2023 से सितंबर 2023 के बीच जो भी 199 टेस्ट रिपोर्ट्स जमा की थीं, वे सभी पूरी तरह से नकली और फर्जी थीं। एक्सिस इंस्पेक्शन सोल्यूशंस ने HAL को आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि उन्होंने इनमें से एक भी रिपोर्ट जारी नहीं की थी। कंपनी ने बताया कि उनके नाम और अधिकारियों के साइन का गलत इस्तेमाल करके बिना उनकी इजाजत के ये फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे। इस बड़े खुलासे के बाद HAL ने तुरंत एक्शन लिया।
इस धोखाधड़ी के सामने आने के बाद HAL ने टेक एयरो डिवाइसेज को कारण बताओ नोटिस जारी किया। कंपनी के जवाब और आंतरिक समीक्षा के बाद HAL ने उसे अपनी अप्रूव्ड सप्लायर लिस्ट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। कंपनी को 10 मार्च 2027 तक यानी पूरे तीन साल के लिए HAL के साथ किसी भी तरह का बिजनेस करने से बैन कर दिया गया है। राहत की बात यह है कि HAL ने इस विवादित सप्लाई से जुड़ा कोई भी पेमेंट सप्लायर कंपनी को रिलीज नहीं किया था। HAL ने बताया कि आंतरिक जांच, ऑडिट और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में समय लगने के कारण पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने में थोड़ी देरी हुई है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख