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4 min read | अपडेटेड April 24, 2026, 10:50 IST
सारांश
रिलायंस इंडस्ट्रीज आज अपनी चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के नतीजे जारी करने जा रही है। बाजार को उम्मीद है कि कंपनी का रेवेन्यू 8 से 10 पर्सेंट बढ़ सकता है। जियो और रिटेल सेगमेंट में मजबूती रहने के आसार हैं, लेकिन ओ2सी बिजनेस पर दबाव दिख सकता है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चौथी तिमाही के नतीजों पर आज टिकी रहेगी पूरे बाजार की निगाह।
देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज आज अपने चौथी तिमाही के नतीजे पेश करने वाली है। 24 अप्रैल को होने वाले इस बड़े ऐलान पर पूरे शेयर बाजार की नजरें टिकी हुई हैं। ऑयल से लेकर टेलीकॉम सेक्टर तक फैली इस दिग्गज कंपनी के लिए यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज न केवल मार्च तिमाही के आंकड़े आएंगे, बल्कि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 का रिपोर्ट कार्ड भी दुनिया के सामने होगा।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस बार रिलायंस इंडस्ट्रीज का परफॉर्मेंस मिला-जुला रहने की संभावना है। अनुमान लगाया जा रहा है कि कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 8 से 10 पर्सेंट की बढ़त देखी जा सकती है। हालांकि, मार्जिन और मुनाफे को लेकर थोड़ा दबाव महसूस किया जा सकता है। बाजार का मानना है कि कंपनी का एबिटा 45,000 करोड़ से 50,000 करोड़ रुपये के दायरे में रह सकता है। नेट प्रॉफिट के मामले में बहुत ज्यादा उछाल की उम्मीद नहीं है क्योंकि कंपनी के कोर बिजनेस यानी ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) में कुछ कमजोरी देखी जा सकती है।
रिलायंस के ओवरऑल परफॉर्मेंस में ओ2सी और ऑयल-गैस बिजनेस हमेशा से बड़ी भूमिका निभाते रहे हैं। लेकिन इस तिमाही में इन सेगमेंट्स में सुस्ती रहने की उम्मीद जताई जा रही है। ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता और कमजोर मार्जिन की वजह से यह बिजनेस कंपनी के कुल मुनाफे पर दबाव डाल सकते हैं। जानकारों का कहना है कि फ्यूल क्रैक्स में कमी और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते एनर्जी सेक्टर का मुनाफा इस बार थोड़ा कम रह सकता है।
एनर्जी सेक्टर के दबाव को कम करने का काम कंपनी के कंज्यूमर फेसिंग बिजनेस कर सकते हैं। टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी रिलायंस जियो से काफी अच्छी उम्मीदें लगाई जा रही हैं। माना जा रहा है कि जियो के सब्सक्राइबर्स की संख्या में बढ़त और एआरपीयू (ARPU) में सुधार कंपनी के लिए राहत की बात होगी। वहीं, रिलायंस रिटेल में भी मजबूती दिखने के आसार हैं। नए स्टोर खुलने और लगातार बढ़ती मांग की वजह से रिटेल सेगमेंट का ऑपरेशनल परफॉर्मेंस बेहतर रहने की उम्मीद है। पिछले साल भी रिटेल और टेलीकॉम ने रिलायंस के आंकड़ों को काफी सहारा दिया था।
निवेशकों के लिए एक और बड़ी बात डिविडेंड का ऐलान होगा। बाजार को उम्मीद है कि कंपनी आज डिविडेंड की घोषणा भी कर सकती है। अगर रिलायंस के शेयरों की चाल पर नजर डालें, तो साल 2026 में अब तक इसका परफॉर्मेंस बहुत उत्साहजनक नहीं रहा है। इस साल की शुरुआत से अब तक रिलायंस का शेयर करीब 14 पर्सेंट से ज्यादा टूट चुका है। पिछले 30 दिनों में भी इसमें 5 पर्सेंट के आसपास की गिरावट आई है। ऐसे में आज के नतीजे और मैनेजमेंट का फ्यूचर प्लान ही तय करेगा कि आने वाले दिनों में शेयर की दिशा क्या होगी।
अगर पिछले वित्त वर्ष यानी 2024-25 की चौथी तिमाही की बात करें, तो रिलायंस ने तब 19,407 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। उस समय भी जियो और रिटेल ने शानदार काम किया था जिससे एनर्जी बिजनेस की कमजोरी काफी हद तक छिप गई थी। पिछले साल कंपनी 10 लाख करोड़ रुपये की नेटवर्थ हासिल करने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी थी। इसके अलावा न्यू एनर्जी बिजनेस को लेकर चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा था कि यह सेक्टर आने वाले समय में रिलायंस के लिए वैल्यू क्रिएशन का सबसे बड़ा जरिया बनेगा। अब देखना होगा कि न्यू एनर्जी के इंप्लिमेंटेशन और ऑपरेशन को लेकर आज क्या नया अपडेट आता है।
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