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3 min read | अपडेटेड April 24, 2026, 08:24 IST
सारांश
गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से निवेशकों में महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

सोने की कीमतों में आज मामूली तेजी दर्ज की गई है।
सोने के बाजार में आज नरमी का रुख बना हुआ है और कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। ग्लोबल मार्केट से आ रहे संकेतों ने सोने की कीमतों पर काफी दबाव डाल दिया है। गुरुवार को कारोबारी सेशन के दौरान सोने की कीमतों में आई यह कमी निवेशकों के लिए एक बड़ा संकेत है। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी को माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। अगर हम स्पॉट गोल्ड की बात करें तो इसमें 0.6 पर्सेंट की बड़ी कमी देखी गई और यह 4,706.49 डॉलर प्रति औंस के लेवल पर आ गया। सिर्फ स्पॉट गोल्ड ही नहीं बल्कि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट का रुख बना रहा। जून डिलीवरी वाला सोना 0.6 पर्सेंट गिरकर 4,727 डॉलर के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। बाजार के जानकारों का कहना है कि ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में आई यह गिरावट काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे आने वाले दिनों में कीमतों के और नीचे जाने के संकेत मिल रहे हैं। निवेशक इस समय बहुत ही सावधानी से मार्केट की चाल को देख रहे हैं।
सोने की कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा हाथ अमेरिकी डॉलर की मजबूती का बताया जा रहा है। जब डॉलर की वैल्यू बढ़ती है तो अन्य करेंसी रखने वाले निवेशकों के लिए सोना खरीदना काफी महंगा हो जाता है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की डिमांड कम होने लगती है और कीमतों पर सीधा दबाव आता है। इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी अच्छी बढ़त देखी गई है। 10 साल की ट्रेजरी यील्ड एक हफ्ते के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गई है। जब ट्रेजरी यील्ड बढ़ती है तो निवेशक सोने जैसी एसेट को छोड़कर बॉन्ड मार्केट की तरफ रुख करने लगते हैं क्योंकि सोने में कोई ब्याज नहीं मिलता है। इससे सोने की होल्डिंग करने का खर्च बढ़ जाता है और लोग बिकवाली करने लगते हैं।
बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी काफी ऊंचे लेवल पर बनी हुई हैं जिसने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आमतौर पर सोने को महंगाई के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है लेकिन मौजूदा समय में डॉलर की मजबूती ने इस पर ज्यादा असर डाला है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाने की वजह से भी निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशक अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि आने वाले समय में इन देशों के बीच चल रहा टकराव किस दिशा में जाता है। जब तक अंतरराष्ट्रीय हालात पूरी तरह से साफ नहीं होते तब तक गोल्ड मार्केट में इसी तरह का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और कीमतों में अस्थिरता देखी जा सकती है।
ग्लोबल मार्केट में आई इस गिरावट का असर अब भारतीय रिटेल मार्केट में भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। स्थानीय सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में बड़े बदलाव दर्ज किए गए हैं। बुलियन मार्केट के मुताबिक, सोने का भाव आज 1,52,490 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊंचे लेवल पर बना हुआ है। सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जोरदार हलचल देखी जा रही है। बाजार में चांदी का ताजा भाव आज 2,43,380 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
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