मार्केट न्यूज़

5 min read | अपडेटेड June 19, 2026, 17:00 IST
सारांश
रिलायंस इंडस्ट्रीज की एजीएम में मुकेश अंबानी ने कई ऐतिहासिक एलान किए हैं। कंपनी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही फाइनेंशियल ईयर 2026 में रिलायंस ने रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट का नया रिकॉर्ड बनाया है।

मुकेश अंबानी ने कंपनी के फ्यूचर और जियो आईपीओ को लेकर बड़े एलान किए।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना आम बैठक (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने देश और दुनिया के सामने कंपनी की कामयाबी और फ्यूचर प्लान का एक शानदार खाका पेश किया है। रिलायंस ने बिजनेस के हर सेक्टर में नए रिकॉर्ड बनाए हैं, चाहे वह टेलीकॉम हो, रिटेल हो या फिर टेक्नोलॉजी और एआई का क्षेत्र। इस बैठक में निवेशकों को जिस खबर का सबसे बेसब्री से इंतजार था, वह भी आखिरकार सामने आ गई है। मुकेश अंबानी ने रिलायंस को एक नए दौर में ले जाने के लिए 10 बड़े एलान किए हैं, जो आने वाले समय में भारतीय बाजार और डिजिटल दुनिया की पूरी तस्वीर को बदल कर रख देंगे।
मुकेश अंबानी ने एजीएम में निवेशकों को सबसे बड़ी खुशखबरी देते हुए बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर को अपनी हरी झंडी दे दी है। जिसके बाद ड्राफ्ट पेपर को आज ही बाजार रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर दिया गया है।
कंपनी की ऑपरेशनल परफॉर्मेंस इस साल भी बेहद दमदार रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में रिलायंस ने कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए अब तक का सबसे ज्यादा 11,75,919 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया है। इसके साथ ही कंपनी ने 95,754 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नेट प्रॉफिट भी कमाया है। यही नहीं, रिलायंस का एबिटडा भी बढ़कर 2,07,911 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दिखाता है।
रिलायंस के दो सबसे बड़े बिजनेस ने इस साल अपनी यात्रा के बड़े पड़ाव पूरे कर लिए हैं। बाजार में जियो ने अपने शानदार 10 साल पूरे कर लिए हैं, जबकि रिलायंस रिटेल ने कामयाबी के 20 साल पूरे कर लिए हैं। मुकेश अंबानी ने बताया कि ये दोनों ही बिजनेस अपने-अपने सेक्टर्स में देश में नंबर 1 पोजीशन पर मजबूती से बने हुए हैं और लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर मुकेश अंबानी का विजन बहुत बड़ा है। उनका मानना है कि भारत को सिर्फ दूसरे विकसित देशों की एआई तकनीक का इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद तकनीक का क्रिएटर यानी निर्माता बनना चाहिए। इसी सोच के साथ कंपनी ने रिलायंस इंटेलिजेंस नाम से एक नया ग्रोथ इंजन शुरू किया है, जो देश को एआई क्षेत्र में दुनिया का लीडर बनाएगा।
तकनीक की दुनिया को मजबूत करने के लिए रिलायंस ने ग्लोबल कंपनी मेटा के साथ एक बहुत बड़ी पार्टनरशिप की है। रिलायंस और मेटा मिलकर गुजरात के जामनगर में एक बहुत बड़ा एआई-इनेबल्ड डेटा सेंटर डेवलप करने जा रहे हैं। यह डेटा सेंटर भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहद मजबूत बनाएगा और नई तकनीकों को बढ़ावा देगा।
जामनगर में बनाया जा रहा भारत का सोवरेन एआई बैकबोन पर्यावरण के अनुकूल होगा। यह पूरा सिस्टम पूरी तरह से रिलायंस के सोलर प्लांट से मिलने वाली क्लीन एनर्जी यानी हरित ऊर्जा से चलाया जाएगा। साल 2026 के आखिर तक इसका पहला 120 मेगावाट का हिस्सा पूरी तरह चालू हो जाएगा, जो पर्यावरण और तकनीक का एक बेहतरीन तालमेल होगा।
टेलीकॉम सेक्टर में जियो ने एक नया और बड़ा टारगेट सेट किया है। कंपनी ने लक्ष्य रखा है कि साल 2030 तक अपने सभी पुराने और नए ग्राहकों को पूरी तरह से 5G नेटवर्क पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी देश को 6G टेक्नोलॉजी में भी दुनिया का लीडर बनाने की तैयारी में जुट गई है, ताकि फ्यूचर की जरूरतों को आज ही पूरा किया जा सके।
रिलायंस अब अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी कदम बढ़ाने जा रही है। जियो भारत को स्पेस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने के लिए खुद का सोवरेन लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट नेटवर्क बनाने की संभावनाओं पर तेजी से काम कर रहा है। इसके सुचारू संचालन के लिए भारत के भीतर ही ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, जिससे देश की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
तकनीक और नए आविष्कारों के मामले में जियो प्लेटफॉर्म्स ने दुनिया भर में भारत का नाम रोशन किया है। कंपनी ने डब्ल्यूआईपीओ की ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग में दुनिया के टॉप 20 संस्थानों में अपनी जगह बना ली है। यह कामयाबी दिखाती है कि कंपनी रिसर्च और डेवलपमेंट के काम को कितनी गंभीरता से ले रही है।
मनोरंजन की दुनिया में जियोहॉटस्टार ने एक नया इतिहास रच दिया है। यह 1 बिलियन से ज्यादा डाउनलोड पार करने वाला भारत का पहला पेड ओटीटी प्लेटफॉर्म बन गया है। इसके शानदार वित्तीय नतीजों की बात करें तो फाइनेंशियल ईयर 2026 में जियोस्टार का कुल रेवेन्यू 34,917 करोड़ रुपये रहा है, जबकि कंपनी ने 3,434 करोड़ रुपये का शानदार नेट प्रॉफिट भी दर्ज किया है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख