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  1. ₹297.50 करोड़ का ऑर्डर मिलते ही सरपट भागे ओसवाल पंप्स के शेयर, स्कूलों में करेंगे ये खास काम

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₹297.50 करोड़ का ऑर्डर मिलते ही सरपट भागे ओसवाल पंप्स के शेयर, स्कूलों में करेंगे ये खास काम

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड September 23, 2026, 11:23 IST

सारांश

ओसवाल पंप्स को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि उसे तेलंगाना रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (TGREDCO) से तेलंगाना के 33 जिलों में 9,937 सरकारी स्कूलों में 2 kW, 5 kW और 10 kW के ऑन-ग्रिड सोलर रूफटॉप PV पावर प्लांट के डिजाइन, सप्लाई, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग का ऑर्डर मिला है।

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ओसवाल पंप्स

ओसवाल पंप्स को तेलंगाना के 9,937 सरकारी स्कूलों में 46.7 MW के रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट के लिए ₹273.19 करोड़ का ऑर्डर मिला (Photo: Shutterstock)

ओसवाल पंप्स लिमिटेड के शेयरों में आज दमदार तेजी देखी गई है। 11 बजे के आस-पास ओसवाल पंप्स के शेयर 5.5% से ज्यादा यानी कि 15-16 रुपये उछलकर करीब 290 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड हो रहे थे। ओसवाल पंप्स को एक बड़ा ऑर्डर मिला है, जिसके बाद आज एक समय कंपनी के शेयर 296.35 रुपये प्रति शेयर तक भी पहुंच गए थे। ओसवाल पंप्स लिमिटेड ने इस ऑर्डर की डीटेल्स एक्सचेंज फाइलिंग में शेयर की है। ओसवाल पंप्स को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि उसे तेलंगाना रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (TGREDCO) से तेलंगाना के 33 जिलों में 9,937 सरकारी स्कूलों में 2 kW, 5 kW और 10 kW के ऑन-ग्रिड सोलर रूफटॉप PV पावर प्लांट के डिजाइन, सप्लाई, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग का ऑर्डर मिला है। इस प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 46,705 kW (46.7 MW) है और इसमें मोनो PERC/TOPCON सोलर मॉड्यूल के साथ-साथ सामान्य स्ट्रक्चर, RMS और पांच साल तक व्यापक रखरखाव (मेंटेनेंस) शामिल है। GST को छोड़कर, कुल कोटेड वैल्यू 273.19 करोड़ रुपये है।

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इस प्रोजेक्ट से तेलंगाना के शिक्षण संस्थानों में रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनाने में मदद मिलने और राज्य के व्यापक स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों में योगदान करने की उम्मीद है। ओसवाल पंप्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक गुप्ता ने कहा, 'हमें तेलंगाना के 9,937 सरकारी स्कूलों में 46.7 MW की रूफटॉप सोलर क्षमता विकसित करने के लिए TGREDCO से यह ऑर्डर मिलने पर खुशी है। यह तेलंगाना से हमारा पहला बड़ा ऑर्डर है और नए बाजारों में ओसवाल पंप्स की मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इतने बड़े पैमाने के प्रोग्राम के लिए सफल बोलीदाता के रूप में चुने जाना हमारी तकनीकी और निष्पादन क्षमताओं की मजबूती को दर्शाता है। हम गुणवत्ता, समय पर डिलीवरी और लंबे समय तक बेहतर परफॉर्मेंस पर पूरा ध्यान देते हुए इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और राज्य के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों में योगदान करते हुए तेलंगाना में अपनी मौजूदगी स्थापित करने के लिए उत्सुक हैं।'

ओसवाल पंप्स लिमिटेड के बारे में

ओसवाल पंप्स भारत की सबसे तेजी से बढ़ने वाली, वर्टिकली इंटीग्रेटेड सोलर पंप निर्माता कंपनियों में से एक है। पंप इंजीनियरिंग और निर्माण में दो दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, कंपनी टर्नकी सोलर पंपिंग सिस्टम की पूरी तरह से इंटीग्रेटेड प्रदाता है। इसने सोलर-पावर्ड और ग्रिड-कनेक्टेड सबमर्सिबल और मोनोब्लॉक पंप, इलेक्ट्रिक मोटर और सोलर मॉड्यूल के क्षेत्र में मजबूत मौजूदगी स्थापित की है- ये सभी भरोसेमंद 'ओसवाल' ब्रांड के तहत बेचे जाते हैं। कंपनी के पास ISO 9001:2015, ISO 45001:2018 और ISO 14001:2015 सर्टिफिकेशन हैं और यह नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की 'अप्रूव्ड लिस्ट ऑफ मॉडल्स एंड मैन्युफैक्चरर्स' (ALMM) में शामिल है। पूरे भारत में मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, कई देशों में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी और एक फोकस्ड डिज़ाइन और इंजीनियरिंग टीम के साथ, ओसवाल पंप्स खेती, घरों और इंडस्ट्री के क्षेत्रों में ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करना जारी रखे हुए है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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