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3 min read | अपडेटेड September 23, 2026, 09:44 IST
सारांश
मार्च 1974 में बनी, जिंदल सुप्रीम (इंडिया) लिमिटेड पिछले पांच दशकों से इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल कामों के लिए स्टील पाइप, ट्यूब और दूसरे स्टील प्रोडक्ट्स बनाने और सप्लाई करने का काम कर रही है।

जिंदल सुप्रीम (इंडिया) आईपीओ की लिस्टिंग (Photo: Shutterstock)
जिंदल सुप्रीम (इंडिया) लिमिटेड के शेयरों की आज मार्केट एंट्री हो गई है। जिंदल सुप्रीम (इंडिया) लिमिटेड के शेयर एनएसई पर 29.03% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। इस तरह से निवेशकों को प्रति शेयर 27 रुपये का लिस्टिंग गेन मिला है। एक लॉट में कुल 161 शेयर रखे गए थे, ऐसे में प्रति लॉट निवेशकों को 4,347 रुपये का प्रॉफिट मिला है। जिंदल सुप्रीम आईपीओ 124.88 करोड़ रुपये का बुक-बिल्ड इश्यू है। इस इश्यू में 99.89 करोड़ रुपये के 1.07 करोड़ नए शेयर और 24.99 करोड़ रुपये के 26.87 लाख शेयरों की बिक्री का ऑफर (OFS) शामिल है। जिंदल सुप्रीम आईपीओ के लिए बोली 16 सितंबर, 2026 को शुरू हुई थी और 18 सितंबर, 2026 को खत्म हो गई थी। जिंदल सुप्रीम IPO के लिए शेयरों का अलॉटमेंट 21 सितंबर, 2026 को तय किया गया था। जिंदल सुप्रीम IPO की फाइनल इश्यू कीमत 93 रुपये प्रति शेयर तय की गई। एप्लीकेशन के लिए लॉट साइज 161 शेयरों का रखा गया। एक व्यक्तिगत निवेशक (रिटेल) के लिए जरूरी न्यूनतम निवेश राशि 14,973 रुपये (161 शेयर) तय की गई।।
जिंदल सुप्रीम आईपीओ 177.03 गुना सब्सक्राइब हुआ था। 18 सितंबर, 2026 को शाम 4:05:58 बजे (तीसरे दिन) तक, इस पब्लिक इश्यू को रिटेल कैटेगरी में 141.75 गुना, QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में 126.41 गुना और NII कैटेगरी में 326.84 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
मार्च 1974 में बनी, जिंदल सुप्रीम (इंडिया) लिमिटेड पिछले पांच दशकों से इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल कामों के लिए स्टील पाइप, ट्यूब और दूसरे स्टील प्रोडक्ट्स बनाने और सप्लाई करने का काम कर रही है। इसके प्रोडक्ट्स में माइल्ड स्टील (MS) ब्लैक पाइप और ट्यूब, गैल्वेनाइज्ड पाइप, मेटल बीम क्रैश बैरियर और गैल्वेनाइज्ड आयरन (GI) ट्यूबलर पोल शामिल हैं। ये प्रोडक्ट्स लागू भारतीय मानकों के अनुसार अलग-अलग साइज में बनाए जाते हैं और इनका इस्तेमाल पानी की सप्लाई और प्लंबिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन, सड़कों और हाईवे, पुलों, तेल और गैस, केमिकल, खेती और ग्रामीण बिजलीकरण जैसे कामों में किया जाता है।
कंपनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर के नए मौकों को देखते हुए अपने प्रोडक्ट्स की रेंज को लगातार बढ़ाया है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में, इसने W-बीम और थ्री-बीम मेटल क्रैश बैरियर बनाना शुरू किया, जिनका इस्तेमाल मुख्य रूप से सड़क सुरक्षा और हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाता है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में, इसने GI ट्यूबलर पोल के सेक्टर में भी विस्तार किया, जिनका इस्तेमाल स्ट्रीट लाइटिंग, बिजलीकरण प्रोजेक्ट्स और दूसरी पब्लिक यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए किया जाता है। कंपनी मुख्य रूप से B2B बिजनेस मॉडल पर काम करती है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्ट्रैक्टर सहित इंस्टीट्यूशनल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों को सीधे बिक्री की जाती है, साथ ही अपने डीलर नेटवर्क के जरिए भी ग्राहकों को सेवा दी जाती है।
कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हरियाणा के हिसार में है और इसमें मिल, वेल्डिंग प्लांट, गैल्वेनाइजिंग प्लांट और दूसरी मशीनरी लगी हुई हैं, साथ ही इन-हाउस मेंटेनेंस वर्कशॉप और टेस्टिंग इक्विपमेंट की सुविधा भी है। कंपनी ने मुख्य रूप से भारत के उत्तरी राज्यों में डीलरों का एक नेटवर्क बनाया है और वह अपने डीलर बेस को बढ़ाने और मौजूदा डीलरों से बिक्री की मात्रा बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
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