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4 min read | अपडेटेड September 22, 2026, 12:12 IST
सारांश
सरकारी कंपनी ONGC को ओडिशा तट के पास समुद्र में प्राकृतिक गैस की बड़ी खोज करने में सफलता मिली है। समुद्र मंथन मिशन के तहत हुई इस खोज से ओएनजीसी के साथ-साथ ऑफशोर ड्रिलिंग और ऑयलफील्ड सर्विसेज देने वाली कई दूसरी कंपनियों के शेयरों पर असर पड़ा है।
शेयर सूची

ओएनजीसी को महानदी बेसिन में गैस का नया भंडार मिला है।
सरकारी ऑयल कंपनी ओएनजीसी को भारत के पूर्वी तट पर समुद्र के भीतर प्राकृतिक गैस की बड़ी खोज करने में सफलता मिली है। कंपनी ने ओडिशा के कोणार्क से करीब 43 किलोमीटर दूर महानदी ऑफशोर बेसिन के MN-DW18-1-H-D कुएं में 18 सितंबर को गैस के भंडार का पता लगाया है। यह खोज सरकार के 84,084 करोड़ रुपये के समुद्र मंथन दीपवाटर एक्सप्लोरेशन कैंपेन का हिस्सा है। इस कुएं को 1,623 मीटर की टारगेट गहराई तक खोदा गया, जहां 1,441 से 1,452 मीटर की गहराई पर गैस का पता चला है। कंपनी के मुताबिक पिछले तीन दिनों से इस कुएं से बेहतर प्रेशर और फ्लो के साथ गैस बह रही है। ओडिशा तट से पास होने के कारण इसका तेजी से विकास किया जा सकता है। इस खबर के सामने आने के बाद शेयर बाजार में ओएनजीसी समेत इससे जुड़ी कई दूसरी कंपनियों के शेयरों में एक्शन देखने को मिल रहा है।
गैस की खोज की इतनी बड़ी खबर के बावजूद ओएनजीसी के शेयर पर थोड़ा दबाव देखने को मिला है। 22 सितंबर को ओएनजीसी का शेयर 0.66% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। दीपवाटर एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट्स को पूरी तरह चालू होने और कमर्शियल तौर पर तैयार होने में लंबा समय लगता है, जिसके कारण शेयर में यह सुस्ती दिखी है। इसी तरह ऑफशोर एक्सप्लोरेशन से जुड़ी हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनी यानी एचओईसी के शेयर में भी 0.76% की मंदी दर्ज की गई। एचओईसी ने हाल ही में मुंबई ऑफशोर बेसिन में एक नया कांट्रैक्ट हासिल किया है, लेकिन ONGC की इस खोज का सीधा असर इसके बिजनेस पर तुरंत नहीं पड़ता है।
ओएनजीसी की इस खोज से ऑफशोर ड्रिलिंग और ऑयलफील्ड सर्विसेज देने वाली कंपनियों के शेयरों को फायदा पहुंचा है। जिंदल ड्रिलिंग एंड इंडस्ट्रीज का शेयर 0.78% चढ़कर कारोबार कर रहा था। कंपनी के पास ओएनजीसी के साथ कई रिग्स काम कर रहे हैं और उसे हाल ही में जिंदल पायनियर रिग के लिए 45.8 लाख रुपये प्रति दिन की दर पर तीन साल का कांट्रैक्ट मिला है। वहीं दीप इंडस्ट्रीज का शेयर 1.88% की सबसे ज्यादा तेजी के साथ ट्रेड करता दिखा। ड्रिलिंग और गैस कंप्रेशन सर्विस देने वाली यह कंपनी अपनी सब्सिडियरी डॉल्फिन ऑफशोर के जरिए अपने ऑफशोर बिजनेस को तेजी से बढ़ा रही है।
इस खबर का असर डॉल्फिन ऑफशोर एंटरप्राइजेज और सीमेक लिमिटेड के शेयरों पर भी पॉजिटिव रहा। डॉल्फिन ऑफशोर का शेयर 0.11% बढ़कर ट्रेड कर रहा था, जिसे आने वाले दिनों में मरीन और सबसी सर्विसेज के नए कांट्रैक्ट्स मिलने की उम्मीद है। वहीं सीमेक लिमिटेड का शेयर भी 0.89% की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा था। सीमेक डाइविंग सपोर्ट और मेंटेनेंस की सर्विसेज देती है, जिनकी मांग समुद्र में एक्सप्लोरेशन का काम बढ़ने पर काफी ज्यादा हो जाती है।
महानदी बेसिन से सीधा कनेक्शन होने के कारण एंटीलोपस सेलान एनर्जी के शेयर में 0.12% की बढ़त दर्ज की गई। कंपनी के पास महानदी में डी-11 ऑफशोर ब्लॉक में 100% हिस्सेदारी है, जहां पहले से ही 6 गैस खोजों पर काम चल रहा है। ONGC की इस नई खोज से कंपनी के एसेट्स पर निवेशकों का ध्यान गया है। कुल मिलाकर देखें तो समुद्र मंथन स्कीम के तहत ऑफशोर एक्सप्लोरेशन बढ़ने से ड्रिलिंग रिग्स, मरीन वेसल्स और सबसी सर्विसेज की डिमांड बढ़ेगी। हालांकि इसका फायदा इन सहायक कंपनियों को तुरंत मिलने के बजाय लंबे समय में नए ऑर्डर्स के रूप में मिलने की उम्मीद है।
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