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4 min read | अपडेटेड September 23, 2026, 19:01 IST
सारांश
देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE का आईपीओ कल यानी 24 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहा है। तीन दिनों की बिडिंग के दौरान इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला है। आईपीओ कुल 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

एनएससी आईपीओ की लिस्टिंग कल बीएसई पर होने जा रही है।
देश के सबसे बड़े और प्रमुख शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के आईपीओ की कल यानी 24 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग होने जा रही है। भारतीय कैपिटल मार्केट के इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ में से एक इस मेगा इश्यू को लेकर निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखा गया है। 21 सितंबर को बिडिंग के आखिरी दिन शाम तक यह आईपीओ कुल 5.71 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ था। इस आईपीओ की लिस्टिंग बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर होगी, क्योंकि नियम के मुताबिक कोई भी एक्सचेंज अपने खुद के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं हो सकता है।
NSE के 22,561.57 करोड़ रुपये के इस आईपीओ को हर कैटेगरी के निवेशकों का बेहतर रिस्पॉन्स मिला है। बिडिंग के तीसरे दिन यानी 21 सितंबर तक मिले आंकड़ों के मुताबिक क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्युआईबी कैटेगरी में इस इश्यू को 12.68 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी एनआईआई कैटेगरी में आईपीओ 6.55 गुना भरा है। रिटेल इनवेस्टर्स की बात करें तो उनके लिए आरक्षित हिस्से को 1.39 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। इस तरह ओवरऑल इश्यू 5.71 गुना सब्सक्राइब होने में कामयाब रहा है।
यह पूरा आईपीओ 100 पर्सेंट ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस पर आधारित था। इसका मतलब यह है कि इस इश्यू के जरिए कोई भी नया शेयर जारी नहीं किया गया है। कंपनी के मौजूदा शेयरधारक जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ग्रुप, बैंक ऑफ बरोदा और अन्य बड़े विदेशी व घरेलू इनवेस्टर्स ने अपनी हिस्सेदारी बेची है। क्योंकि यह पूरी तरह से ओएफएस है, इसलिए आईपीओ से जुटाया गया पूरा पैसा शेयर बेचने वाले इनवेस्टर्स को ही मिलेगा। NSE को इस आईपीओ से कोई भी डायरेक्ट फंड हासिल नहीं होगा और कंपनी को अपनी भविष्य की जरूरतों के लिए अलग से नया फंड जुटाने की जरूरत नहीं है क्योंकि उसका कैश फ्लो पहले से काफी मजबूत है।
NSE का बिजनेस मॉडल काफी व्यापक और मजबूत है। यह देश में कैश मार्केट, इक्विटी डेरिवेटिव्स और करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में सबसे बड़ा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म मुहैया कराता है। ट्रेडिंग फीस के अलावा कंपनी लिस्टिंग फीस, डेटा सर्विसेज, इंडेक्स लाइसेंसिंग और क्लियरिंग कॉर्पोरेशन के जरिए बड़ा रेवेन्यू जनरेट करती है। कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में NSE का कुल रेवेन्यू लगभग 18,713 करोड़ रुपये रहा था। वहीं इस दौरान कंपनी ने 10,302 करोड़ रुपये से ज्यादा का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। एबिटा मार्जिन और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के मामले में NSE दुनिया के सबसे मजबूत एक्सचेंजों में गिना जाता है।
NSE का फ्यूचर प्लान अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी को और अधिक एडवांस बनाना है। देश में तेजी से बढ़ रहे रिटेल इनवेस्टर्स के बेस का फायदा सीधे NSE को मिल रहा है। कंपनी आने वाले दिनों में नए फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स लॉन्च करने, इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर यानी गिफ्ट सिटी में अपना कारोबार बढ़ाने और एल्गोरिदम व हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग के सुरक्षा मानकों को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। इसके साथ ही टियर टू और टियर थ्री शहरों में इनवेस्टर अवेयरनेस बढ़ाकर अपनी पहुंच को और ज्यादा गहरा करने की योजना है। लिस्टिंग के बाद NSE के शेयर की ट्रेडिंग बीएसई पर शुरू हो जाएगी, जिस पर कल पूरे बाजार की नजर रहने वाली है।
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