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  1. Small vs Mid vs Large Cap: कहां घूम रहा निवेशकों का पैसा, समझें क्यों घटा लार्जकैप का क्रेज?

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Small vs Mid vs Large Cap: कहां घूम रहा निवेशकों का पैसा, समझें क्यों घटा लार्जकैप का क्रेज?

Upstox

4 min read | अपडेटेड September 23, 2026, 16:46 IST

सारांश

AMFI के अगस्त महीने के आंकड़ों के अनुसार इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में कुल 29,329 करोड़ रुपये का इनफ्लो दर्ज किया गया है। इसमें स्मालकैप और मिडकैप फंड्स में निवेशकों ने सबसे ज्यादा पैसा लगाया है।

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AMFI के अगस्त डेटा के अनुसार स्मालकैप और मिडकैप म्यूचुअल फंड्स में निवेशकों ने सबसे ज्यादा निवेश किया है।

भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में रिटेल और संस्थागत निवेशकों का रुख तेजी से बदलता हुआ दिख रहा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया यानी AMFI द्वारा जारी अगस्त महीने के ताजा आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि निवेशकों का भरोसा लार्जकैप फंड्स के मुकाबले स्मालकैप और मिडकैप फंड्स पर ज्यादा मजबूत बना हुआ है। अगस्त के महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में कुल 29,329 करोड़ रुपये का बंपर इनफ्लो दर्ज किया गया है, जो कि पिछले चार महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि इस कुल इनफ्लो का आधे से ज्यादा हिस्सा अकेले स्मालकैप और मिडकैप कैटेगरी में जमा हुआ है, जबकि लार्जकैप कैटेगरी को बिकवाली का सामना करना पड़ा है।

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स्मालकैप और मिडकैप फंड्स में लगा सबसे ज्यादा पैसा

AMFI के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में स्मालकैप फंड्स निवेशकों की पहली पसंद बने रहे। इस कैटेगरी में कुल 7,973 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो आया, जो जुलाई में आए 7,767 करोड़ रुपये के इनफ्लो से भी ज्यादा है। इसके ठीक बाद मिडकैप फंड्स का नंबर रहा, जहां निवेशकों ने 6,989 करोड़ रुपये का नया निवेश किया। जुलाई महीने में मिडकैप फंड्स में 6,192 करोड़ रुपये आए थे। अगर इन दोनों कैटेगरी के आंकड़ों को मिला दिया जाए तो अगस्त में स्मालकैप और मिडकैप फंड्स में कुल 14,962 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है। एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी स्कीम्स में आए कुल पैसे में से 50 पर्सेंट से अधिक हिस्सेदारी केवल इन्हीं दो कैटेगरी की रही है। निवेशकों को लगता है कि आने वाले समय में स्माल और मिड साइज की कंपनियों की अर्निंग्स में तेज सुधार होगा, जिससे बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना ज्यादा है।

लार्जकैप फंड्स से लगातार दूसरे महीने निकला पैसा

एक तरफ जहां स्मालकैप और मिडकैप फंड्स में बंपर लिवाली हुई, वहीं दूसरी तरफ लार्जकैप फंड्स पर बिकवाली का दबाव बना रहा। अगस्त के दौरान लार्जकैप म्यूचुअल फंड स्कीम्स से 1,147 करोड़ रुपये का आउटफ्लो दर्ज किया गया है। यह लगातार दूसरा महीना है जब लार्जकैप फंड्स से निवेशकों ने अपना पैसा निकाला है। इससे पहले जुलाई में भी इस कैटेगरी से 1,322 करोड़ रुपये बाहर निकले थे। जानकारों का मानना है कि लार्जकैप कंपनियों के शेयर्स में हाल के दिनों में सुस्त ग्रोथ देखने को मिली है, जिसके कारण निवेशक बेहतर ग्रोथ ऑप्शंस की तलाश में अपना पैसा स्माल और मिडकैप स्कीम्स के साथ-साथ फ्लेक्सीकैप में शिफ्ट कर रहे हैं।

फ्लेक्सीकैप और SIP का नया रिकॉर्ड

स्माल और मिडकैप के अलावा डायवर्सिफाइड कैटेगरी में शामिल फ्लेक्सीकैप फंड्स ने भी निवेशकों को काफी आकर्षित किया है। अगस्त महीने में फ्लेक्सीकैप फंड्स में 5,059 करोड़ रुपये का नया निवेश आया, जो जुलाई के 4,709 करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं मल्टीकैप फंड्स में 3,732 करोड़ रुपये का इनफ्लो देखा गया। इसके अलावा भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए सबसे राहत की बात यह रही कि सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के जरिए होने वाला निवेश अपने ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया। अगस्त में एसआईपी के माध्यम से कुल 32,297 करोड़ रुपये का मंथली कलेक्शन दर्ज किया गया है। यह दिखाता है कि बाजार के उतार चढ़ाव के बावजूद छोटे और रिटेल निवेशक लगातार डिसिप्लिन्ड तरीके से शेयर बाजार में अपना पैसा लगा रहे हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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