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5 min read | अपडेटेड October 09, 2026, 09:58 IST
सारांश
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी TCS के शेयरों में है और यह 4.67 फीसदी उछलकर 2,173 रुपये के भाव पर पहुंच गया है। इसके अलावा Infosys, Coforge, Persistent Systems और Wipro में भी 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी नजर आई। इसके साथ ही HCL Tech और Tech Mahindra के शेयर भी 2 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए हैं।

TCS ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए थे।
IT सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में आज 09 अक्टूबर को जमकर खरीदारी हो रही है। आज के कारोबार में निफ्टी IT इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ 28,625.25 के स्तर पर पहुंच गया है। TCS, Infosys और Coforge समेत आज इंडेक्स में शामिल सभी शेयर हरे निशान पर ट्रेड करते दिखे। TCS ने FY27 की सितंबर तिमाही में मजबूत नतीजे जारी किए हैं, जिसका असर आज पूरे IT सेक्टर पर दिख रहा है। दूसरी तरफ अमेरिका ने कई IT कंपनियों के लिए परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम को सस्पेंड किया है। हालांकि, TCS का कहना है कि इसका उसके कामकाज पर कुछ खास असर नहीं पड़ेगा।
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी TCS के शेयरों में है और यह 4.67 फीसदी उछलकर 2,173 रुपये के भाव पर पहुंच गया है। इसके अलावा Infosys, Coforge, Persistent Systems और Wipro में भी 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी नजर आई। इसके साथ ही HCL Tech और Tech Mahindra के शेयर भी 2 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए हैं।
अमेरिका के लेबर सेक्रेटरी ने कहा है कि लेबर डिपार्टमेंट Infosys, Tata Consultancy Services (TCS), Wipro और HCLTech को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से निलंबित कर रहा है। इसके तहत विभाग इन कंपनियों से जुड़े नए परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन एप्लीकेशन को स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही, पहले से लंबित आवेदनों पर भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
इस पर TCS ने 9 अक्टूबर की सुबह कहा कि उसने अमेरिकी सरकार की घोषणा पर ध्यान दिया है और वह वहां के श्रम विभाग के निर्देशों का पालन करेगी। TCS ने बताया कि अमेरिका में उसकी कर्मचारियों से जुड़ी रणनीति मुख्य रूप से स्थानीय लोगों को नौकरी देने पर आधारित है। इसके लिए कंपनी कैंपस रिक्रूटमेंट मॉडल का भी इस्तेमाल करती है। कंपनी के मुताबिक, अमेरिका में उसके 31 ऑफिस और डिलीवरी सेंटर हैं, जहां उसने बड़ी संख्या में स्थानीय कर्मचारियों को नियुक्त किया है।
कंपनी ने यह भी कहा कि अगले पांच साल में अमेरिका में 15,000 अतिरिक्त लोगों को नौकरी देने की योजना है। TCS के अनुसार, पिछले दो साल में उसके PERM आवेदनों की संख्या सिंगल डिजिट में थी। इसी वजह से कंपनी को उम्मीद नहीं है कि इस प्रोग्राम के सस्पेंड होने से उसकी कर्मचारियों से जुड़ी रणनीति या ग्राहकों के साथ कामकाज पर असर पड़ेगा।
TCS ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए थे। जुलाई-सितंबर 2026 के दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 15% बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 12,075 करोड़ रुपये था। कंपनी का ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 11.22% बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले साल की समान अवधि में यह 65,799 करोड़ रुपये था।
TCS के कुल रेवेन्यू में करीब 10% योगदान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े कारोबार का रहा। कंपनी का सालाना आधार पर अनुमानित AI रेवेन्यू बढ़कर 3.1 अरब डॉलर हो गया, जो पिछली तिमाही में 2.6 अरब डॉलर था।
कंपनी की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर आरती सुब्रमण्यम के मुताबिक बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस, मैन्युफैक्चरिंग और लाइफ साइंसेज जैसे क्षेत्रों में AI से होने वाली कमाई सबसे तेज गति से बढ़ रही है।
TCS ने Porsche AG के साथ 5 साल की रणनीतिक साझेदारी की है और Porsche की जर्मनी स्थित मैनेजमेंट और IT कंसल्टिंग कंपनी MHP का अधिग्रहण करने का समझौता किया है। इसके अलावा, TCS ने Best Buy के भारत स्थित Global Capability Center (GCC) को अपने अधीन लेने और उसे AI Capability Center (AICC) में बदलने का समझौता किया है।
TCS के CEO और MD के. कृतिवासन ने कहा कि कंपनी को सभी अंतरराष्ट्रीय बाजारों और ज्यादातर उद्योगों में अच्छी और व्यापक वृद्धि देखने को मिली है। Porsche और Best Buy के साथ हुए ये दोनों सौदे सामान्य IT सेवाओं से अलग हैं। इनके जरिए TCS अपने ग्राहकों के साथ मिलकर ऐसे प्लेटफॉर्म बना रही है, जिनसे AI का बड़े स्तर पर इस्तेमाल और उसे औद्योगिक स्तर पर लागू करना आसान होगा।
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1 रुपये की फेस वैल्यू पर प्रति इक्विटी शेयर ₹12 का दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर, 2026 तय की गई है। कंपनी ने कहा, "दूसरा अंतरिम डिविडेंड शुक्रवार, 30 अक्टूबर, 2026 को कंपनी के इक्विटी शेयरहोल्डर्स को दिया जाएगा। यह डिविडेंड उन शेयरहोल्डर्स को मिलेगा जिनके नाम बुधवार, 14 अक्टूबर, 2026 को 'रजिस्टर ऑफ मेंबर्स' या डिपॉजिटरी के रिकॉर्ड में शेयरों के 'बेनिफिशियल ओनर' के तौर पर दर्ज हैं।"
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