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ITC Share News: GQG Partners ने घटाई हिस्सेदारी, ₹9,395 करोड़ की ब्लॉक डील में कौन-कौन शामिल?

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड October 09, 2026, 09:42 IST

सारांश

ITC में हिस्सेदारी बेचना, इस साल GQG द्वारा की गई कई हिस्सेदारी बिक्री में से एक है। जून तिमाही के दौरान, इसने अडानी ग्रुप की कंपनियों में 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की हिस्सेदारी बेची।

शेयर सूची

आईटीसी लिमिटेड

ITC के 36.5 करोड़ शेयरों की बड़ी डील, Fidelity और ICICI Prudential समेत ये बने खरीदार (Photo: Shutterstock)

आज आईटीसी लिमिटेड के शेयरों में कुछ तेजी देखने को मिल रही है। मार्केट खुलते ही आईटीसी लिमिटेड के शेयर ग्रीन में ट्रेड होते दिखे। सुबह 9:30 बजे आईटीसी लिमिटेड के शेयर करीब 2% यानी कि 4-5 रुपये चढ़कर 258-259 रुपये प्रति शेयर के आस-पास ट्रेड हो रहे थे। गुरुवार को ITC के शेयरों में 4% से ज्यादा की गिरावट आई थी। BSE पर यह स्टॉक 254.05 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए थे, जबकि NSE पर यह 4.03% गिरकर 255 रुपये पर बंद हुए थे। गुरुवार को हुई ब्लॉक डील्स के ऑफिशियल डेटा से पता चला है कि GQG पार्टनर्स ने FMCG कंपनी ITC में अपनी 2.91% हिस्सेदारी बेच दी है। BSE के डेटा के मुताबिक अमेरिका की इन्वेस्टमेंट फर्म GQG पार्टनर्स ने अपने फंड के जरिए 14 किश्तों में ITC के 36,50,84,221 शेयर बेचे हैं। यह कोलकाता की इस कंपनी में 2.91% हिस्सेदारी के बराबर है। ये शेयर औसतन 257.35 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर बेचे गए, जिससे कुल डील वैल्यू 9,395.44 करोड़ रुपये रही। यह ट्रांजैक्शन ऐसे समय में हुआ है जब GQG पार्टनर्स भारतीय कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है।

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इसके अलावा, UK के सबसे पुराने और सबसे बड़े इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स में से एक, अलायंस विटन (Alliance Witan) ने 41.46 करोड़ रुपये में ITC के 16.11 लाख शेयर बेचे। BSE के शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक, जून तिमाही के आखिर में GQG Partners के पास अपने फंड के जरिए ITC में 1.06% हिस्सेदारी थी, जबकि गोल्डमैन सैक्स ट्रस्ट II – गोल्डमैन सैक्स GQG पार्टनर्स इंटरनेशनल अपॉर्चुनिटीज फंड के पास कंपनी में 2.06% हिस्सेदारी थी।

GQG पार्टनर्स, गोल्डमैन सैक्स एसेट मैनेजमेंट की ओर से गोल्डमैन सैक्स GQG पार्टनर्स इंटरनेशनल अपॉर्चुनिटीज फंड को मैनेज करता है। इस बीच, कई घरेलू और विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने उसी कीमत पर उतने ही शेयर खरीदे।

ITC ब्लॉक डील के प्रमुख खरीदारों की लिस्ट

अमेरिका की फिडेलिटी इंटरनेशनल अपनी एक शाखा के जरिए सबसे बड़ी खरीदार बनकर उभरी। उसने 3,448.49 करोड़ रुपये में ITC के 13.4 करोड़ शेयर खरीदे, जो कंपनी में लगभग 1.07% हिस्सेदारी के बराबर है। SBI, कोटक महिंद्रा, मिरे एसेट, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, निप्पॉन इंडिया, ICICI प्रूडेंशियल और एडलवाइस द्वारा मैनेज किए जाने वाले कई म्यूचुअल फंड ने भी इस सौदे में हिस्सा लिया। ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और बजाज लाइफ भी अन्य खरीदारों में शामिल थे। अन्य विदेशी संस्थागत खरीदारों में अमेरिका की घिसालो कैपिटल मैनेजमेंट, BNP पारिबा, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स सिंगापुर और मॉर्गन स्टेनली शामिल थे।

GQG की धड़ाधड़ बिकवाली

ITC में हिस्सेदारी बेचना, इस साल GQG द्वारा की गई कई हिस्सेदारी बिक्री में से एक है। जून तिमाही के दौरान, इसने अडानी ग्रुप की कंपनियों में 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की हिस्सेदारी बेची। जून में, GQG पार्टनर्स ने GMR एयरपोर्ट्स में 1.8% हिस्सेदारी 1,906 करोड़ रुपये में बेची और अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में अपनी हिस्सेदारी 5,747 करोड़ रुपये में कम की। मई में, इसने अडानी एंटरप्राइजेज के 58.92 लाख शेयर 1,435 करोड़ रुपये में बेचे, जबकि अडानी ग्रीन एनर्जी में 960 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए। इससे पहले अप्रैल में, GQG ने ITC होटल्स में लगभग 1% हिस्सेदारी 197 करोड़ रुपये में बेची थी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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