मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड June 08, 2026, 10:49 IST
सारांश
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में आईटी और मेटल इंडेक्स पर भारी दबाव देखा जा रहा है। ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों के कारण आईटी और मेटल सेक्टर्स के बड़े शेयरों में भारी गिरावट आई है। विप्रो, टीसीएस और टाटा स्टील जैसे दिग्गज शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।

भारतीय आईटी इंडेक्स आज दबाव में है। | Image: Shutterstock.
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ्ते की शुरुआत काफी चिंताजनक रही है। ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर और खराब संकेतों के कारण भारतीय बाजार के दो बड़े सेक्टर्स, आईटी और मेटल में भारी दबाव देखा जा रहा है। अमेरिकी बाजार के नैस्डैक कंपोजिट में शुक्रवार को हुई 4 पर्सेंट की भारी गिरावट का सीधा असर आज घरेलू मार्केट पर पड़ा है। हफ्ते के पहले ही दिन आईटी इंडेक्स में शुरुआती कारोबार के दौरान ही डेढ़ पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके चलते निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया है।
आईटी सेक्टर के शेयरों में आज चौतरफा बिकवाली देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में इंडेक्स के लगभग सभी शेयर लाल निशान में चले गए थे। दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो को आज सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है और इसका शेयर चार से पांच पर्सेंट से भी ज्यादा टूट गया है। इसके अलावा देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस, इन्फोसिस और पर्सिस्टेंट के शेयरों में भी एक पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट देखी गई है। टेक महिंद्रा सुबह के समय इकलौता ऐसा शेयर था जो हरे निशान में कारोबार कर रहा था, लेकिन बाजार के भारी दबाव के चलते वह भी कुछ समय के लिए लाल निशान में आ गया था। बाद में बाजार में कुछ शेयरों में मामूली रिकवरी भी देखने को मिली है। NSE के डेटा के अनुसार, निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.59 पर्सेंट यानी 171.35 पॉइंट की गिरावट के साथ 28,838.95 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसमें टीसीएस 1.21 पर्सेंट और विप्रो 5.46 पर्सेंट की गिरावट के साथ बने हुए हैं, जबकि कोफोर्स, टेक महिंद्रा और पर्सिस्टेंट जैसी कंपनियों के शेयरों में मामूली बढ़त के साथ रिकवरी की कोशिश की जा रही है।
आईटी सेक्टर के साथ-साथ मेटल सेक्टर के शेयरों पर भी सोमवार को मंदी का बड़ा असर दिख रहा है। NSE के डेटा के मुताबिक, निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.29 पर्सेंट यानी 170.70 पॉइंट की बड़ी गिरावट के साथ 13,050.95 के स्तर पर आ गया है। मेटल पैक में शामिल लगभग सभी दिग्गज कंपनियां भारी बिकवाली का सामना कर रही हैं। टाटा स्टील का शेयर 1.00 पर्सेंट गिरकर 204.70 रुपये पर आ गया है, जबकि अडाणी एंटरप्राइजेज में 0.99 पर्सेंट की कमजोरी देखी जा रही है। सबसे ज्यादा गिरावट सेल यानी एसएआईएल के शेयर में है जो 2.93 पर्सेंट टूट चुका है। इसके अलावा हिंडाल्को 1.84 पर्सेंट, वेदांता 1.90 पर्सेंट, नेशनल एल्युमिनियम 2.75 पर्सेंट और हिंदुस्तान कॉपर 1.45 पर्सेंट की गिरावट के साथ लाल निशान में बने हुए हैं। जेएसडब्ल्यू स्टील का शेयर भी 1.20 पर्सेंट नीचे आ गया है।
मार्केट के जानकारों का कहना है कि निफ्टी आईटी इंडेक्स के लिए यह गिरावट एक बड़ा झटका है, क्योंकि यह इंडेक्स इस साल की शुरुआत से अब तक करीब 24 पर्सेंट तक करेक्ट हो चुका है। वहीं अगर पिछले एक साल की अवधि को देखें तो यह इंडेक्स 23 पर्सेंट से ज्यादा नीचे आ चुका है। बाजार में हाल ही में जो थोड़ी बहुत बढ़त या बाउंस देखने को मिला था, वह पूरी तरह से एक डेड कैट बाउंस की तरह साबित हुआ है। इसका साफ मतलब यह है कि मार्केट अभी आईटी सेक्टर की कंपनियों के अर्निंग्स में किसी भी तरह की मजबूत और लंबी रिकवरी को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
आईटी कंपनियों के सामने इस समय कई बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं, जिनके कारण उनका रेवेन्यू और कामकाज प्रभावित हो रहा है। पहला बड़ा कारण यह है कि वैश्विक स्तर पर कंपनियां अपने डिस्क्रेशनरी टेक्नोलॉजी खर्च में लगातार कटौती कर रही हैं। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के आने से पुराने आउटसोर्सिंग मॉडल्स में बड़ा व्यवधान पैदा हो रहा है। कंपनियों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि उनके रेवेन्यू ग्रोथ में कब तक सुधार होगा, इसे लेकर फ्यूचर की कोई भी स्थिति साफ तौर पर दिखाई नहीं दे रही है।
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