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4 min read | अपडेटेड June 03, 2026, 09:32 IST
सारांश
सरकारी बिजली कंपनी एनएचपीसी का ऑफर फॉर सेल (OFS) आज यानी 3 जून से रिटेल निवेशकों के लिए खुल गया है। सरकार कंपनी में 6 पर्सेंट हिस्सेदारी बेच रही है, जिससे करीब 4,200 करोड़ रुपये जुटने की उम्मीद है। पहले दिन नॉन-रिटेल निवेशकों की तरफ से इसे बंपर रिस्पॉन्स मिला है।

रिटेल निवेशकों के लिए खुला एनएचपीसी का ओएफएस, पहले दिन मिली बंपर सफलता। Image: Shutterstock
सरकारी बिजली कंपनी NHPC लिमिटेड के शेयर आज यानी बुधवार 3 जून को शेयर बाजार में भारी चर्चा में रहने वाले हैं। सरकार द्वारा कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए लाया गया ऑफर फॉर सेल यानी OFS आज से आम यानी रिटेल निवेशकों और कंपनी के कर्मचारियों के लिए पूरी तरह खुल गया है। सरकार इस वित्त वर्ष में तीसरी बार किसी सरकारी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है। इस OFS के तहत सरकार ने NHPC के शेयरों के लिए 71 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है, जिस पर आज आम जनता बोली लगा सकती है। मंगलवार को गैर-रिटेल निवेशकों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद आज रिटेल हिस्से में भी भारी डिमांड की उम्मीद की जा रही है। मंगलवार को एनएसई पर कंपनी का शेयर 6.36% की गिरावट के साथ 72.29 रुपये पर बंद हुआ था।
नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए यह OFS मंगलवार 2 जून को खुला था, जहां इसे निवेशकों का बहुत ही शानदार साथ मिला। पहले ही दिन यह OFS 3.47 गुना ओवरसब्सक्राइब हो गया। निवेशकों के इस जबरदस्त उत्साह को देखते हुए सरकार ने OFS के तहत पूरा ग्रीन शू ऑप्शन इस्तेमाल करने का बड़ा फैसला लिया है। निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग यानी डीआईपीएएम के सेक्रेटरी अरुणिश चावला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस सफलता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निवेशकों की तरफ से बेहद उत्साहजनक रिस्पॉन्स मिला है और आवंटन प्राइस प्रायोरिटी के आधार पर किया जाएगा। सरकार ने अब 3% के बेस ऑफर के साथ-साथ अतिरिक्त 3% का ग्रीन शू ऑप्शन भी पूरी तरह लागू कर दिया है।
सरकार इस OFS के जरिए NHPC में कुल 6% हिस्सेदारी बेच रही है, जिसमें 3% बेस ऑफर और 3% ग्रीन शू ऑप्शन शामिल है। इस हिस्सेदारी बिक्री के तहत कुल 60.27 करोड़ से ज्यादा शेयरों की बिक्री की जा रही है। 71 रुपये प्रति शेयर के तय फ्लोर प्राइस पर इस पूरी हिस्सेदारी को बेचने से सरकारी खजाने को करीब 4,200 करोड़ रुपये की बड़ी रकम हासिल होगी। यह फ्लोर प्राइस सोमवार को बीएसई पर बंद हुई कीमत 77.19 रुपये के मुकाबले करीब 8% के डिस्काउंट पर तय किया गया था। सोमवार को भी कंपनी के शेयरों में करीब 2.07% की मामूली गिरावट देखी गई थी।
मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान किसी पब्लिक सेक्टर कंपनी में सरकार की तरफ से हिस्सेदारी बेचने का यह तीसरा बड़ा मामला है। इससे ठीक पिछले हफ्ते सरकार ने कोल इंडिया में अपनी 2% हिस्सेदारी बेचकर 5,542 करोड़ रुपये जुटाए थे। वहीं मई के महीने में सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अपनी 8.08% हिस्सेदारी बेचकर 2,266 करोड़ रुपये की कमाई की थी। NHPC के OFS से पहले इस साल सरकार कुल 7,808 करोड़ रुपये का विनिवेश पूरा कर चुकी है। आपको बता दें कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन के जरिए कुल 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का बड़ा लक्ष्य रखा है, जो पिछले वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान 33,837 करोड़ रुपये के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है।
NHPC लिमिटेड (जिसे पहले नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन के नाम से जाना जाता था) भारत सरकार के बिजली मंत्रालय के तहत काम करने वाली एक प्रतिष्ठित नवरत्न पब्लिक सेक्टर कंपनी है। इस कंपनी की शुरुआत साल 1975 में की गई थी और आज यह 1.5 लाख करोड़ रुपये की ऑथराइज्ड कैपिटल के साथ भारत की सबसे बड़ी जल विद्युत यानी हाइड्रोपावर डेवलपमेंट कंपनी बन चुकी है। सरकार ने कंपनी के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड और बेहतरीन काम को देखते हुए अगस्त 2024 में इसे नवरत्न कंपनी का दर्जा दिया था। इससे पहले साल 2008 से इस कंपनी के पास मिनीरत्न कैटेगरी-1 का स्टेटस था। आज इस OFS में रिटेल निवेशकों के पास सस्ते दाम पर इस बड़ी कंपनी का हिस्सेदार बनने का बेहतरीन मौका है।
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