पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड June 02, 2026, 16:02 IST
सारांश
अगर आप 10 लाख रुपये से ज्यादा की नई कार खरीदने जा रहे हैं, तो डीलर आपसे 1 पर्सेंट TCS वसूलता है। यह कोई अतिरिक्त टैक्स या नुकसान नहीं है, बल्कि सरकार के पास जमा आपका एडवांस टैक्स है। आप ITR फाइल करते समय इस पूरे पैसे का रिफंड क्लेम कर सकते हैं।

नई कार की खरीद पर कटने वाले टीसीएस का रिफंड पाने का आसान तरीका। | Image: Shutterstock
अगर आप अपने लिए 10 लाख रुपये से ज्यादा की कोई नई कार खरीदने की सोच रहे हैं या हाल ही में खरीदी है, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। अक्सर जब आप शोरूम पर कार की बुकिंग करते हैं, तो डीलर आपको कार की एक्स-शोरूम कीमत के साथ 1 पर्सेंट एक्स्ट्रा चार्ज जोड़कर बिल देता है। इस एक्स्ट्रा चार्ज को TCS यानी टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स कहा जाता है। कई लोग इसे कोई अतिरिक्त पेनाल्टी या शोरूम का कोई छुपा हुआ खर्च मान लेते हैं, लेकिन असल में ऐसा बिल्कुल नहीं है। यह पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है और सरकार के पास आपकी अमानत के रूप में जमा रहता है। आप इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करते समय इस पूरे पैसे को वापस पा सकते हैं या अपने टैक्स में एडजस्ट करा सकते हैं।
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 206C(1F) के तहत सरकार का यह नियम है कि जब भी कोई व्यक्ति 10 लाख रुपये से अधिक कीमत की नई कार खरीदता है, तो डीलर को खरीदार से 1 पर्सेंट का TCS वसूलना अनिवार्य होता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह नियम केवल नई कारों पर लागू होता है, सेकंड हैंड यानी पुरानी कारों की खरीद-बिक्री पर यह नियम लागू नहीं होता है। यह 1 पर्सेंट का TCS आपके पैन कार्ड के साथ लिंक होकर सीधे सरकारी खाते में जमा हो जाता है। यह पैसा एक तरह से आपके एडवांस टैक्स की तरह काम करता है, जिसे आप बाद में आसानी से क्लेम कर सकते हैं।
इस TCS का रिफंड आपको कितना मिलेगा, यह पूरी तरह से आपकी सालाना कमाई और आपकी टैक्स देनदारी पर निर्भर करता है। मान लीजिए कि आपकी सालाना टोटल इनकम टैक्स फ्री सीमा के अंदर आती है और आपको सरकार को कोई टैक्स नहीं देना है, तो ऐसी स्थिति में आप कार खरीदते वक्त कटे पूरे 1 पर्सेंट TCS का 100 पर्सेंट रिफंड वापस पा सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ अगर आपकी कमाई पर टैक्स बनता है, तो यह TCS अमाउंट आपके कुल टैक्स बिल में से घटा दिया जाएगा। उदाहरण के लिए अगर आपका कुल टैक्स 50,000 रुपये बनता है और कार खरीदते समय आपका 15,000 रुपये का TCS कटा था, तो अब आपको केवल 35,000 रुपये ही टैक्स चुकाना होगा। अगर आपका कुल टैक्स 10,000 रुपये बनता है और TCS 15,000 रुपये कटा है, तो बाकी बचे 5,000 रुपये सीधे आपके बैंक अकाउंट में वापस आ जाएंगे।
इस पैसे को वापस पाने के लिए आपको किसी बहुत मुश्किल प्रोसेस से गुजरने की जरूरत नहीं है, बस आपके पास दो मुख्य चीजें होनी चाहिए। पहली चीज है फॉर्म 27डी, जिसे TCS सर्टिफिकेट भी कहा जाता है। कार खरीदते समय आपको अपने डीलर से इस फॉर्म की मांग जरूर करनी चाहिए। यह इस बात का पक्का सबूत होता है कि डीलर ने आपके नाम से सरकार को कितना TCS जमा किया है। दूसरी जरूरी चीज है फॉर्म 26AS, जिसे आप इनकम टैक्स की ऑफिशियल वेबसाइट पर लॉग इन करके आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। आपको बस यह चेक करना है कि डीलर द्वारा काटा गया TCS अमाउंट आपके फॉर्म 26AS में पूरी तरह से दिखाई दे रहा है या नहीं। अगर वहां यह अमाउंट अपडेट हो चुका है, तो आप रिफंड के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
कार TCS का रिफंड पाने का एकमात्र और सबसे सही तरीका इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करना है। जब आप असेसमेंट ईयर के लिए अपना ITR फॉर्म भरते हैं, तो वहां आपको एडवांस टैक्स या TCS क्लेम करने का विकल्प मिलता है। वहां आपको अपने फॉर्म 27D के मुताबिक डिटेल्स भरनी होंगी। इसके बाद आपका यह अमाउंट आपके फाइनल टैक्स कैलकुलेशन में जुड़ जाएगा। रिटर्न फाइल करने से पहले यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि आपका पैन कार्ड और आधार कार्ड आपस में पूरी तरह लिंक हो। इसके साथ ही आपका बैंक अकाउंट भी आपके पैन से लिंक होना चाहिए और इनकम टैक्स पोर्टल पर वैलिडेट होना चाहिए। ITR प्रोसेस पूरा होने और उसका ई-वेरिफिकेशन होने के कुछ समय बाद रिफंड का पैसा सीधे आपके उसी वैलिडेटेड बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है।
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