मार्केट न्यूज़
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4 min read | अपडेटेड November 08, 2026, 08:47 IST
सारांश
मुहूर्त ट्रेडिंग दिवाली के दिन आयोजित होने वाला शेयर बाजार का विशेष ट्रेडिंग सेशन है। यह लक्ष्मी पूजा के अवसर पर होता है और हिंदू कैलेंडर के नए संवत की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। भारतीय शेयर बाजार में इस दिन ट्रेडिंग की एक पुरानी परंपरा है।

अलग-अलग तरह के शेयरों और सौदों के लिए एक्सचेंजों ने अलग-अलग टाइमिंग तय की है।
दिवाली के मौके पर आज यानी 8 नवंबर को शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग होगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) इस खास ट्रेडिंग सेशन का आयोजन करेंगे। इस दिन से हिंदू कैलेंडर के नए साल संवत 2083 की शुरुआत भी होगी। NSE और BSE पर मुख्य इक्विटी ट्रेडिंग सेशन दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक चलेगा।
इसके अलावा अलग-अलग तरह के शेयरों और सौदों के लिए एक्सचेंजों ने अलग-अलग टाइमिंग तय की है। ऐसे में अगर आप आज शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने की योजना बना रहे हैं, तो पूरा शेड्यूल और सेटलमेंट के नियम जानना जरूरी है।
NSE और BSE पर मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत दोपहर 2:05 बजे प्री-ओपन सेशन के साथ होगी। निवेशक 2:10 बजे तक मार्केट और लिमिट ऑर्डर लगा सकेंगे, उनमें बदलाव कर सकेंगे या उन्हें कैंसिल कर सकेंगे। इसके बाद 2:10 से 2:15 बजे तक केवल लिमिट ऑर्डर की अनुमति होगी। दोपहर 2:15 से 2:17 बजे तक ऑर्डर का मिलान और ट्रेड कन्फर्मेशन होगा। इसके बाद 2:20 बजे से नियमित ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी, जो 3:30 बजे तक चलेगी।
ब्लॉक डील के लिए दोपहर 1:50 बजे से 2:05 बजे तक अलग विंडो रहेगी। वहीं, आईपीओ और दोबारा लिस्ट होने वाली कंपनियों के शेयरों के लिए स्पेशल प्री-ओपन सेशन 2:05 से 2:50 बजे तक चलेगा। इसमें ऑर्डर मैचिंग 2:50 से 3:05 बजे तक होगी और इसके बाद 3:05 से 3:30 बजे तक लगातार ट्रेडिंग की जा सकेगी। कम लिक्विडिटी वाले शेयरों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। इनमें दोपहर 2:25 से 3:10 बजे तक ऑर्डर दिए जा सकेंगे और 3:10 से 3:20 बजे तक उनका मिलान होगा।
कुछ पात्र शेयरों के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) भी आयोजित होगा। इन शेयरों में नियमित ट्रेडिंग 3:15 बजे समाप्त हो जाएगी। इसके बाद रेफरेंस प्राइस तय करने की प्रक्रिया चलेगी। 3:20 से 3:30 बजे तक क्लोजिंग ऑक्शन के लिए ऑर्डर दिए जा सकेंगे। शुरुआती पांच मिनट में मार्केट और लिमिट दोनों तरह के ऑर्डर स्वीकार होंगे, जबकि 3:25 से 3:30 बजे तक केवल लिमिट ऑर्डर लगाए जा सकेंगे।
इसके बाद 3:30 से 3:35 बजे तक ऑर्डर मैचिंग और ट्रेड कन्फर्मेशन होगा। 3:50 बजे तक ट्रांजिशन पीरियड रहेगा। वहीं, CAS के दायरे में नहीं आने वाले शेयरों के लिए क्लोजिंग सेशन 3:30 से 3:50 बजे तक चलेगा। पात्र शेयरों के लिए पोस्ट-क्लोजिंग सेशन 3:50 से शाम 4 बजे तक होगा।
कमोडिटी बाजार में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए MCX ने भी अलग शेड्यूल जारी किया है। एक्सचेंज पर स्पेशल ट्रेडिंग सेशन दोपहर 2:05 से 2:19 बजे तक चलेगा। इसके बाद मुख्य ट्रेडिंग सेशन 2:20 से 3:30 बजे तक होगा। MCX के 19 अक्टूबर के सर्कुलर के मुताबिक, इस दौरान सभी कमोडिटी और इंडेक्स के कॉन्ट्रैक्ट में ट्रेडिंग की जा सकेगी। क्लाइंट कोड में बदलाव करने की सुविधा दोपहर 3:45 बजे तक उपलब्ध रहेगी।
मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान किए गए सौदों का सेटलमेंट भी एक्सचेंज के तय नियमों के मुताबिक ही होगा। NSE क्लियरिंग के 21 अक्टूबर के सर्कुलर के अनुसार, 8 नवंबर को इक्विटी बाजार में किए गए सौदों का सेटलमेंट 9 नवंबर को होगा।
यह सेटलमेंट T+1 सिस्टम के तहत किया जाएगा। इसके मुताबिक, ट्रेडिंग वाले दिन के अगले कारोबारी दिन सौदों का निपटान होता है। NSE क्लियरिंग ने 9 नवंबर को शाम 4:30 बजे पे-इन और रात 9 बजे पे-आउट का समय तय किया है। यानी निवेशकों को अपने सौदों की रकम और शेयरों से जुड़ी सेटलमेंट प्रक्रिया इसी शेड्यूल के अनुसार पूरी करनी होगी।
मुहूर्त ट्रेडिंग दिवाली के दिन आयोजित होने वाला शेयर बाजार का विशेष ट्रेडिंग सेशन है। यह लक्ष्मी पूजा के अवसर पर होता है और हिंदू कैलेंडर के नए संवत की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। भारतीय शेयर बाजार में इस दिन ट्रेडिंग की एक पुरानी परंपरा है। कई निवेशक इसे नए साल में निवेश की शुरुआत करने और शेयर खरीदने के लिए शुभ मानते हैं। कुछ लोग इस मौके पर प्रतीकात्मक रूप से भी शेयर खरीदते हैं। हालांकि, मुहूर्त ट्रेडिंग का समय शुभ माना जाता है, लेकिन इसमें किए गए निवेश पर भी बाजार का जोखिम लागू होता है। इसलिए केवल परंपरा या शुभ मुहूर्त को देखकर निवेश करने के बजाय कंपनी की स्थिति, शेयर की कीमत और अपनी निवेश क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।
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