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  1. दिवाली से पहले शेयर बाजार में बंपर आतिशबाजी, 8.5% से ज्यादा चढ़े सेंसेक्स और निफ्टी, FIIs ने झोंके 38 हजार करोड़

मार्केट न्यूज़

दिवाली से पहले शेयर बाजार में बंपर आतिशबाजी, 8.5% से ज्यादा चढ़े सेंसेक्स और निफ्टी, FIIs ने झोंके 38 हजार करोड़

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड November 06, 2026, 19:44 IST

सारांश

दिवाली से पहले बीते कारोबारी हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार में ऐतिहासिक तेजी रही। सेंसेक्स 6,568 अंक और निफ्टी 1,977 अंक चढ़कर बंद हुआ। कच्चे तेल में गिरावट, विदेशी निवेशकों की 38,971 करोड़ की लिवाली और जीएसटी कलेक्शन में 23% उछाल ने बाजार में दिवाली जैसी आतिशबाजी कर दी।

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दिवाली से पहले बीते हफ्ते शेयर बाजार में बंपर तेजी देखने को मिली और सेंसेक्स-निफ्टी रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए। Image: Shutterstock.

दिवाली से ठीक पहले बीते कारोबारी हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार में जबर्दस्त आतिशबाजी देखने को मिली। बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने बीते हफ्ते 8.50% से अधिक की ऐतिहासिक छलांग लगाई। कच्चे तेल की गिरती कीमतों, मजबूत होते रुपये, विदेशी निवेशकों की आक्रामक खरीदारी और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने दलाल स्ट्रीट का जोश कई गुना बढ़ा दिया। इसके अलावा अमेरिकी चुनाव के बाद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीद और पश्चिम एशिया तनाव घटने की संभावनाओं ने भी बाजार को सहारा दिया। 6 नवंबर को समाप्त हफ्ते में सेंसेक्स 6,568.49 अंक यानी 8.82% उछलकर 81,028.02 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 50 भी 1,977.25 अंक यानी 8.58% की तूफानी बढ़त के साथ 25,030.35 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

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अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों और जीएसटी से मिला दम

बीते हफ्ते बाजार को घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों से बड़ा संबल मिला। अक्टूबर में सकल जीएसटी कलेक्शन सालाना 22.9% बढ़कर 2.31 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हालांकि मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 55.1 से हल्का गिरकर 54.7 पर आया, लेकिन यह 50 के स्तर से काफी ऊपर बना हुआ है। दूसरी तरफ सर्विस सेक्टर में शानदार तेजी रही और सर्विसेज पीएमआई अक्टूबर में चार महीने के उच्चतम स्तर 55.8 पर पहुंच गया। वहीं कंपोजिट पीएमआई भी सुधरकर 56.2 दर्ज हुआ। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक ने छोटे सर्विस एक्सपोर्टर्स और इंपोर्टर्स के लिए नियमों को आसान किया, जिसका सकारात्मक असर बाजार पर दिखा। वहीं जीटीआरआई के अनुसार राजनीतिक घटनाक्रम से भारत-अमेरिका ट्रेड डील दो महीने में पूरी हो सकती है।

विदेशी निवेशकों ने की 38,971 करोड़ की बंपर खरीदारी

शेयर बाजार की इस ऐतिहासिक रैली की सबसे बड़ी ताकत विदेशी संस्थागत निवेशक यानी एफआईआई रहे। बीते हफ्ते विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार के इक्विटी सेगमेंट में जमकर खरीदारी की। आंकड़ों के अनुसार एफआईआई ने इक्विटी में 1,16,230.90 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 77,259.85 करोड़ रुपये की बिक्री की, जिससे बाजार में शुद्ध रूप से 38,971.05 करोड़ रुपये का भारी इनफ्लो आया। इसके साथ ही डेट सेगमेंट में भी विदेशी निवेशकों ने 4,319.14 करोड़ रुपये की शुद्ध लिवाली की। हालांकि हाइब्रिड सेगमेंट से 120.84 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई। वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत के व्यापार समझौते आने वाले समय में घरेलू उत्पादों को 85 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक बाजारों तक पहुंच दिलाएंगे।

सेक्टर्स का हाल और टॉप गेनर्स-लूजर्स की स्थिति

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 10.77%, रियल्टी 10.22%, फाइनेंस 9.75% और ऑटो इंडेक्स 9.21% चढ़े, जबकि बीएसई पर एक भी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद नहीं हुआ। एनएसई पर बैंक निफ्टी 8.04% उछलकर 59,086 के स्तर पर बंद हुआ। शेयरों में इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन 17.13% की छलांग के साथ निफ्टी का टॉप गेनर रही, क्योंकि दूसरी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस घटकर 1,878.60 करोड़ रुपये रह गया। वहीं बजाज फाइनेंस 15.85% चढ़कर दूसरा बड़ा गेनर बना। दूसरी तरफ पावर ग्रिड कॉरपोरेशन 0.04% की मामूली गिरावट के साथ निफ्टी का इकलौता लूजर रहा, क्योंकि कंपनी ने अपने ऑपरेशनल गाइडेंस में संशोधन किया था।

तकनीकी मोर्चे पर निफ्टी 50 ने हफ्ते के दौरान 22,905.10 का निचला स्तर और 25,030.35 का उच्चतम स्तर छुआ। आने वाले हफ्ते में 23,613.52 और 22,196.68 निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट स्तर रहेंगे, जबकि 25,738.77 और 26,447.18 पर रुकावट देखने को मिल सकती है। अगले हफ्ते निवेशकों की नजर 12 नवंबर को आने वाले अक्टूबर महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई महंगाई आंकड़ों पर रहेगी। इसके अलावा 13 नवंबर को बैंक लोन, डिपॉजिट ग्रोथ और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े आएंगे। साथ ही कल्याण ज्वेलर्स, एमआरएफ, कोचीन शिपयार्ड, टाटा पावर और ग्रासिम जैसी कंपनियों के नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी महंगाई दर और क्रूड ऑयल इन्वेंट्री के आंकड़ों पर भी बाजार की नजर रहेगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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