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4 min read | अपडेटेड November 06, 2026, 22:34 IST
सारांश
ग्राहक हल्के वजन के और 18 कैरेट के आभूषणों के साथ अपनी जेब के अनुकूल उत्पादों को तरजीह दे रहे हैं। इसके साथ जीजेसी को धनतेरस पर चांदी की बिक्री के मूल्य में भी 30% और मात्रा में 10% बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने उमड़े ग्राहक, कारोबार में रिकॉर्ड उछाल के आसार (Photo: Shutterstock)
सोने और चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में आई गिरावट से धनतेरस पर कीमती धातुओं की खरीदारी को प्रोत्साहन मिला। आभूषण कारोबारियों को इस मौके पर सोने की बिक्री का मूल्य सालाना आधार पर 15-20% बढ़कर करीब 60,000 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है, लेकिन अपेक्षाकृत ऊंची कीमतों के कारण बिक्री की मात्रा पिछले साल के लगभग बराबर ही रह सकती है। अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने आज कहा कि सोना-चांदी की खरीद के लिए पवित्र माने जाने वाले दिन धनतेरस पर देशभर में सोने का कुल कारोबार करीब 60,000 करोड़ रुपये रहने का शुरुआती अनुमान है।
उन्होंने कहा कि पिछले चार से छह महीने में सोने की कीमतों में आई नरमी से बाजार में खरीदारी को लेकर धारणा बेहतर हुई है। ग्राहक हल्के वजन के और 18 कैरेट के आभूषणों के साथ अपनी जेब के अनुकूल उत्पादों को तरजीह दे रहे हैं। इसके साथ जीजेसी को धनतेरस पर चांदी की बिक्री के मूल्य में भी 30% और मात्रा में 10% बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय राजधानी में 24 कैरेट सोने का भाव शुक्रवार को टैक्स समेत 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। यह कीमत 29 जनवरी को दर्ज 1,83,000 रुपये के रिकॉर्ड स्तर से करीब 20% कम है। हालांकि, पिछले साल धनतेरस पर इसका भाव 1,32,400 रुपये था।
इस दौरान चांदी का भाव भी इस साल जनवरी के 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर से 52.4% की बड़ी गिरावट के साथ 1,92,500 रुपये (टैक्स समेत) पर आ गया है। हालांकि यह अब भी पिछले साल के धनतेरस के 1,70,000 रुपये के भाव से अधिक है। जीजेसी के वाइस चेयरमैन अविनाश गुप्ता ने कहा कि इस बार दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही पिछले साल से अधिक रही है और पहले से मिली बुकिंग ने भी बाजार की धारणा मजबूत की है। पश्चिम और उत्तर भारत के बाजारों में गतिविधियां अधिक देखने को मिल रही हैं।
एमएमटीसी-पैम्प के प्रबंध निदेशक समित गुहा ने कहा कि ग्राहक अब बड़े आकार की खरीदारी करने के बजाय छोटे सिक्के और छड़ें खरीद रहे हैं और अलग-अलग कीमतों पर किस्तों में निवेश कर रहे हैं। कल्याण ज्वेलर्स के कार्यकारी निदेशक रमेश कल्याणरमन ने कहा कि कीमतों में गिरावट से त्योहारी खरीदारी को अतिरिक्त बढ़ावा मिला है। ग्राहक पेंडेंट, चूड़ियां, चेन और सोने-चांदी के छोटे सिक्के खरीद रहे हैं। जयपुर, देहरादून, सूरत, बेलगावी, आरा और रायपुर जैसे छोटे शहरों में भी मांग अच्छी है।
कई आभूषण विक्रेताओं ने धनतेरस पर बिक्री बढ़ने की बात कही है। सेन्को गोल्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शुभंकर सेन ने कहा कि कंपनी की बिक्री का मूल्य पिछले साल की तुलना में 25% से अधिक बढ़ा है। इसमें ग्राहकों की बढ़ी आवाजाही और शादी-ब्याह के लिए खरीदारी का योगदान है। पीसी ज्वेलर्स के प्रबंध निदेशक बलराम गर्ग के मुताबिक, धनतेरस पर कंपनी की बिक्री मात्रा में 30-35% और मूल्य में 45-50% की वृद्धि हुई है।
अखिल भारतीय जौहरी एवं स्वर्णकार महासंघ ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देशभर में सोने और चांदी की बिक्री 66,000 करोड़ रुपये से अधिक रही है। दिल्ली के सर्राफा बाजारों में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ है। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद के चेयरमैन किरीट भंसाली ने कहा कि कीमतें ऊंची होने से ग्राहक खरीदारी को लेकर अधिक सोच-समझकर फैसले ले रहे हैं, लेकिन इससे खरीदारी की इच्छा कम नहीं हुई है। पुराने सोने के बदले नए आभूषण खरीदने और शादी-ब्याह की मांग से बाजार को समर्थन मिल रहा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत) सचिन जैन ने कहा कि आभूषणों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही अच्छी रही। ग्राहक आभूषणों के अलावा सिक्के, सोने की छड़ें, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) और डिजिटल गोल्ड में भी खरीदारी कर रहे हैं।
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