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  1. भारतीय बाजार में लौटी FIIs की रौनक, जानें किन शेयरों पर लगातार दांव लगा रहे हैं विदेशी निवेशक

मार्केट न्यूज़

भारतीय बाजार में लौटी FIIs की रौनक, जानें किन शेयरों पर लगातार दांव लगा रहे हैं विदेशी निवेशक

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड August 25, 2026, 13:38 IST

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी हो रही है। अगस्त में अब तक एफपीआई ने 23,544 करोड़ रुपये का निवेश किया है। बाजार की मामूली गिरावट के बीच विदेशी निवेशक मैक्स फाइनेंशियल, UPL, हिंडालको और पॉलीकैब जैसे चुनिंदा शेयरों में लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।

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भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों का भरोसा फिर लौट रहा है और वे चुनिंदा शेयरों में लगातार खरीदारी कर रहे हैं। Image: Shutterstock.

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को निचले स्तरों पर हुई खरीदारी की बदौलत शुरुआती सुस्ती दूर होती दिखी। दोपहर के समय सेंसेक्स मामूली 23.83 पॉइंट यानी 0.03% की गिरावट के साथ 77,345.28 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 39.90 पॉइंट यानी 0.16% फिसलकर 24,179.15 के स्तर पर बना हुआ था। बाजार की इस चाल के बीच सबसे राहत की बात यह है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI का भरोसा भारतीय बाजार पर फिर से लौट रहा है। पिछले दो सेशन की बिकवाली के सिलसिले को तोड़ते हुए विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने सोमवार को 1,181.66 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसके साथ ही विदेशी निवेशक पिछले कुछ तिमाहियों से चुनिंदा मिडकैप और लार्जकैप शेयरों पर अपना दांव लगातार बढ़ा रहे हैं। एसीई इक्विटी (ACE Equity) के आंकड़ों के मुताबिक, मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज, यूपीएल, हिंडालको और पॉलीकैब जैसे शेयर एफआईआई के पसंदीदा बने हुए हैं।

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अगस्त में विदेशी निवेशकों की जोरदार वापसी

अगस्त के महीने में अब तक FPI ने भारतीय शेयरों में 23,544 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया है। इससे पहले जुलाई के महीने में भी विदेशी निवेशकों ने करीब 20,200 करोड़ रुपये भारतीय बाजार में लगाए थे। कंपनियों के बेहतर पहली तिमाही के नतीजों, रुपये की स्थिरता और कंपनियों की अच्छी ग्रोथ की उम्मीदों ने विदेशी निवेशकों का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि अगर पूरे साल 2026 के कुल आंकड़ों को देखें तो FPI अब तक करीब 2.3 लाख करोड़ रुपये भारतीय बाजार से निकाल चुके हैं।

यह आंकड़ा साल 2025 में हुई 1.66 लाख करोड़ रुपये की कुल निकासी से भी ज्यादा है। इससे पहले मार्च से जून तक लगातार चार महीनों में भारी बिकवाली हुई थी, जिसमें जून में 49,340 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और मार्च में करीब 1.17 लाख करोड़ रुपये की निकासी हुई थी, जबकि फरवरी में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश आया था।

इन शेयरों में FIIs ने लगातार बढ़ाई हिस्सेदारी

एसीई इक्विटी के आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी निवेशक अब हर शेयर में पैसा लगाने के बजाय चुनिंदा कंपनियों पर ही ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। डेटा के मुताबिक, जून 2025 से जून 2026 तक की पिछली पांच तिमाहियों में एफआईआई ने कई कंपनियों में अपनी होल्डिंग लगातार बढ़ाई है। इसमें मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे आगे है, जहां FIIs की हिस्सेदारी जून 2025 के 44.71% से बढ़कर जून 2026 में 48.06% हो चुकी है। इसी तरह यूपीएल लिमिटेड में एफआईआई होल्डिंग 34.90% से बढ़कर 42.39% पर पहुंच गई है।

मिडकैप और अन्य सेक्टर्स में भी बढ़ा भरोसा

एसीई इक्विटी के आंकड़ों के अनुसार, हिंडालको इंडस्ट्रीज में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी जून 2025 के 27.60% से बढ़कर जून 2026 में 31.41% हो गई है। द ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी में यह 24.63% से बढ़कर 31.03% हुई है। वहीं पॉलीकैब इंडिया में एफआईआई की हिस्सेदारी 11.45% से बढ़कर 19.00% पर पहुंच गई है। इसके अलावा एमटीएआर टेक्नोलॉजीज में हिस्सेदारी 7.57% से बढ़कर 24.79%, जीई वर्नोवा टीएंडडी इंडिया में 14.49% से बढ़कर 22.89%, द साउथ इंडियन बैंक में 17.58% से बढ़कर 25.39% और कमिंस इंडिया में 17.50% से बढ़कर 21.19% हो गई है। एएए टेक्नोलॉजीज, क्लारा इंडस्ट्रीज, शांति एजुकेशन, जीएमआर एयरपोर्ट्स, अबांस फाइनेंस और अबांस एंटरप्राइजेज जैसे शेयरों में भी एफआईआई ने अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ाई है, जहां फ्यूचर में ग्रोथ की बेहतर संभावनाएं दिख रही हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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