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  1. US ने ईरान से जुड़ी 60 एंटिटीज पर लगाया प्रतिबंध, क्रूड ऑयल समेत इन वजहों से बढ़ी बिकवाली

मार्केट न्यूज़

US ने ईरान से जुड़ी 60 एंटिटीज पर लगाया प्रतिबंध, क्रूड ऑयल समेत इन वजहों से बढ़ी बिकवाली

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड August 25, 2026, 11:21 IST

सारांश

अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। सोमवार को अमेरिका ने अन्य देशों को चेतावनी दी कि वे ईरान के साथ अपने व्यापारिक संबंध खत्म कर लें, वरना उन्हें 'सेकेंडरी सैंक्शन' का सामना करना पड़ सकता है।

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क्रूड ऑयल की कीमत अभी भी 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है।

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में आज 25 अगस्त को एक बार फिर बिकवाली का दबाव है। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 223 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 77146.03 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी करीब 91 अंकों की कमजोरी के साथ 24128.85 के लेवल पर आ गया। अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। इस बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में भी तेजी जारी है। यहां हम समझेंगे कि बाजार में आज गिरावट क्यों आई है।

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अमेरिका का ईरान पर आर्थिक शिकंजा

अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। सोमवार को अमेरिका ने अन्य देशों को चेतावनी दी कि वे ईरान के साथ अपने व्यापारिक संबंध खत्म कर लें, वरना उन्हें 'सेकेंडरी सैंक्शन' का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिका ने इसे "इकोनॉमिक D-डे" का नाम दिया। हालांकि, ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने अभी कोई जुर्माना नहीं लगाया है।

ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने 60 लोगों, संस्थाओं और जहाजों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की, लेकिन इस सूची में चीन के वित्तीय संस्थानों का नाम नहीं था। दूसरी तरफ ईरान ने भी इसके बदले में खाड़ी देशों से तेल निर्यात रोकने की धमकी दी है।

महंगा क्रूड ऑयल

क्रूड ऑयल की कीमत अभी भी 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 90.44 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। इस समय निवेशक ईरान पर अमेरिका के नए प्रतिबंधों के असर का आकलन कर रहे हैं। बता दें कि भारत अपनी ज्यादातल तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में महंगे क्रूड ऑयल से भारत का आयात बिल बढ़ता है।

ग्लोबल मार्केट से कमजोर संकेत

ग्लोबल मार्केट में कमजोरी भी आज भारतीय बाजार में दबाव के पीछे एक बड़ी वजह है। बीते कारोबारी दिन अमेरिकी शेयर बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Dow Jones Industrial में मामूली बढ़त नजर आई। हालांकि S&P 500 और Nasdaq Composite इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।

दूसरी तरफ आज एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुझान दिख रहा है। बाजार में बड़ी टेक कंपनियों, खासकर सेमीकंडक्टर और एआई-संबंधित शेयरों में बिकवाली नजर आ रही है। इस बीच Hang Seng, SET Composite और Jakarta Composite पर दबाव दिख रहा है।

ज्यादातर सेक्टर्स पर दबाव

आज NSE पर ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स में बिकवाली का दबाव है। निफ्टी ऑटो, FMCG, IT, मेटल, फार्मा, प्राइवेट बैंक, रियल्टी, हेल्थकेयर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑयल एंड गैस, केमिकल्स और सीमेंट समेत ज्यादातर इंडेक्स लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। इन सेक्टर्स पर दबाव ने भी बाजार को नीचे खींच लिया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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