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  1. LIC ओएफएस पर टूट पड़े निवेशक, पहले दिन 3.32 गुना हुआ सब्सक्राइब, अब 'ग्रीनशू' ऑप्शन की बारी

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LIC ओएफएस पर टूट पड़े निवेशक, पहले दिन 3.32 गुना हुआ सब्सक्राइब, अब 'ग्रीनशू' ऑप्शन की बारी

Upstox

4 min read | अपडेटेड August 05, 2026, 08:00 IST

सारांश

एलआईसी ने शेयर मार्केट को दी सूचना में बताया कि सरकार ने अधिक बोली आने पर उसे रखने के विकल्प का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके तहत करीब 50.60 करोड़ अतिरिक्त इक्विटी शेयर (निगम की कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी का 4%) की बिक्री की जाएगी।

एलआईसी

एलआईसी की बिक्री पेशकश को अच्छी प्रतिक्रिया (Photo: Shutterstock)

पब्लिक सेक्टर की भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की 6.5% हिस्सेदारी बिक्री को मंगलवार को संस्थागत निवेशकों से जबर्दस्त रिऐक्शन मिला। निवेशकों ने इसके लिए 36,400 करोड़ रुपये की बोलियां लगाईं। यह किसी बिक्री पेशकश (OFS) के लिए अबतक की सबसे ज्यादा बोली है। एलआईसी के आईपीओ के चार साल बाद अब सरकार बिक्री पेशकश (ओएफएस) के जरिए देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी में अपनी 6.5% अतिरिक्त हिस्सेदारी बेच रही है। इस ओएफएस का साइज आगामी बड़े आईपीओ जैसे एनएसई और रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित निर्गमों के बराबर है। सरकार ने आईपीओ के तहत एलआईसी में 3.5% हिस्सेदारी बेचकर 21,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। ओएफएस में 2.5% आधार पेशकश शामिल है, जबकि इसमें 4% का ‘ग्रीनशू’ यानी अतिरिक्त बोली आने पर उसे रखने का ऑप्शन रखा गया है। इसके इस्तेमाल से कुल बिक्री का साइज 6.5% हो जाएगा, जिसमें एलआईसी के 82.22 करोड़ शेयर शामिल हैं। संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 94.45 करोड़ से अधिक शेयर के लिए बोली लगाई। इन बोलियों का इंडिकेटिव प्राइस 383.84 रुपये प्रति शेयर रहा। इस कीमत पर बोलियों का कुल मूल्य करीब 36,400 करोड़ रुपये बैठता है।

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एलआईसी ने शेयर मार्केट को दी सूचना में बताया कि सरकार ने अधिक बोली आने पर उसे रखने के विकल्प का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके तहत करीब 50.60 करोड़ अतिरिक्त इक्विटी शेयर (निगम की कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी का 4%) की बिक्री की जाएगी। एलआईसी ने कहा कि पेशकश का 10% यानी 8.22 करोड़ शेयर खुदरा निवेशकों के लिए उपलब्ध होंगे, जो बुधवार यानी कि आज बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने कहा, ‘कट-ऑफ कीमत यानी निर्धारित अंतिम कीमत पर बोली लगाने वाले केवल रिटेल निवेशकों और कर्मचारियों को प्रति इक्विटी शेयर 10 रुपये की छूट दी जाएगी।’

कैसा रहा LIC के शेयरों का मंगलवार को प्रदर्शन?

निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि एलआईसी ओएफएस के लिए संस्थागत निवेशकों ने इसकी मूल पेशकश के मुकाबले 3.32 गुना अधिक बोली लगायी है। उन्होंने कहा, ‘यह उत्साहपूर्ण भागीदारी मजबूत निवेशक भरोसे और भारत के पूंजी बाजारों की मजबूती को बताती है।’ एलआईसी का शेयर मंगलवार को बीएसई में 7.86% टूटकर 391 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 4.95 लाख करोड़ रुपये रहा। बिक्री पेशकश के लिए 382 रुपये प्रति शेयर का न्यूनतम मूल्य तय किया गया है, जो सोमवार के बीएसई के बंद भाव 424.35 रुपये से 10% कम है। न्यूनतम कीमत पर 82.22 करोड़ से अधिक शेयर यानी 6.5% हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार को करीब 31,000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।

मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में OFS से सरकार ने जुटाया कितना फंड?

यह हिस्सेदारी बिक्री एलआईसी को बाजार नियामक सेबी की न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता की अनिवार्यता को तय समय से पहले पूरा करने में मदद करेगी। सेबी ने एलआईसी को 16 मई, 2027 तक न्यूनतम 10 प्रतिशत सार्वजनिक हिस्सेदारी हासिल करने का समय दिया है। फिलहाल एलआईसी में सरकार की हिस्सेदारी 96.5% है। सरकार ने इससे पहले मई, 2022 में आईपीओ के जरिये एलआईसी की 3.5% हिस्सेदारी बेची थी। उस समय प्रति शेयर कीमत दायरा 902-949 रुपये था और इससे करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। एलआईसी के निदेशक मंडल ने अप्रैल, 2026 में एक के बदले एक ‘बोनस शेयर’ जारी करने को मंजूरी दी थी। सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक सात सार्वजनिक उपक्रमों में हिस्सेदारी बिक्री और भारतीय यूनिट ट्रस्ट के निर्दिष्ट उपक्रम (एसयूयूटीआई) से प्राप्त राशि के जरिये 21,082 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

PTI इनपुट के साथ

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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