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4 min read | अपडेटेड May 26, 2026, 13:26 IST
सारांश
मैग्नेट वाइंडिंग वायर्स का एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी KSH इंटरनेशनल के शेयरों में मंगलवार को भारी तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर लगभग 14.96 पर्सेंट उछलकर 799 रुपये के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह बड़ी तेजी कंपनी के चौथी तिमाही के शानदार वित्तीय नतीजों के बाद आई है।
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चौथी तिमाही के शानदार नतीजों के बाद KSH इंटरनेशनल के शेयरों में आई भारी तेजी। | Image: kshinternational.com
शेयर बाजार में मंगलवार को KSH इंटरनेशनल के शेयरों ने धमाल मचा दिया। मैग्नेट वाइंडिंग वायर्स का एक्सपोर्ट करने वाली इस कंपनी के शेयरों में 14.96 पर्सेंट की भारी तेजी देखी गई। इस जबरदस्त उछाल के साथ कंपनी का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE पर 799 रुपये के ऑल टाइम हाई या 52-हफ्ते के नए शिखर पर पहुंच गया। निवेशकों की भारी खरीदारी के चलते यह स्टॉक बाजार में हर तरफ छाया रहा। इस बड़ी तेजी के पीछे कंपनी द्वारा पेश किए गए चौथी तिमाही के मजबूत और शानदार वित्तीय नतीजे हैं। हालांकि बाद में यह शेयर थोड़ी बढ़त गंवाकर 7.86 पर्सेंट की तेजी के साथ 749.60 रुपये के आसपास ट्रेड करता दिखा।
KSH इंटरनेशनल के स्टॉक ने पिछले कुछ समय में अपने निवेशकों को बहुत तगड़ा रिटर्न दिया है। इस शेयर का इस साल का सबसे निचला स्तर 1 फरवरी 2026 को 330 रुपये प्रति यूनिट था। उस निचले स्तर से अब तक शेयर ने बहुत लंबी दूरी तय कर ली है। पिछले सिर्फ एक हफ्ते की बात करें तो इस शेयर में 22 पर्सेंट की बढ़त आई है। वहीं पिछले एक महीने के दौरान इसने करीब 20 पर्सेंट का दमदार रिटर्न दिया है। अगर इस साल की शुरुआत से लेकर अब तक का हिसाब देखें तो इस शेयर ने निवेशकों का पैसा दोगुने से भी ज्यादा कर दिया है। साल की शुरुआत से अब तक इसमें 115 पर्सेंट से ज्यादा की भारी तेजी आ चुकी है। NSE के डेटा के मुताबिक, 26 मई 2026 को कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 5,162.31 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कंपनी की इस बड़ी कामयाबी के पीछे उसके चौथी तिमाही के आंकड़े हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही यानी Q4 FY26 में KSH इंटरनेशनल का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 87.05 पर्सेंट बढ़ गया है। यह पिछले साल की समान तिमाही के 18.46 करोड़ रुपये से बढ़कर इस बार 34.53 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। सिर्फ नेट प्रॉफिट ही नहीं बल्कि कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू भी बहुत तेजी से बढ़ा है।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 100.52 पर्सेंट की सालाना बढ़त के साथ 1,018.34 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 507.84 करोड़ रुपये था। कंपनी ने 25 मई को दी गई अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि यह शानदार ग्रोथ वॉल्यूम में बढ़ोतरी और कॉपर की बढ़ती कीमतों की वजह से हुई है।
कंपनी ने बिजनेस के हर मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन किया है। मार्च 2026 की तिमाही में कंपनी के स्पेशलाइज्ड वायर्स से मिलने वाले रेवेन्यू में 103.20 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है। यह मुख्य रूप से कंटीन्यूअसली ट्रांसपोझ्ड कंडक्टर्स (CTC) और एक्सपोर्ट की मांग के कारण हुआ है। वहीं स्टैंडर्ड वायर्स के बिजनेस में भी 80.47 पर्सेंट का इजाफा देखा गया है। ऑपरेशनल लेवल पर बात करें तो कंपनी का EBITDA यानी ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 60.14 पर्सेंट की बढ़त के साथ 56.34 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है जो पिछले साल इसी समय 35.18 करोड़ रुपये था। इस दौरान सेल्स वॉल्यूम भी 29.01 पर्सेंट बढ़कर 7,611.77 मिलियन टन रहा।
31 मार्च 2026 तक कंपनी की कुल इंस्टॉल की गई प्रोडक्शन कैपेसिटी 43,445 मिलियन टन थी जिसमें सूपा में लगाई गई 14,400 मिलियन टन की प्रोडक्शन कैपेसिटी भी शामिल है। नई प्रोडक्शन कैपेसिटी जुड़ने के बाद कंपनी का यूटिलाइजेशन लेवल चौथी तिमाही में 70 पर्सेंट रहा जो तीसरी तिमाही से बेहतर है। कंपनी को विदेशी बाजारों के साथ-साथ घरेलू बाजार में भी कई नए ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) ग्राहक मिले हैं।
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