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4 min read | अपडेटेड August 06, 2026, 10:16 IST
सारांश
जुनिपर ग्रीन एनर्जी के शेयर आज यानी 6 अगस्त 2026 को शेयर बाजार में धमाकेदार तरीके से लिस्ट हो गए हैं। कंपनी का शेयर 225 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 8.89% की तेजी के साथ 245 रुपये पर पहुंच गया है।

जुनिपर ग्रीन एनर्जी के शेयर आज 8.89% की मजबूती के साथ 245 रुपये पर लिस्ट हुए हैं।
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनी जुनिपर ग्रीन एनर्जी के शेयरों की आज शेयर बाजार में शानदार एंट्री हो चुकी है। भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख एक्सचेंज NSE पर कंपनी का शेयर 8.89% की मजबूती के साथ 245 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए 214 रुपये से 225 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। इश्यू प्राइस 225 रुपये के मुकाबले प्रति शेयर 20 रुपये की बढ़त देखने को मिली है। इस आईपीओ के जरिए कंपनी ने प्राइमरी मार्केट से कुल 1,800 करोड़ रुपये का फंड जुटाया है।
जुनिपर ग्रीन एनर्जी का यह आईपीओ पूरी तरह से 1,800 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू था, जिसमें कोई ऑफर फॉर सेल यानी OFS शामिल नहीं था। इसका मतलब है कि आईपीओ से जुटाया गया पूरा पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा, जिसका इस्तेमाल बिजनेस के विकास में किया जाएगा।
इश्यू से मिले कुल 1,800 करोड़ रुपये में से कंपनी करीब 1,411.93 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज कम करने के लिए करेगी। इसमें से 683.24 करोड़ रुपये से सीधे कंपनी अपना बकाया कर्ज चुकाएगी, जबकि 728.69 करोड़ रुपये अपनी सब्सिडियरी कंपनियों जुनिपर ग्रीन गामा वन, जुनिपर ग्रीन काइट और जुनिपर ग्रीन पावर फाइव के कर्ज को चुकाने में लगाएगी। इसके अलावा लगभग 295.52 करोड़ रुपये की रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए रखी गई है और बाकी राशि इश्यू खर्चों में इस्तेमाल होगी।
जुनिपर ग्रीन एनर्जी देश की टॉप 10 रिन्यूएबल एनर्जी इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स कंपनियों में शामिल है। कंपनी मुख्य रूप से सोलर, विंड, विंड-सोलर हाइब्रिड और फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स का डेवलपमेंट, निर्माण, ओनरशिप और ऑपरेशन करती है। इसके साथ ही कंपनी अपने प्रोजेक्ट्स में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम का भी इस्तेमाल करती है।
जून 2026 तक कंपनी के पोर्टफोलियो में 50 प्रोजेक्ट्स के तहत कुल 7,910.20 मेगावाट की कैपेसिटी शामिल है। इनमें से 20 प्रोजेक्ट्स पूरे ऑपरेशन में हैं, जिनकी कैपेसिटी 1,794.80 मेगावाट है। कंपनी अपनी बिजली की बिक्री केंद्र और राज्य सरकारों की सरकारी पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के साथ करीब 25 साल के लॉन्ग टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट यानी पीपीए के जरिए करती है, जिससे कंपनी को लंबे समय तक तय रेवेन्यू मिलता रहता है।
वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो जुनिपर ग्रीन एनर्जी ने पिछले कुछ सालों में अपने ऑपरेशन से रेवेन्यू में शानदार बढ़त दिखाई है। फाइनेंशियल ईयर 2024 में कंपनी की कुल इनकम 424.45 करोड़ रुपये थी, जो फाइनेंशियल ईयर 2025 में बढ़कर 569.78 करोड़ रुपये हो गई। वहीं फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी की कुल इनकम बढ़कर 804.93 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई, जिसमें ऑपरेशन से रेवेन्यू 718.9 करोड़ रुपये रहा।
कमाई के मामले में कंपनी का नेट प्रॉफिट फाइनेंशियल ईयर 2024 में 40.06 करोड़ रुपये था, जो फाइनेंशियल ईयर 2025 में 36.48 करोड़ रुपये और फाइनेंशियल ईयर 2026 में बढ़कर 40.46 करोड़ रुपये रहा। फिक्स्ड टैरिफ पीपीए मॉडल के कारण कंपनी का एबिटा मार्जिन 85% से 87% के बेहद मजबूत स्तर पर बना रहता है। फ्यूचर प्लान की बात करें तो जुनिपर ग्रीन एनर्जी अपनी जेनरेशन कैपेसिटी को तेजी से बढ़ाने पर काम कर रही है। कंपनी के पास इस समय कई अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स हैं, जिनके पूरा होने से आने वाले सालों में बिजली उत्पादन क्षमता दोगुनी से भी अधिक हो जाएगी।
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