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4 min read | अपडेटेड August 20, 2026, 15:47 IST
सारांश
सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर पर होने के बावजूद देश में ज्वेलरी की मांग मजबूत बनी हुई है। दक्षिण, पूर्व और मध्य भारत की क्षेत्रीय ज्वेलरी कंपनियां अपने इलाकों में ग्राहकों की पसंद समझकर तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

ज्वेलरी रिटेल कंपनियां जून 2026 तिमाही में टाइटन को सेल्स ग्रोथ के मामले में पछाड़ रही हैं।
भारतीय शेयर बाजार और ज्वेलरी बाजार में इन दिनों एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। देश की छोटी और क्षेत्रीय गोल्ड ज्वेलरी रिटेल चैन कंपनियां सेल्स ग्रोथ के मामले में इंडस्ट्री की सबसे बड़ी कंपनी टाइटन को कड़ी टक्कर दे रही हैं और कुछ मामलों में तो उससे आगे भी निकल रही हैं। स्थानीय ग्राहकों की पसंद को बारीकी से समझना और बदलती आदतों के हिसाब से तुरंत बदलाव करना इन क्षेत्रीय कंपनियों की सबसे बड़ी ताकत बन गया है। हालांकि सेल्स टर्नओवर के मामले में टाइटन का दायरा काफी बड़ा है, लेकिन वैल्यूएशन के मामले में ये क्षेत्रीय कंपनियां टाइटन के मुकाबले 44% से लेकर 87% तक डिस्काउंट यानी सस्ते दाम पर मिल रही हैं।
यह बदलाव ऐसे समय में दिख रहा है जब भारतीय परिवार सोने की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। सोने की रिकॉर्ड ऊंची कीमतों और सरकार द्वारा आयात शुल्क को 6% से बढ़ाकर 15% किए जाने के बावजूद मांग में कोई कमी नहीं आई है। जून 2026 तिमाही में सोने की औसत कीमत 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जो बीते साल से लगभग 62% ज्यादा है। मौजूदा समय में मुंबई में सोने का भाव 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। इसके बावजूद ज्वेलरी रिटेलरों के बिजनेस पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा है।
दक्षिण भारत में सोना हमेशा से निवेश और महंगाई से बचाव का मुख्य जरिया रहा है। मदुरै की थंगमायिल ज्वेलरी ने जून तिमाही में सेम स्टोर सेल्स ग्रोथ यानी एसएसएसजी में 44.4% की बढ़त दर्ज की है, जो बीते साल इसी तिमाही में 6.83% थी। कंपनी ने इस दौरान 1,620 किलोग्राम सोना बेचा। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट सेल्स लगभग 71% बढ़कर 2,662.45 करोड़ रुपये हो गया और नेट प्रॉफिट भी 86% बढ़कर 85.1 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
केरल की कल्याण ज्वेलर्स ने 28% की एसएसएसजी दर्ज की। घरेलू बाजार में कंपनी के शोरूम की संख्या बढ़कर 354 और मिडिल ईस्ट में 38 हो गई। इससे कल्याण ज्वेलर्स का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 45.7% बढ़कर 10,588.9 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 31.8% बढ़कर 348.6 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पुणे की पीएन गाडगिल ज्वेलर्स को अक्षय तृतीया की 80.3% की मजबूत बिक्री और स्टडेड ज्वेलरी की मांग से बड़ा फायदा हुआ। कंपनी का रेवेन्यू 40.7% बढ़कर 2,412.9 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 52.2% बढ़कर 105.3 करोड़ रुपये रहा। इसके 78 शोरूम हो चुके हैं।
पूर्वी भारत की कंपनी सेनको गोल्ड ने अक्षय तृतीया और शादियों के सीजन के दम पर 67.4% की रेवेन्यू ग्रोथ के साथ 3,056 करोड़ रुपये का बिजनेस किया। हालांकि मिडिल ईस्ट के कठिन हालात के कारण इसका नेट प्रॉफिट 101.1 करोड़ रुपये पर सपाट रहा। इसकी तुलना में टाइटन कंपनी के ज्वेलरी बिजनेस ने 42.6% की बढ़त के साथ 18,253 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया। टाइटन का इंटरनेशनल बिजनेस 136% बढ़ा, जो 1,309 करोड़ रुपये रहा। टाइटन के भारत में 1,227 और विदेशों में 156 शोरूम हैं।
कैपिटल एफिशिएंसी के मामले में टाइटन अभी भी आगे है। टाइटन का रिटर्न आन इक्विटी यानी आरओई 37.7% है, जबकि कल्याण ज्वेलर्स का 24.8%, थंगमायिल का 28.1%, पीएन गाडगिल का 23.4% और सेनको गोल्ड का 25.6% है। वैल्यूएशन के मोर्चे पर टाइटन का कंसोलिडेटेड पीई रेशियो 77 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। इसके मुकाबले कल्याण ज्वेलर्स का पीई 42, थंगमायिल का 43.5, पीएन गाडगिल का 19.8 और सेनको गोल्ड का पीई केवल 9.5 है। आने वाले त्योहारों और शादियों के सीजन में इन क्षेत्रीय कंपनियों के प्रदर्शन पर निवेशकों की नजर रहेगी।
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