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  1. ITC के Q1 नतीजे घोषित, नेट प्रॉफिट 27% घटकर ₹3,579 करोड़ पर आया, रेवेन्यू में 28% की बढ़ोतरी

मार्केट न्यूज़

ITC के Q1 नतीजे घोषित, नेट प्रॉफिट 27% घटकर ₹3,579 करोड़ पर आया, रेवेन्यू में 28% की बढ़ोतरी

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड July 31, 2026, 17:54 IST

सारांश

जून तिमाही में ITC का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 27.87% बढ़कर ₹26,943 करोड़ हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में यह ₹21,070 करोड़ था। इस बीच आज कंपनी का शेयर 1.51 फीसदी टूटकर 280.95 रुपये के भाव पर आ गया।

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ITC

ITC के मुनाफे में बड़ी गिरावट आई है, लेकिन रेवेन्यू के मोर्चे पर इसने अच्छा प्रदर्शन किया है।

FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी ITC ने आज 31 जुलाई को पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 27.12% घटकर ₹3,579 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह ₹4,911 करोड़ था। इस बीच आज कंपनी का शेयर 1.51 फीसदी टूटकर 280.95 रुपये के भाव पर आ गया। इस तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 27.87% बढ़कर ₹26,943 करोड़ हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में यह ₹21,070 करोड़ था।

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कैसे रहे ITC के नतीजे?

ITC का EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) 27.9% घटकर 4,514 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 31.7% से घटकर 26.7% पर आ गया। ITC के FMCG कारोबार की आय में 12% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान डेयरी, स्नैक्स, नूडल्स, फ्रोजन स्नैक्स और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स की बिक्री में अच्छी तेजी रही। खासतौर पर डेयरी, स्नैक्स, नूडल्स और फ्रोजन स्नैक्स की बिक्री 20% से ज्यादा बढ़ी। कंपनी ने बताया कि नोटबुक की बिक्री में भी अच्छी वापसी हुई। प्रीमियम प्रोडक्ट्स, ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स और मॉडर्न ट्रेड चैनलों से भी कारोबार को मजबूती मिली।

बढ़ती लागत का पड़ा असर

आईटीसी ने कहा कि पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव की वजह से ईंधन, खाद्य तेल, पैकेजिंग और अन्य कच्चे माल की लागत बढ़ी। हालांकि, पहले से की गई खरीद, कमोडिटी हेजिंग और लागत नियंत्रण जैसे कदमों की मदद से इस दबाव को काफी हद तक संभाला गया।

कंपनी के डिजिटल-फर्स्ट और ऑर्गेनिक ब्रांड्स जैसे Yogabar, 24 Mantra, Prasuma, Meatigo और Mother Sparsh लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इन ब्रांड्स का सालाना कारोबार (ARR) करीब 1,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

सिगरेट कारोबार में बदली रणनीति

टैक्स बढ़ने के बाद आईटीसी ने सिगरेट की कीमतों में चरणबद्ध तरीके से बदलाव किया। कंपनी का कहना है कि इसका मकसद ग्राहकों को अवैध (Illicit) सिगरेट बाजार की ओर जाने से रोकना और अपने बाजार हिस्से को बनाए रखना है। साथ ही कंपनी ने अलग-अलग कीमत वाले नए प्रोडक्ट्स पर भी फोकस बढ़ाया।

पेपर कारोबार में सुधार

आईटीसी के पेपर कारोबार में अच्छी रिकवरी देखने को मिली। इस कारोबार की आय 9% बढ़ी, जबकि मुनाफा (PBIT) 38% बढ़ा। बेहतर कीमत मिलने, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स, पैकेजिंग कारोबार और कच्चे माल की लागत घटने से इस कारोबार को फायदा हुआ। कंसोलिडेटेड स्तर पर आईटीसी ने बताया कि ITC Infotech India, Surya Nepal, Sproutlife Foods और ITC Hotels जैसी ग्रुप कंपनियों का प्रदर्शन मजबूत रहा, जिससे कंपनी के कुल कारोबार को सहारा मिला।

एग्री बिजनेस की आय में 9% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें मसाले, फल और सब्जियों से जुड़े वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स का बड़ा योगदान रहा। हालांकि, लीफ टोबैको कारोबार पर घरेलू मांग में कमी और पश्चिम एशिया के तनाव का असर पड़ा। वहीं, कंपनी का फ्रेश फूड कारोबार भी तेजी से बढ़ा। इसका कारोबार 90% बढ़ा और अब कंपनी के 5 शहरों में 75 क्लाउड किचन संचालित हो रहे हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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