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IndiGo Q4 Results: एयरलाइन को मार्च तिमाही में ₹2536 करोड़ का घाटा, रेवेन्यू में मामूली बढ़ोतरी

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड May 29, 2026, 17:56 IST

सारांश

मार्च तिमाही में IndiGo का रेवेन्यू सालाना आधार पर सिर्फ 1% बढ़कर ₹22,438 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹22,152 करोड़ था। Q4 में IndiGo के EBITDAR में 6% की गिरावट देखी गई, जो घटकर ₹6396 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह ₹6,817 करोड़ था।

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IndiGo के शेयरों में आज 3.55 फीसदी की गिरावट देखी गई।

IndiGo की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation ने आज 29 मई को FY26 की चौथी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी को ₹2536 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। इसके पहले पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी को ₹3068 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ था। हालांकि कंपनी का कहना है कि फॉरेन एक्सचेंज और एक्सेप्शनल आइटम्स को हटा दें तो उसे ₹1920.6 करोड़ का मुनाफा हुआ है। कंपनी के शेयरों में आज 3.55 फीसदी की गिरावट देखी गई और यह स्टॉक BSE पर 4405.95 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ।

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रेवेन्यू में मामूली बढ़ोतरी

मार्च तिमाही में एयरलाइन का रेवेन्यू सालाना आधार पर सिर्फ 1% बढ़कर ₹22,438 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹22,152 करोड़ था। Q4 में IndiGo के EBITDAR में 6% की गिरावट देखी गई, जो घटकर ₹6396 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह ₹6,817 करोड़ था। एयरलाइन का EBITDA मार्जिन 3.6% दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 27.5% था।

इंडिगो ने बढ़ाई क्षमता

इंडिगो ने बताया कि Middle East में चल रहे तनाव और दूसरी वैश्विक परेशानियों के बावजूद कंपनी ने अपनी क्षमता यानी उड़ानों और सीटों की उपलब्धता बढ़ाई। Q4 में कंपनी की क्षमता 3.4% बढ़ी। हालांकि यात्रियों की संख्या में हल्की गिरावट आई और यह 31.6 मिलियन रही।

कंपनी को सबसे ज्यादा असर रुपये की तेज कमजोरी, नए लेबर कानूनों और मुश्किल ऑपरेटिंग माहौल से पड़ा। चूंकि एयरलाइन इंडस्ट्री में विमान लीज, ईंधन और कई खर्च डॉलर में होते हैं, इसलिए रुपये के कमजोर होने से लागत बढ़ गई।

Rahul Bhatia ने कहा कि FY26 एयरलाइन इंडस्ट्री के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साल रहा, लेकिन इसके बावजूद कंपनी का मूल बिजनेस मजबूत बना रहा। उन्होंने बताया कि पूरे साल में कंपनी की क्षमता 9.5% बढ़ी और कुल आय में 6% से ज्यादा की वृद्धि हुई।

FY26 में कैसा रहा प्रदर्शन

पूरे FY26 की बात करें तो कंपनी ने forex और विशेष खर्च हटाने के बाद ₹7,500 करोड़ का मुनाफा कमाया। लेकिन इन प्रभावों को शामिल करने पर कंपनी को पूरे साल ₹2,393 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि FY25 में उसे ₹7,258 करोड़ का मुनाफा हुआ था। इंडिगो ने यह भी कहा कि उसके पास अभी मजबूत कैश रिजर्व है। मार्च 2026 तक कंपनी के पास कुल ₹51,650 करोड़ का कैश बैलेंस था।

हालांकि कंपनी का कुल कर्ज और लीज देनदारियां मिलाकर ₹77,749 करोड़ तक पहुंच गई हैं। कंपनी को उम्मीद है कि FY27 की पहली तिमाही में उसकी क्षमता 3% से 4% तक बढ़ सकती है। इंडिगो फिलहाल लागत कम रखने, ऑपरेशन बेहतर बनाने और लंबे समय में मजबूत ग्रोथ पर फोकस कर रही है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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