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  1. इंडिगो को पहली तिमाही में हुआ 238 करोड़ रुपये का घाटा, लेकिन रेवेन्यू में तेजी, यहां समझें पूरी डीटेल

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इंडिगो को पहली तिमाही में हुआ 238 करोड़ रुपये का घाटा, लेकिन रेवेन्यू में तेजी, यहां समझें पूरी डीटेल

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड July 23, 2026, 16:02 IST

सारांश

इंटरग्लोब एविएशन यानी इंडिगो ने जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही के कंसोलिडेटेड नतीजे पेश कर दिए हैं। एयरलाइन का ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर 24,584.1 करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि महंगे विमान ईंधन और बढ़ते खर्चों के कारण कंपनी को 238 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ है।

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पहली तिमाही में खर्च बढ़ने की वजह से इंडिगो को उठाना पड़ा नुकसान।

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का संचालन करने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 के अपने कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। 23 जुलाई 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में इन वित्तीय आंकड़ों को मंजूरी दी गई। इस तिमाही में कंपनी के ऑपरेशन से रेवेन्यू में अच्छी बढ़त देखने को मिली है। लेकिन इसके बावजूद महंगे विमान ईंधन और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों की वजह से एयरलाइन को इस तिमाही में बड़ा घाटा उठाना पड़ा है।

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कमाई में बढ़ोतरी के बावजूद हुआ घाटा

कंपनी द्वारा शेयर बाजार को दी गई जानकारी के मुताबिक जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही में इंडिगो का कंसोलिडेटेड ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 19.9% बढ़कर 24,584.1 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी पहली तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 20,496.3 करोड़ रुपये रहा था। इसके साथ ही कंपनी की कुल इनकम भी पिछले साल के 21,542.6 करोड़ रुपये से बढ़कर इस बार 25,614.1 करोड़ रुपये हो गई है। हालांकि भारी खर्चों के कारण कंपनी को इस तिमाही में 238 करोड़ रुपये का नेट लॉस दर्ज करना पड़ा है। पिछले वित्त वर्ष की इसी समान तिमाही में एयरलाइन ने 2,176.3 करोड़ रुपये का बड़ा नेट प्रॉफिट हासिल किया था।

कंपनी के मुनाफे पर सबसे बड़ा दबाव एविएशन फ्यूल यानी विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों की वजह से आया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दाम काफी बढ़ गए थे। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इंडिगो का एयरक्राफ्ट फ्यूल खर्च बढ़कर 10,832.9 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी दौरान केवल 5,832.6 करोड़ रुपये था। यानी ईंधन के खर्च में करीब 85.7% का बड़ा उछाल आया है। इसके अलावा एम्प्लॉई बेनिफिट्स खर्च भी बढ़कर 2,279.3 करोड़ रुपये और फाइनेंस कॉस्ट 1,565.3 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जिससे एयरलाइन के कुल खर्चे बढ़कर 25,852.5 करोड़ रुपये हो गए।

तिमाही नतीजों के साथ ही कंपनी ने अपने टॉप मैनेजमेंट में हुए कुछ बड़े बदलावों की जानकारी भी शेयर की है। कंपनी के हेड ग्लोबल सेल्स विनय मल्होत्रा ने 3 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर सुखजीत एस पसरिचा ने 19 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके स्थान पर कंवल जीत सिंह बख्शी को 20 जुलाई 2026 से कंपनी का नया चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कंपनी ने बताया कि दिसंबर 2025 में हुए उड़ानों के रद्दीकरण के मामले में डीजीसीए और सीसीआई की जांच जारी है, जिन पर कंपनी नजर बनाए हुए है। फ्यूचर में कंपनी अपनी उड़ानों के बेहतर इंप्लिमेंटेशन और सर्विस पर फोकस कर रही है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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