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3 min read | अपडेटेड July 23, 2026, 13:02 IST
सारांश
दवा बनाने वाली दिग्गज कंपनी सिप्ला लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अपने कंसोलिडेटेड नतीजे घोषित कर दिए हैं। जून 2026 को समाप्त इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 785.55 करोड़ रुपये रहा है। वहीं कंपनी के ऑपरेशन से रेवेन्यू में सालाना और तिमाही आधार पर सुधार देखा गया है।

पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी होने के बाद सिप्ला के प्रदर्शन पर बनी निवेशकों की नजर। | Image: Shutterstock
फार्मास्युटिकल कंपनी सिप्ला लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 के अपने कंसोलिडेटेड वित्तीय आंकड़े जारी कर दिए हैं। 23 जुलाई 2026 को हुई कंपनी की बोर्ड मीटिंग में इन नतीजों को मंजूरी प्रदान की गई। पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। जहां एक तरफ पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले कंपनी के नेट प्रॉफिट में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ पिछली यानी चौथी तिमाही की तुलना में कंपनी की कमाई और मुनाफे दोनों में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है।
सिप्ला लिमिटेड द्वारा शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जून 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेशन से रेवेन्यू 7,119.28 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 6,957.47 करोड़ रुपये रहा था। इस तरह सालाना आधार पर इसमें करीब 2.32% की बढ़त दर्ज की गई है। वहीं अगर तिमाही दर तिमाही यानी पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही से तुलना करें, तो उस दौरान कंपनी को 6,541.20 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला था। यानी तिमाही आधार पर कंपनी के ऑपरेशन से रेवेन्यू में 8.8% से अधिक का उछाल आया है।
कंपनी के मुनाफे के आंकड़ों पर नजर डालें तो पहली तिमाही में सिप्ला का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 785.55 करोड़ रुपये रहा है। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी को 1,291.61 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था, जिसके मुकाबले इस बार गिरावट आई है। हालांकि, मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही से तुलना की जाए, तो कंपनी का नेट प्रॉफिट 542.51 करोड़ रुपये से 44.8% बढ़कर 785.55 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी की कुल इनकम 7,330.18 करोड़ रुपये दर्ज की गई है, जो पिछले साल इसी दौरान 7,216.03 करोड़ रुपये रही थी।
पहली तिमाही के दौरान सिप्ला का कुल खर्च बढ़कर 6,248.25 करोड़ रुपये हो गया है। बीते वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 5,446.10 करोड़ रुपये रहा था। इस तिमाही में कच्चे माल की लागत यानी कॉस्ट ऑफ मटेरियल्स कन्ज्यूम्ड 1,356.93 करोड़ रुपये और एम्प्लॉई बेनिफिट्स एक्सपेंस 1,497.41 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। टैक्स भुगतान से पहले कंपनी का प्रॉफिट यानी प्रॉफिट बिफोर टैक्स 1,081.93 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने इस तिमाही में कुल 294.83 करोड़ रुपये का नेट टैक्स खर्च चुकाया है।
वित्तीय नतीजों के साथ ही कंपनी ने प्रति शेयर कमाई यानी ईपीएस के आंकड़े भी साझा किए हैं। 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयरों के लिए कंपनी का बेसिक ईपीएस इस तिमाही में 9.77 रुपये रहा है, जो पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 6.87 रुपये था। कंपनी ने जानकारी दी है कि उसकी शत प्रतिशत मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी इनजपेरा हेल्थसाइंसेज लिमिटेड के सिप्ला लिमिटेड में विलय की योजना को बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है और यह मामला अभी एनसीएलटी मुंबई के समक्ष विचाराधीन है। कंपनी अपने बिजनेस को मजबूत करने और फ्यूचर में अपने ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
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