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MV Electrosystems आईपीओ के धांसू सब्सक्रिप्शन के बाद अलॉटमेंट की बारी, ऐसे चेक करें अपना स्टेटस

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड August 04, 2026, 09:22 IST

सारांश

2009 में बनी एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स लिमिटेड रेलवे रोलिंग स्टॉक में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट के डिजाइन, डेवलपमेंट, असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है।

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स आईपीओ

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स आईपीओ का अलॉटमेंट स्टेटस ऐसे करें पता (Photo: Shutterstock)

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स आईपीओ का सब्सक्रिप्शन विंडो 3 अगस्त को क्लोज हो गया था और आज इस आईपीओ का अलॉटमेंट स्टेटस फाइनलाइज होना है। 290 करोड़ रुपये के इस बुकबिल्ड इश्यू में निवेशकों की काफी दिलचस्पी दिखी। इस आईपीओ में कोई भी ऑफर फॉर सेल कंपोनेंट शामिल नहीं है, 290 करोड़ रुपये के कुल 68,23,529 लाख फ्रेश शेयर ही दांव पर लगे हैं। एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स आईपीओ में कुल 68,23,529 शेयर जारी किए गए। इनमें से 51,17,647 (75%) शेयर QIB को, 10,23,529 (15%) शेयर NII को और 6,82,353 (10%) शेयर RII को अलॉट किए गए।

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कैसा रहा था सब्सक्रिप्शन?

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स आईपीओ 200.66 गुना सब्सक्राइब हुआ। 3 अगस्त, 2026 को शाम 6:54:59 बजे (तीसरे दिन) तक, इस पब्लिक इश्यू को रिटेल कैटेगरी में 218.25 गुना, QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में 96.13 गुना और NII कैटेगरी में 397.99 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। दमदार सब्सक्रिप्शन के बाद अब बारी शेयरों के अलॉटमेंट की है, जो आज तय होना है, एक नजर डालते हैं कि कैसे आप अपना अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं-

BSE पर अलॉटमेंट स्टेटस ऐसे करें चेक

  • BSE वेबसाइट पर स्टेटस चेक करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
  • इश्यू टाइप में 'Equity' सेलेक्ट करें।

  • इश्यू नेम के लिए ड्रॉपडाउन मेनू से आईपीओ का नाम सेलेक्ट करें।

  • इसके बाद अपना एप्लिकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।

  • अब I'm not a robot पर चेक करने के बाद Search पर क्लिक करें।

NSE पर अलॉटमेंट स्टेटस ऐसे करें चेक

  • NSE वेबसाइट पर IPO अलॉटमेंट स्टेटस चेक करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
  • इसके Equity & SME IPO bid details' को सेलेक्ट करें।

  • इश्यू सिंबल के लिए ड्रॉपडाउन लिस्ट से कंपनी नाम सेलेक्ट करें।

  • इसके बाद PAN नंबर और एप्लिकेशन नंबर दर्ज करें।

  • अब Submit बटन पर क्लिक करें।

Kfin Technologies पर अलॉटमेंट स्टेटस ऐसे करें चेक

  • रजिस्ट्रार की वेबसाइट के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
  • ड्रॉपडाउन मेनू से कंपनी का नाम सेलेक्ट करें।

  • निवेशकों को अब PAN, एप्लिकेशन नंबर या DP क्लाइंट ID जैसी जानकारी भरनी होगी।

  • इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें।

क्या करती है कंपनी?

2009 में बनी एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स लिमिटेड रेलवे रोलिंग स्टॉक में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट के डिजाइन, डेवलपमेंट, असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इनमें इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए IGBT-बेस्ड 3-फेज ड्राइव प्रोपल्शन इक्विपमेंट, रेलवे कोच और EMU के लिए स्विचगियर पैनल, केबल प्रोटेक्शन और मैनेजमेंट प्रोडक्ट, और इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट, सिस्टम और सब-सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी भारत के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहे बदलावों के बीच काम करती है। ये बदलाव ब्रॉड-गेज इलेक्ट्रिफिकेशन, 'मेक-इन-इंडिया' खरीद की जरूरतों और नेटवर्क के विस्तार (जिसमें आने वाले हाई-स्पीड कॉरिडोर भी शामिल हैं) से प्रेरित हैं। एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स लिमिटेड इंटीग्रेटेड डिजाइन, प्रोडक्शन और क्वालिटी-टेस्टिंग प्रोसेस के जरिए काम करती है। कंपनी इनोवेशन, सटीक इंजीनियरिंग और क्लाइंट-केंद्रित समाधानों पर जोर देती है, जिससे अलग-अलग इंडस्ट्री और प्रोडक्ट कैटेगरी में भरोसेमंद परफॉर्मेंस और लंबे समय तक चलने वाली वैल्यू मिलती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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