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HDB Financial Q4 Results: नेट प्रॉफिट में 41% का उछाल, शेयरधारकों को डिविडेंड का तोहफा

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड April 15, 2026, 18:16 IST

सारांश

HDB Financial के बोर्ड ने वित्तीय नतीजों के साथ-साथ डेट सिक्योरिटीज के जरिए ₹32825 करोड़ जुटाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इसमें ₹31,975 करोड़ का रिन्यूअल और ₹850 करोड़ का नया फंड शामिल है।

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HDB Financial

HDB Financial ने शेयरहोल्डर्स के लिए डिविडेंड का ऐलान किया है।

दिग्गज NBFC कंपनी HDB Financial ने FY26 की चौथी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 41% बढ़कर ₹751 करोड़ हो गया। यह पिछले साल इसी तिमाही में ₹531 करोड़ था। कंपनी के शेयरों में आज 4.71 फीसदी की तेजी देखी गई और यह स्टॉक BSE पर 644.20 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ है। इसका मार्केट कैप 53,489.68 करोड़ रुपये है।

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₹32825 करोड़ जुटाने की तैयारी

HDB Financial के बोर्ड ने वित्तीय नतीजों के साथ-साथ डेट सिक्योरिटीज के जरिए ₹32825 करोड़ जुटाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इसमें ₹31,975 करोड़ का रिन्यूअल और ₹850 करोड़ का नया फंड शामिल है।

डिविडेंड का ऐलान

HDB Financial ने शेयरहोल्डर्स के लिए ₹2 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है, जो मार्च 2026 में खत्म हुए वित्त वर्ष के लिए होगा।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

HDB Financial की कमाई (Net Interest Income) Q4 में 22% बढ़कर ₹2,399 करोड़ हो गई। ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी मजबूत रहा, जहां प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट 27% बढ़कर ₹1,696 करोड़ पहुंच गया, जो पहले ₹1,338 करोड़ था। इसके चलते प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 44% की बड़ी बढ़त हुई और यह ₹1,011 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹704 करोड़ था। हालांकि, लोन पर होने वाले नुकसान और प्रोविजन बढ़कर ₹685 करोड़ हो गए, जो पहले ₹634 करोड़ थे।

पूरे FY26 में कैसा रहा प्रदर्शन

पूरे साल FY26 की बात करें तो कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स यानी PAT 17% बढ़कर ₹2,544 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹2,176 करोड़ था। कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 11% बढ़कर ₹1.18 लाख करोड़ हो गए। इसी तरह कुल लोन बुक भी 11% बढ़कर ₹1.18 लाख करोड़ हो गई।

मार्जिन में भी सुधार हुआ है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बढ़कर 8.2% हो गया, जो पिछले साल 7.6% और पिछली तिमाही में 8.1% था। वहीं रिटर्न ऑन एसेट (ROA) भी बढ़कर 2.5% हो गया, जो पहले 2% था, यानी कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी बेहतर हुई है।

हालांकि एसेट क्वालिटी में थोड़ी कमजोरी दिखी है। ग्रॉस स्टेज 3 (NPA) 2.44% हो गया, जो पिछले साल 2.26% था, लेकिन पिछली तिमाही (2.81%) से इसमें सुधार हुआ है। नेट स्टेज 3 भी 1.09% हो गया, जो पहले 0.99% था। प्रोविजन कवरेज रेशियो लगभग स्थिर रहकर 55.53% पर है। क्रेडिट कॉस्ट थोड़ा घटकर 2.3% हो गया, जो पहले 2.4% था, यानी थोड़ी राहत दिख रही है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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