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4 min read | अपडेटेड August 26, 2026, 09:57 IST
सारांश
गजा कैपिटल ब्रांड के तहत काम करने वाली गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट का आईपीओ 33 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी 550 करोड़ रुपये के इस इश्यू से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल स्पॉन्सर कमिटमेंट्स और कर्ज चुकाने में करेगी।

गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट का आईपीओ आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो गया है।
गजा कैपिटल ब्रांड नाम से काम करने वाली गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड का आईपीओ आज 26 अगस्त 2026 को शेयर बाजार में लिस्ट हो गया है। कंपनी 15.63 फीसदी के प्रीमियम के साथ 185 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुई है। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 152 रुपये से 160 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था और 550 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था।
प्राइमरी मार्केट में इस आईपीओ को निवेशकों की तरफ से काफी शानदार रिस्पॉन्स मिला था। तीन दिनों की बिडिंग के दौरान 21 अगस्त 2026 तक यह आईपीओ कुल 32.98 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी कैटेगरी में 45.87 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी एनआईआई कैटेगरी में 65.63 गुना और रिटेल कैटेगरी में 11.61 गुना बोलियां प्राप्त हुई थीं।
कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल 550 करोड़ रुपये जुटा रही है, जिसमें 450 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 100 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस शामिल है। फ्रेश इश्यू से मिलने वाले 450 करोड़ रुपये में से लगभग 372 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी अपने मौजूदा और नए फंड्स में स्पॉन्सर कमिटमेंट्स के तौर पर करेगी। इसके साथ ही इस रकम का इस्तेमाल ब्रिज लोन के भुगतान के लिए भी किया जाएगा। बाकी बची रकम को जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों पर खर्च करने की योजना बनाई गई है। OFS के जरिए जुटाया गया 100 करोड़ रुपये का फंड प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगा।
अप्रैल 1999 में स्थापित गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट भारत की एक प्रमुख और स्वतंत्र अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। कंपनी कैटेगरी 1 और कैटेगरी 2 अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड्स यानी एआईएफ का मैनेजमेंट और एडवाइजरी का काम संभालती है। इसके अलावा यह विदेशी फंड्स को भी भारत में निवेश की सलाह देती है। कंपनी मुख्य रूप से मिड मार्केट सेगमेंट की कंपनियों में निवेश करती है। इसका फोकस एजुकेशन, कंज्यूमर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल सर्विसेज और एनर्जी जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टर्स पर रहता है। कंपनी केवल पैसिव इनवेस्टर के रूप में काम नहीं करती, बल्कि पोर्टफोलियो कंपनियों के प्रोडक्ट, सेल्स, एचआर और फाइनेंशियल मैनेजमेंट में सीधे सहयोग देती है।
कंपनी का प्रदर्शन पिछले कुछ सालों में काफी मजबूत रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर 135.53 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो फाइनेंशियल ईयर 2025 में 121.99 करोड़ रुपये था। वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट फाइनेंशियल ईयर 2025 के 61.95 करोड़ रुपये से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2026 में 81.96 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का ईबिटडा 72.05 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जिसमें कंपनी का ईबिटडा मार्जिन 45% से ज्यादा और नेट प्रॉफिट मार्जिन लगभग 51.94% रहा है। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी भी काफी मजबूत स्थिति में है।
किसी भी एसेट मैनेजमेंट कंपनी की तरह गजा अल्टरनेटिव के बिजनेस में भी कुछ रिस्क फैक्टर्स जुड़े हुए हैं। सबसे बड़ा रिस्क यह है कि कंपनी की कमाई और ग्रोथ पूरी तरह से उसके द्वारा मैनेज किए जाने वाले फंड्स के परफॉर्मेंस और सफल एग्जिट पर निर्भर करती है। अगर बाजार में सुस्ती आती है या पोर्टफोलियो कंपनियों का परफॉर्मेंस खराब होता है, तो कंपनी की फीस इनकम और कैरिड इंटरेस्ट पर बुरा असर पड़ सकता है। दूसरा रिस्क यह है कि कंपनी का बिजनेस प्रमुख प्रमोटर्स और सीनियर मैनेजमेंट टीम पर काफी हद तक निर्भर है। इसके अलावा अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड्स के लिए सेबी के नियम काफी सख्त हैं और नियमों में होने वाले किसी भी बदलाव से कंपनी के ऑपरेशन्स पर असर पड़ सकता है।
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