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4 min read | अपडेटेड August 26, 2026, 08:14 IST
सारांश
ग्लोबल मार्केट में मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती के चलते सोने और चांदी की कीमतों में सुस्ती दर्ज की गई है। हालांकि घरेलू बाजार में बुलियन डॉट इन के मुताबिक 24 कैरेट सोना 1,63,430 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,45,540 रुपये प्रति किग्रा पर स्थिर बनी हुई है।

सोने-चांदी की कीमतों में आज भी हलचल देखी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती के कारण सोने और चांदी के दामों में हल्की गिरावट देखने को मिली है। तीन महीने के ऊंचे स्तर को छूने के बाद 25 अगस्त 2026 को रात 10:33 बजे तक स्पॉट गोल्ड 0.25% फिसलकर 4,639.56 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 0.44% गिरकर 68.5 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गई। भारतीय वायदा बाजार यानी एमसीएक्स (MCX) पर भी सुस्ती देखने को मिली, जहां अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स कांट्रैक्ट 0.18% टूटकर 1,62,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ और सितंबर चांदी फ्यूचर्स कांट्रैक्ट 0.16% फिसलकर 2,43,829 रुपये प्रति किग्रा पर आ गया।
बुलियन डॉट इन (Bullion.in) के आंकड़ों के अनुसार 26 अगस्त को भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,63,430 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रही। अगर पिछले आंकड़ों से तुलना करें तो एक हफ्ता पहले 19 अगस्त 2026 को सोने का भाव 1,58,390 रुपये प्रति 10 ग्राम था, यानी एक हफ्ते में इसमें 3.18% की बढ़त दर्ज की गई है। वहीं एक महीना पहले 27 जुलाई 2026 को 24 कैरेट सोना 1,43,830 रुपये पर था, जिससे इसमें महीने भर में 13.63% की शानदार तेजी आई है। इसी तरह 999 फाइन चांदी का रेट 25 अगस्त को 2,45,540 रुपये प्रति किग्रा पर रहा, जो एक हफ्ता पहले के 2,37,840 रुपये के मुकाबले 3.24% ज्यादा है और एक महीना पहले के 2,21,780 रुपये के मुकाबले 10.71% ज्यादा है।
ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और एक अस्थायी संयुक्त समुद्री गलियारा बनाने को लेकर हुई बातचीत से मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद जगी है। इस वजह से कच्चे तेल के दामों में गिरावट आई है और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड भी 5 से 7 बेसिस पॉइंट घट गई है। बॉन्ड यील्ड और एनर्जी की कीमतों में कमी आने से महंगाई की चिंताएं थोड़ी कम हुई हैं, जिससे फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव भी कम हो सकता है। बोस्टन फेड की प्रेसिडेंट सुसान कॉलिन्स ने भी महंगाई को 2% के लक्ष्य पर लाने के लिए फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रखने का समर्थन किया है।
हाल के समय में अमेरिकी सरकार के लंबे समय वाले कर्ज के बोझ को नियंत्रित करने के प्रयासों ने डिबेसमेंट ट्रेड में फिर से निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। पिछले हफ्ते ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के सरकारी कर्ज की बायबैक प्रक्रिया तेज करने के बाद सोने में 7% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई थी। पिछले साल जब बजट घाटा तेजी से बढ़ रहा था, तब निवेशकों ने सॉवरेन डेट और मुद्राओं से बचकर सोने में भारी निवेश किया था, जिसने सोने की रिकॉर्ड तेजी को सहारा दिया था।
बाजार की नजर अब फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन केविन वॉर्श के शुक्रवार को होने वाले जैकसन होल सम्मेलन में भाषण पर टिकी है। यह भाषण केविन वॉर्श के लिए अपनी आर्थिक नीतियों को स्पष्ट करने का बड़ा मौका होगा। इसके अलावा बुधवार को जारी होने वाले अमेरिकी पर्सनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर (PCE) इंडेक्स के आंकड़ों का भी बाजार को इंतजार है, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की चाल का पता चलेगा। सिंगापुर के समय के मुताबिक सुबह 7:35 बजे सोना 0.1% बढ़कर 4,659.52 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.3% चढ़कर 68.83 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स स्थिर बना रहा।
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