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4 min read | अपडेटेड August 06, 2026, 13:29 IST
सारांश
FSSAI ने यूनाइटेड स्पिरिट्स की एंटीक्विटी ब्लू और रॉयल चैलेंज ह्विस्की समेत ओल्ड मोंक रम की बिक्री पर रोक लगा दी है। लैब टेस्ट में आर्टिफिशियल फ्लेवर का इस्तेमाल पाया गया। इस फैसले के बाद शेयर बाजार में राडिको खेतान 1.52% गिरा, जबकि यूनाइटेड स्पिरिट्स का शेयर 0.33% की हल्की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है।
शेयर सूची

FSSAI के एक्शन के बाद शेयर बाजार में शराब बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में मिला-जुला असर देखने को मिला है।
देश के खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI (FSSAI) द्वारा कुछ प्रमुख ह्विस्की और रम ब्रांड्स की बिक्री पर रोक लगाने के फैसले के बाद शेयर बाजार में शराब बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। लैब टेस्ट के दौरान आर्टिफिशियल फ्लेवर का इस्तेमाल पाए जाने के बाद नियामक ने यह सख्त कदम उठाया है। इस खबर के सामने आने के बाद शेयर बाजार में राडिको खेतान और अलाइड ब्लेंडर्स जैसी दिग्गज शराब कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया, वहीं दूसरी तरफ यूनाइटेड स्पिरिट्स और यूनाइटेड ब्रुअरीज के शेयरों में हल्की बढ़त दर्ज की गई है।
FSSAI के इस फैसले का असर शेयर बाजार में अलग-अलग शराब कंपनियों के शेयरों पर देखा गया। दोपहर 1 बजकर 20 मिनट के करीब तक के आंकड़ों पर अगर नजर दौड़ाएं तो सबसे ज्यादा गिरावट राडिको खेतान के शेयर में दर्ज की गई, जो 1.52% गिरकर 4,481.00 रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अलावा अल्कोक्राफ्ट डिस्टिलरीज का शेयर 1.17% टूटकर 67.60 रुपये और अलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स का शेयर 0.77% फिसलकर 609.40 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। वहीं तिलकनगर इंडस्ट्रीज के शेयर में 0.50% की गिरावट आई और यह 498.45 रुपये पर आ गया। इंडिया ग्लाइकोल्स का शेयर भी 0.35% गिरकर 1,151.30 रुपये पर कारोबार कर रहा है।
दूसरी तरफ कुछ शराब कंपनियों के शेयरों में हल्की रिकवरी और मजबूती भी देखने को मिली। यूनाइटेड स्पिरिट्स का शेयर 0.33% बढ़कर 1,525.00 रुपये पर पहुंच गया। इसके साथ ही यूनाइटेड ब्रुअरीज में 0.28% की तेजी आई और यह 1,416.50 रुपये पर रहा। आईएफबी एग्रो इंडस्ट्रीज का शेयर 0.15% बढ़कर 979.80 रुपये, जीएम ब्रुअरीज 0.47% चढ़कर 912.45 रुपये और रवि कुमार डिस्टिलरीज 0.57% बढ़कर 19.28 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
FSSAI ने एक लैब टेस्ट के बाद यूनाइटेड स्पिरिट्स, इनब्रू बेवरेजेस और मोहन रॉकी स्प्रिंगवाटर द्वारा बनाई जाने वाली कुछ ह्विस्की और रम की बिक्री पर रोक लगा दी है। नियामक का कहना है कि ह्विस्की और रम जैसे अल्कोहल वाले ड्रिंक्स में टेस्ट और खुशबू नेचुरल प्रोसेस, सही सामग्री और मैच्योरिटी के जरिए विकसित होनी चाहिए। जांच में पाया गया कि कुछ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पारंपरिक तरीकों की बजाय ह्विस्की में अलग से ह्विस्की फ्लेवर और रम में अलग से रम फ्लेवर जैसे बाहरी आर्टिफिशियल फ्लेवर मिला रही थीं। FSSAI ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी कोई मान्य मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस नहीं है जहां अलग से ऐसा फ्लेवर जोड़ा जाए।
नियामक के इस एक्शन के तहत डियाजियो इंडिया की यूनाइटेड स्पिरिट्स द्वारा मध्य प्रदेश में बनने वाली एंटीक्विटी ब्लू ह्विस्की और रॉयल चैलेंज ह्विस्की शामिल हैं। इसके अलावा इनब्रू बेवरेजेस द्वारा मध्य प्रदेश में बनने वाली बैगपाइपर डीलक्स ह्विस्की और ओल्ड कास्क डीलक्स ट्रिपल एक्स रम की बिक्री पर भी रोक लगाई गई है। वहीं महाराष्ट्र में मोहन रॉकी स्प्रिंगवाटर द्वारा निर्मित मशहूर ओल्ड मोंक रम के तीन वेरिएंट्स पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। FSSAI का कहना है कि बाहरी फ्लेवर मिलाने से कंपनियां मैच्योरिटी और नेचुरल कच्चे माल के इस्तेमाल जैसी मुख्य प्रोसेस को बाईपास कर देती हैं, जिससे प्रोडक्ट सब-स्टैंडर्ड कैटेगरी में आ जाता है। हालांकि अभी यह पूरी तरह साफ नहीं है कि यह रोक सिर्फ तय प्लांटों पर लागू है या अन्य प्लांटों में बनने वाले प्रोडक्ट्स पर भी असर डालेगी।
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