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4 min read | अपडेटेड September 23, 2026, 12:12 IST
सारांश
प्राइमरी मार्केट में 23 सितंबर से 4 नए आईपीओ निवेश के लिए खुल गए हैं। इनमें एड्रॉइट इंडस्ट्रीज, एलिवेट कैंपसेज, स्वास्तिका इंफ्रा और आरमी इंफोटेक शामिल हैं। ये सभी आईपीओ 25 सितंबर तक खुले रहेंगे।

शेयर बाजार में 23 से 25 सितंबर तक 4 नए आईपीओ में निवेश करने का मौका मिल रहा है।
प्राइमरी शेयर मार्केट में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। 23 सितंबर से बाजार में 4 नई कंपनियों के आईपीओ एक साथ दांव लगाने के लिए खुल चुके हैं। इनमें एड्रॉइट इंडस्ट्रीज इंडिया, एलिवेट कैंपसेज, स्वास्तिका इंफ्रा और आरमी इंफोटेक शामिल हैं। ये सभी आईपीओ निवेशकों के लिए 25 सितंबर तक खुले रहेंगे। अलग अलग सेक्टर्स से जुड़ी ये कंपनियां मार्केट से फंड जुटाकर अपने बिजनेस का विस्तार करने की तैयारी में हैं।
एड्रॉइट इंडस्ट्रीज इंडिया मुख्य रूप से ऑटो कंपोनेंट्स और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के बिजनेस में लगी हुई है। कंपनी का ऑपरेशन मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल पार्ट्स बनाने पर केंद्रित है। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू लगातार बेहतर रहा है। अपने इस आईपीओ के जरिए कंपनी जो पैसा जुटाने जा रही है, उसका बड़ा हिस्सा अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने और अपने प्लांट में नई मशीनों की खरीदारी के लिए भी फंड का एक हिस्सा खर्च करेगी, जिससे कंपनी का ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और बेहतर हो सके।
एलिवेट कैंपसेज कंपनी एजुकेशन और स्टूडेंट हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सेगमेंट में काम करती है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट पिछले कुछ समय से मजबूत बना हुआ है। यह कंपनी छात्रों के लिए आधुनिक हॉस्टल और लिविंग स्पेस तैयार करने का काम करती है। आईपीओ से मिलने वाली रकम का उपयोग कंपनी नए प्रोजेक्ट्स के इंप्लिमेंटेशन में करेगी। इसके साथ ही कंपनी अपनी पुरानी उधारी या कर्ज का भुगतान करके अपनी बैलेंस शीट को मजबूत बनाना चाहती है। बाकी बची रकम को जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए रखा जाएगा।
स्वास्तिका इंफ्रा बुनियादी ढांचे और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की एक मजबूत कंपनी है। यह मुख्य रूप से रोड कंस्ट्रक्शन, ब्रिज और सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के काम में जुटी है। कंपनी का एबिटा और मार्जिन भी इस सेक्टर में काफी स्थिर रहा है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए जुटाए गए फंड का इस्तेमाल नए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए जरूरी इक्विपमेंट और भारी मशीनरी खरीदने में करेगी। इसके अलावा कंस्ट्रक्शन बिजनेस में लगने वाली दिन प्रतिदिन की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पैसे का उपयोग किया जाएगा।
आरमी इंफोटेक आईटी सॉल्यूशंस और सिस्टम इंटीग्रेशन के बिजनेस में काम करने वाली कंपनी है। यह कंपनियों को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सपोर्ट देने का काम करती है। आईपीओ से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने, नए सॉफ्टवेयर सोल्यूशंस डेवलप करने और अपनी टीम का विस्तार करने के लिए करेगी। इसके अलावा कंपनी अपने फ्यूचर प्लान के तहत नए क्लाइंट्स जोड़ने और मार्केट शेयर कई पर्सेंट तक बढ़ाने पर भी फंड का एक हिस्सा खर्च करेगी।
इन चारों कंपनियों के आईपीओ में 23 से 25 सितंबर के बीच बोली लगाई जा सकती है। निवेशकों को किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले कंपनी के फाइनेंशियल आंकड़ों, उनके रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस और रिस्क फैक्टर्स की अच्छी तरह से जांच कर लेनी चाहिए। कंपनी का नेट प्रॉफिट, रेवेन्यू ग्रोथ और उनके फ्यूचर प्लान को समझकर सही समय पर फैसला लेना ही फायदेमंद साबित हो सकता है।
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