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  1. Eternal का मुनाफा सितंबर तिमाही में 92% उछला, रेवेन्यू में भी 78% की शानदार बढ़ोतरी

मार्केट न्यूज़

Eternal का मुनाफा सितंबर तिमाही में 92% उछला, रेवेन्यू में भी 78% की शानदार बढ़ोतरी

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड October 21, 2026, 16:11 IST

सारांश

Eternal का रेवेन्यू सितंबर तिमाही में 77.6% बढ़कर 24,138 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल यह 13,590 करोड़ रुपये था। इसके अलावा EBITDA 752 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 239 करोड़ रुपये था। वहीं EBITDA मार्जिन 3.1% रहा, जो पिछले साल 1.8% था।

Eternal

Eternal के शेयरों में आज 2.71 फीसदी की गिरावट आई है।

Eternal Q2 Results: जोमैटो की पैरेंट कंपनी Eternal ने आज 21 अक्तूबर को FY27 की दूसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 92.3% बढ़कर 125 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 65 करोड़ रुपये था। इस कंपनी ने पिछली जून तिमाही में 92 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। हालांकि कंपनी के नतीजे बाजार के अनुमान से कमजोर रहे। कंपनी के शेयरों में आज 2.71 फीसदी की गिरावट आई है और यह स्टॉक BSE पर 311.75 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ है। इसका मार्केट कैप 3,00,849.68 करोड़ रुपये है।
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Eternal का रेवेन्यू 78% बढ़ा

Eternal का रेवेन्यू सितंबर तिमाही में 77.6% बढ़कर 24,138 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल यह 13,590 करोड़ रुपये था। पिछली जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 20,211 करोड़ रुपये रहा था। इस तिमाही के दौरान, क्विक कॉमर्स बिजनेस Blinkit ने ₹19,152 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि फूड ऑर्डरिंग और डिलीवरी सेगमेंट का योगदान ₹3,396 करोड़ रहा।

इसके अलावा EBITDA 752 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 239 करोड़ रुपये था। वहीं EBITDA मार्जिन 3.1% रहा, जो पिछले साल 1.8% था। गुरुग्राम स्थित इस कंपनी का कुल खर्च सितंबर में समाप्त तिमाही में 75% बढ़कर 24,166 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह खर्च 13,813 करोड़ रुपये था, और पिछली तिमाही में 20,314 करोड़ रुपये था।

Eternal के अन्य बिजनेस, जिसमें Bistro और Nugget शामिल हैं, का एडजस्टेड रेवेन्यू, पिछली तिमाही के ₹95 करोड़ से बढ़कर ₹132 करोड़ हो गया। इस सेगमेंट के लिए एडजस्टेड EBITDA नुकसान में सुधार हुआ और यह ₹91 करोड़ रहा, जबकि Q1FY27 में यह नुकसान ₹94 करोड़ था।

क्या है प्लान?

Eternal ने मार्च 2028 तक Blinkit के स्टोर की संख्या बढ़ाकर 5,000 करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, Eternal अपनी कंपनी Adonmo में मौजूद पूरी हिस्सेदारी Mygate को ट्रांसफर करेगी और बदले में Mygate के शेयर हासिल करेगी। प्रस्तावित विलय के बाद Eternal की नई कंपनी में लगभग 4.4% हिस्सेदारी होगी, जिसकी अनुमानित कीमत 156 करोड़ रुपये होगी। Eternal ने जनवरी 2022 में Adonmo में 112 करोड़ रुपये का निवेश किया था।

Eternal अपने Going-out यानी बाहर घूमने, मनोरंजन और इवेंट से जुड़े भारतीय कारोबार का पुनर्गठन भी कर रही है। इस कारोबार को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी Zomato Entertainment Private Limited (ZEPL) को ट्रांसफर किया जाएगा। इसके साथ ही Orbgen Technologies और Wasteland Entertainment के कारोबार को भी ZEPL में मिलाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य कंपनी के ढांचे को सरल बनाना और अलग-अलग कारोबारों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।

Blinkit का कैसा रहा प्रदर्शन?

क्विक कॉमर्स कारोबार Blinkit का NOV सालाना आधार पर 79.3% बढ़कर 20,940 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 22.2% की वृद्धि हुई। कंपनी ने इस तिमाही में 308 नए स्टोर जोड़े, जिससे कुल स्टोर की संख्या 2,751 हो गई। Blinkit का EBITDA मार्जिन लगातार छठी तिमाही में सुधरकर NOV का 0.9% हो गया। इसके चलते कंपनी को 184 करोड़ रुपये का एडजस्टेड EBITDA मुनाफा हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में 156 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

Going-out कारोबार District का NOV सालाना आधार पर 58% और पिछली तिमाही के मुकाबले 1.3% बढ़कर 3,259 करोड़ रुपये हो गया। इसके EBITDA मार्जिन में भी सुधार हुआ और यह पिछले साल के -3.1% से बढ़कर -2% हो गया। हालांकि, पिछली तिमाही के मुकाबले इस कारोबार का एडजस्टेड EBITDA घाटा लगभग समान रहा और 64 करोड़ रुपये पर बना रहा।

Hyperpure कारोबार का रेवेन्यू समान आधार पर सालाना 22.7% बढ़कर 1,154 करोड़ रुपये हो गया। इसके EBITDA मार्जिन में भी सुधार हुआ और यह पिछले साल के -0.5% से बढ़कर 0.9% हो गया। इसके परिणामस्वरूप कंपनी को 10 करोड़ रुपये का एडजस्टेड EBITDA मुनाफा हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में 5 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

कंपनी के Others सेगमेंट, जिसमें Bistro और Nugget शामिल हैं, का एडजस्टेड राजस्व पिछली तिमाही के 95 करोड़ रुपये से बढ़कर 132 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, इस सेगमेंट का एडजस्टेड EBITDA घाटा 94 करोड़ रुपये से घटकर 91 करोड़ रुपये रह गया। यानी इस कारोबार में राजस्व बढ़ने के साथ घाटे में भी मामूली सुधार हुआ।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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