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4 min read | अपडेटेड October 21, 2026, 12:10 IST
सारांश
वेदांता ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 142% की जोरदार बढ़त के साथ 6,412 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू भी 76.5% बढ़कर 15,093 करोड़ रुपये दर्ज हुआ है।
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हिंदुस्तान जिंक के दूसरी तिमाही के नतीजों में नेट प्रॉफिट 142% बढ़कर 6,412 करोड़ रुपये पर पहुंचा।
माइनिंग कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के दौरान दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर जबर्दस्त उछाल आया है। 19 अक्टूबर को जारी वित्तीय नतीजों के मुताबिक कंपनी का नेट प्रॉफिट 142% की भारी छलांग लगाकर 6,412 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल समान तिमाही में 2,649 करोड़ रुपये था। इसके साथ ही कंपनी के ऑपरेशन से रेवेन्यू में भी 76.5% की मजबूत बढ़त दर्ज हुई है। प्रोडक्शन कॉस्ट में आई भारी कमी और मेटल प्रोडक्शन बढ़ने से कंपनी ने हर मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया है।
कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों के अनुसार सितंबर तिमाही में हिंदुस्तान जिंक का ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर 15,093 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 8,549 करोड़ रुपये था। वहीं दूसरी इनकम को मिलाकर टोटल इनकम भी 8,787 करोड़ रुपये से बढ़कर 15,467 करोड़ रुपये दर्ज हुई है। नेट प्रॉफिट बढ़ने से कंपनी का प्रति शेयर अर्निंग यानी EPS 6.27 रुपये से ढाई गुना बढ़कर 15.18 रुपये पर पहुंच गया है। इसके अलावा कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन भी पिछले साल के 31% के मुकाबले सुधरकर 42% हो गया है।
हिंदुस्तान जिंक के मुनाफे में आई इस तेजी का मुख्य कारण प्रोडक्शन कॉस्ट में आई बड़ी कमी है। दूसरी तिमाही में कंपनी की प्रोडक्शन कॉस्ट सालाना आधार पर 29% घटकर 703 डॉलर प्रति टन पर आ गई है, जो पिछले साल इसी दौरान 994 डॉलर प्रति टन थी। कंपनी के मुताबिक बेहतर माइंड ग्रेड्स, मेटल प्रोडक्शन में बढ़ोतरी और बाय-प्रोडक्ट्स से मिलने वाली बेहतर कीमतों से लागत घटी है। इसके साथ ही टैक्स और एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले का प्रॉफिट भी 3,542 करोड़ रुपये से उछलकर 8,572 करोड़ रुपये हो गया है।
ऑपरेशनल मोर्चे पर भी कंपनी ने शानदार रफ्तार दिखाई है। दूसरी तिमाही में कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 108% बढ़कर 9,285 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी तिमाही में 4,467 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 52% से सुधरकर 62% हो गया है। सेगमेंट की बात करें तो जिंक, लेड और सिल्वर सेगमेंट का रेवेन्यू 8,235 करोड़ रुपये से बढ़कर 14,525 करोड़ रुपये रहा और इसका रिजल्ट 3,602 करोड़ से बढ़कर 8,329 करोड़ रुपये दर्ज हुआ। वहीं विंड एनर्जी सेगमेंट का रेवेन्यू 47 करोड़ से बढ़कर 57 करोड़ रुपये रहा है।
चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेशन से रेवेन्यू 16,320 करोड़ रुपये से बढ़कर 28,840 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं पहली छमाही का नेट प्रॉफिट 4,883 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,881 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी के पास 17,439 करोड़ रुपये का ग्रॉस इन्वेस्टमेंट और कैश था, जबकि उधारी 6,171 करोड़ रुपये रही। कैपिटल खर्च से पहले कंपनी का फ्री कैश फ्लो 6,389 करोड़ रुपये रहा।
इतने अच्छे रिजल्ट्स पेश करने के बाद भी आज कंपनी के शेयर में कुछ खास तेजी नहीं देखी जा रही है 21 अक्तूबर को शेयर 1.25 अंक की मामूली तेजी के साथ 539.65 पर कारोबार कर रहा है। ध्यान देने वाली बात ये भी है कि कंपनी के चार्ट पर अभी भी सुपरट्रेंड डेली टाइमफ्रेम पर निगेटिव नजर आ रहा है। यही हाल वीकली और मंथली टाइमफ्रेम का है। यानी शॉर्ट टाइम पीरियड से लॉन्ग टाइम पीरियड के लिहाज से अभी शेयर में पॉजिटिव ट्रेंड नहीं देखने को मिल रहा है। अब यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि क्या आने वाले टाइम में यह शेयर 807 रुपये के अपने ATH लेवल को तोड़कर नया ट्रेंड शुरू कर पाता है या नहीं। क्योंकि यह हाई कंपनी ने मई 2024 में बनाया था, तब से वह लगातार उस लेवल के नीचे ही कारोबार कर रहा है।
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