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  1. डीजल संकट के बीच अमेरिका को क्यों चाहिए रिलायंस का साथ? जामनगर में मुकेश अंबानी से मिलेंगे मार्को रुबियो

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डीजल संकट के बीच अमेरिका को क्यों चाहिए रिलायंस का साथ? जामनगर में मुकेश अंबानी से मिलेंगे मार्को रुबियो

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 21, 2026, 13:48 IST

सारांश

ईरान के साथ युद्ध और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अमेरिका को वेनेजुएला के कच्चे तेल को रिफाइन करने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज का साथ चाहिए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो जामनगर में मुकेश अंबानी से मुलाकात कर रहे हैं।

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आखिर रुबियो को जामनगर क्यों आना पड़ा?

दुनिया भर में डीजल की रिकॉर्ड कीमतों और तेल संकट के बीच एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय हलचल देखने को मिली है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे नई दिल्ली के अलावा गुजरात के जामनगर भी पहुंच रहे हैं, जहां वे रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी से मुलाकात करेंगे। ईरान के साथ जारी युद्ध और होर्मुज से तेल सप्लाई में रुकावट के कारण अमेरिका में डीजल की कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर भारी चिंता है। ऐसे में अमेरिका वेनेजुएला के कच्चे तेल का सहारा ले रहा है, लेकिन उस भारी तेल को प्रोसेस करने के लिए उसे मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस के जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स की मदद चाहिए।

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जामनगर में मुकेश अंबानी से मिलेंगे मार्को रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो विदेश मंत्री एस जयशंकर के निमंत्रण पर 20 से 21 अक्टूबर तक भारत के आधिकारिक दौरे पर आए हैं। साल 2026 में यह उनका दूसरा भारत दौरा है। इस यात्रा के दौरान रुबियो बुधवार को जामनगर जाएंगे और वहां रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी से मुलाकात करेंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स चलाती है। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका अपने देश में डीजल की किल्लत दूर करने के लिए नए सप्लाई विकल्पों की तलाश में जुटा है।

ईरान युद्ध और होर्मुज संकट के बीच वेनेजुएला का विकल्प

ईरान युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल संकट खड़ा हो गया है। इससे निपटने के लिए अमेरिका के पास वेनेजुएला से कच्चा तेल लेकर उसे रिफाइन करने का बड़ा विकल्प है। इस साल निकोलस मादुरो के प्रत्यर्पण के बाद अमेरिका ने वहां के 65 अरब बैरल से अधिक प्रमाणित तेल भंडारों पर नियंत्रण हासिल किया था। वहां के प्रशासन ने नॉर्थ अमेरिकन ब्लू एनर्जी पार्टनर्स को 17 तेल क्षेत्रों के लिए 100 साल का पट्टा भी दिया है। लेकिन वेनेजुएला में पुराने और जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण वाशिंगटन इस तेल का पूरा फायदा नहीं उठा पा रहा है।

रिलायंस के पास है भारी तेल प्रोसेस करने की ताकत

यही वजह है कि अमेरिका के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज की भूमिका सबसे अहम हो गई है। रिलायंस के पास वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने का लंबा अनुभव रहा है। जामनगर में कंपनी की दो रिफाइनरियों की कुल क्षमता करीब 14 लाख बैरल प्रतिदिन है। इन्हें खास तौर पर वेनेजुएला के भारी, मोम जैसे और अधिक सल्फर वाले कच्चे तेल को प्रोसेस करने के लिए डिजाइन किया गया है। दुनिया में बहुत कम रिफाइनरियां इतने बड़े पैमाने पर ऐसे जटिल तेल को रिफाइन कर पाती हैं।

मार्को रुबियो ने सोमवार को मुंबई में पत्रकारों से कहा कि वे रिलायंस के साथ वेनेजुएला का तेल रिफाइन करने पर बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि रिलायंस पहले भी ऐसा कर चुकी है और कंपनी की रिफाइनिंग क्षमता काफी मजबूत है। जब उनसे पूछा गया कि क्या रिलायंस खुद वेनेजुएला में तेल उत्पादन करेगी, तो उन्होंने कहा कि इस पर पहले चर्चा हुई है और यह विषय फिर उठेगा। उन्होंने साफ किया कि वे मिलकर देखना चाहते हैं कि इसमें क्या रुकावटें हैं और क्या नए मौके बन सकते हैं।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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