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3 min read | अपडेटेड October 23, 2026, 08:34 IST
सारांश
ईमुद्रा ने कहा कि एसएसएल/टीएलएस कारोबार उसके व्यापक डिजिटल समाधान पोर्टफोलियो का एक हिस्सा है। कंपनी अब अपने मुख्य उद्यम समाधान और एसएसएल/टीएलएस से इतर डिजिटल ट्रस्ट सर्विसेज पर अधिक ध्यान देगी, जहां वह ग्राहकों के लिए अधिक मूल्य सृजित कर सकती है।
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सिक्योरिटी सर्टिफिकेट बिजनेस छोड़ेगी ईमुद्रा (Photo: Pexels)
डिजिटल ऑथेंटिकेशन सर्विसेज देने वाली कंपनी ईमुद्रा ने अपनी सर्टिफिकेशन अथॉरिटीज की ओर से जारी सिक्योरिटी की में खामी सामने आने के बाद सिक्योर सॉकेट लेयर (एसएसएल) और ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी (टीएलएस) सर्टिफिकेट कारोबार से बाहर निकलने का फैसला किया है। कंपनी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। ईमुद्रा के शेयरों में गुरुवार को जबर्दस्त गिरावट देखने को मिली। शेयर 20% यानी कि 86.30 रुपये लुढ़ककर 345.25 रुपये प्रति शेयर पर क्लोज हुए थे। एसएसएल और टीएलएस ऐसे सिक्योरिटी प्रोटोकॉल हैं, जो इंटरनेट पर वेबसाइट और यूजर्स के ब्राउजर के बीच भेजी जाने वाली जानकारी को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। इनका इस्तेमाल करने वाली वेबसाइट के पते की शुरुआत ‘एचटीटीपीएस’ से होती है।
कंपनी ने बयान में कहा, 'ग्लोबल डिजिटल ट्रस्ट कंपनी ईमुद्रा लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ग्लोबल एसएसएल/टीएलएस सर्टिफिकेशन बिजनेस से स्वेच्छा से बाहर निकलने का फैसला किया है।' ईमुद्रा डिजिटल साइन और वेबसाइट सेफ्टी सर्टिफिकेशन जारी करती है, जो इंटरनेट ब्राउजर और वेबसाइट के बीच सिक्योर्ड कनेक्शन स्थापित करने में मदद करते हैं। कंपनी के आठ प्रमाणन प्राधिकरणों (सर्टिफिकेशन अथॉरिटी, CA) में निर्धारित मानकों के मुकाबले कमजोर सिक्योरिटी की का इस्तेमाल किया गया था।
साइबर अपराधी इन सिक्योरिटी की का दुरुपयोग कर किसी वैध भुगतान कंपनी की नकल करने वाली फर्जी वेबसाइट बना सकते थे। इसके जरिये लोगों को भुगतान करने या अपनी निजी जानकारी साझा करने के लिए गुमराह किया जा सकता था। एक साइबर सुरक्षा शोधकर्ता ने एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मोजिला को इस खामी की जानकारी दी थी। शोधकर्ता के मुताबिक, ईमुद्रा के सर्टिफिकेशन अथॉरिटीज की ओर से जारी कुछ कमजोर सिक्योरिटी की का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से विश्लेषण कर उनका हिडेन फॉर्म निकाला जा सकता था।
इस मामले का संज्ञान लेते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) ने ईमुद्रा में सुरक्षा संबंधी घटना की जांच के लिए एक विशेष दल गठित किया है। ईमुद्रा के चेयरमैन वी. श्रीनिवासन ने ग्लोबल एसएसएल/टीएलएस सर्टिफिकेशन कारोबार से जुड़ी हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी ने इस मामले को जिम्मेदारी से संभाला। उन्होंने कहा कि खामी का पता चलने के 14 घंटे के भीतर प्रभावित सर्टिफिकेशन अथॉरिटीज को निरस्त कर दिया गया और मामले की जानकारी भी समय पर पब्लिक की गई।
कंपनी ने बयान में कहा, 'प्रभावित सर्टिफिकेशन अथॉरिटीज से अंतिम यूजर के लिए कोई सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया था। कंपनी के बुनियादी ढांचे से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई और न ही कोई डेटा चोरी हुआ। सभी फिजिकल और डिजिटल सिक्योरिटी कंट्रोल बरकरार रहे।' श्रीनिवासन ने कहा कि ग्लोबल एसएसएल/टीएलएस सर्टिफिकेसन बिजनेस से कंपनी के कुल ग्लोबल रेवेन्यू का करीब 1% ही आता है।
कंपनी ने कहा कि डेटा संप्रभुता और अनुपालन संबंधी बढ़ती जरूरतों के कारण इस कारोबार की जटिलता और लागत लगातार बढ़ रही है। साथ ही, कुछ बड़ी कंपनियां एसएसएल/टीएलएस सर्टिफिकेशन मुफ्त में उपलब्ध कराती हैं। ऐसे में कंपनी के कुल रेवेन्यू के मुकाबले इस कारोबार में निवेश पर प्रतिफल और व्यावसायिक संभावनाएं सीमित हो गई हैं। ईमुद्रा ने कहा कि एसएसएल/टीएलएस कारोबार उसके व्यापक डिजिटल समाधान पोर्टफोलियो का एक हिस्सा है। कंपनी अब अपने मुख्य उद्यम समाधान और एसएसएल/टीएलएस से इतर डिजिटल ट्रस्ट सर्विसेज पर अधिक ध्यान देगी, जहां वह ग्राहकों के लिए अधिक मूल्य सृजित कर सकती है।
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