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  1. स्विगी का रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹7,909 करोड़ पहुंचा, समझें आखिर किस बिजनेस से चमकी कमाई?

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स्विगी का रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹7,909 करोड़ पहुंचा, समझें आखिर किस बिजनेस से चमकी कमाई?

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 22, 2026, 17:50 IST

सारांश

स्विगी ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू 33.8% बढ़कर 7,909 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं फूड डिलीवरी बिजनेस का एडजस्टेड EBITDA 341 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

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ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्विगी ने दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है।

ऑन-डिमांड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और पहली छमाही के नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने 22 अक्टूबर को बेंगलुरु से बताया कि दूसरी तिमाही में कारोबार में तेज बढ़त दर्ज हुई। कंपनी का कुल रेवेन्यू सालाना आधार पर 33.8% बढ़कर 7,909 करोड़ रुपये पहुंच गया है। स्विगी के फूड डिलीवरी बिजनेस ने अब तक का सबसे ज्यादा मुनाफा और मार्जिन दर्ज किया, वहीं क्विक कॉमर्स ने भी ग्रोथ की रफ्तार तेज की है। मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के दम पर कंपनी का प्रदर्शन हर मोर्चे पर बेहतर रहा है।

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फूड डिलीवरी बिजनेस में बना नया रिकॉर्ड

कंपनी के फूड डिलीवरी कारोबार ने इस तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। स्विगी फूड डिलीवरी का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू यानी GOV सालाना आधार पर 17.7% बढ़कर 10,054 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। सितंबर 2026 में इसमें 20% से अधिक की सालाना बढ़त देखी गई। फूड डिलीवरी का एडजस्टेड EBITDA सालाना आधार पर 101 करोड़ रुपये बढ़कर 341 करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसका एडजस्टेड EBITDA मार्जिन जीओवी का 3.4% रहा, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इसके अलावा किफायती खाने के प्लेटफॉर्म 'टोइंग' की सफलता से कंबाइंड फूड डिलीवरी मार्केटप्लेस की ग्रोथ 25 से 30% तक पहुंच सकती है।

इंस्टामार्ट और क्विक कॉमर्स की तेज रफ्तार

स्विगी के क्विक कॉमर्स वर्टिकल यानी इंस्टामार्ट ने भी दूसरी तिमाही में विस्तार जारी रखा। पिछली तिमाही के मुकाबले इंस्टामार्ट के जीओवी में 16.7% की बढ़त दर्ज हुई और यह 9,230 करोड़ रुपये पर पहुंचा। वहीं इसका नेट ऑर्डर वैल्यू यानी एनओवी भी तिमाही आधार पर 13.4% बढ़कर 6,594 करोड़ रुपये दर्ज हुआ है। इंस्टामार्ट का कंट्रीब्यूशन मार्जिन जीओवी के माइनस 1.0% पर रहा, जिसमें सालाना 157 बेसिस प्वाइंट्स का सुधार हुआ। इसके अलावा आउट-ऑफ-होम कंजम्पशन सेगमेंट ने सालाना आधार पर 34.9% की जीओवी ग्रोथ दर्ज की और इसका एडजस्टेड EBITDA मार्जिन जीओवी का 0.5% रहा।

भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी बनने की मिली मंजूरी

वित्तीय नतीजों के साथ कंपनी ने एक बड़ा कॉरपोरेट मुकाम हासिल किया है। स्विगी के मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप सीईओ श्रीहर्ष मजेटी ने बताया कि क्विक कॉमर्स में कंपनी ने तय गाइडेंस अनुसार तेज ग्रोथ दर्ज की है। इसके साथ ही कंपनी ने भारतीय स्वामित्व और भारतीय नियंत्रण वाली कंपनी बनने के लिए जरूरी मंजूरियां हासिल कर ली हैं। उन्होंने इसे कारोबार के लिए अहम पड़ाव बताया और कहा कि यह बदलाव तेजी से आगे बढ़ रहा है।

फ्यूचर की ग्रोथ स्टोरी पर क्या है कंपनी का बयान?

श्रीहर्ष मजेटी ने कंपनी के विजन और फ्यूचर की रणनीति पर कहा कि जैसा उन्होंने कैपिटल मार्केट्स डे पर साझा किया था, आने वाले समय में सिर्फ स्पीड और प्रोडक्ट सिलेक्शन ही काफी नहीं होंगे, बल्कि अलग पहचान बनाना असली विजेता तय करेगा। उन्होंने कहा कि स्विगी प्रोडक्ट असॉर्टमेंट को केवल वॉल्यूम का खेल नहीं मानती, बल्कि इसे सही और चुनिंदा चीजें पेश करने का माध्यम समझती है। कंपनी का लक्ष्य ग्राहकों को सिर्फ ज्यादा सामान दिखाना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर चीजें खरीदने में मदद करना है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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