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  1. Defence Stocks: ₹52000 करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी, Paras Defence, BEL समेत कई शेयर 6% तक चढ़े

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Defence Stocks: ₹52000 करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी, Paras Defence, BEL समेत कई शेयर 6% तक चढ़े

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड July 06, 2026, 11:39 IST

सारांश

Defence Stocks: आज के कारोबार में कई डिफेंस शेयरों में जमकर खरीदारी हो रही है। Paras Defence का शेयर 6.25 फीसदी तक उछल गया है। Zen Tech में करीब 5 फीसदी की तेजी है। ideaForge में भी 4 फीसदी से ज्यादा की बढ़त नजर आई।

Defence stock

BEL, HAL और Paras Defence जैसे शेयरों में जमकर खरीदारी हो रही है।

Defence Stocks: आज 6 जुलाई को डिफेंस सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में शानदार तेजी है। दरअसल, डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने करीब 52,000 करोड़ रुपये के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इन प्रस्तावों का मकसद भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की ताकत और आधुनिक हथियारों की क्षमता को बढ़ाना है। इस खबर के बीच BEL, HAL और Paras Defence जैसे शेयरों में जमकर खरीदारी हो रही है।
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DAC रक्षा खरीद से जुड़े फैसले लेने वाली सरकार की सबसे बड़ी समिति है। इसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करते हैं। इस बार समिति ने कई आधुनिक हथियारों और रक्षा प्रणालियों की खरीद के लिए Acceptance of Necessity (AoN) यानी शुरुआती मंजूरी दी है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि AoN का मतलब यह नहीं है कि सरकार ने तुरंत ऑर्डर दे दिया है। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि सरकार ने यह मान लिया है कि सेना को इन हथियारों और उपकरणों की जरूरत है। इसके बाद टेंडर निकाले जाएंगे, तकनीकी जांच होगी, कीमत तय होगी और आखिर में कंपनियों को ऑर्डर दिया जाएगा।

इन शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

आज के कारोबार में कई डिफेंस शेयरों में जमकर खरीदारी हो रही है। Paras Defence का शेयर 6.25 फीसदी तक उछल गया है। Zen Tech में करीब 5 फीसदी की तेजी है। ideaForge में भी 4 फीसदी से ज्यादा की बढ़त नजर आई। BEL, Data Patterns और BDL के शेयरों करीब में 1.50 फीसदी तक की तेजी है। HAL का शेयर भी करीब 1 फीसदी तक बढ़ गया।

किन रक्षा उपकरणों को मंजूरी मिली?

सरकार ने जिन रक्षा प्रणालियों को मंजूरी दी है, उनमें नई पीढ़ी के एयर डिफेंस सिस्टम, एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल, एंटी-ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, कामिकाजे ड्रोन, नेवी के लिए मानव रहित ड्रोन (UAS) और ऊंचाई से निगरानी करने वाले सिस्टम शामिल हैं।

भारतीय सेना के लिए खास तौर पर Akash Tarang एंटी-ड्रोन सिस्टम, MPATGM (Man-Portable Anti-Tank Guided Missile), MRSAM (Medium-Range Surface-to-Air Missile), V-SHORADS (Very Short-Range Air Defence System) और टैंकों के लिए Active Protection System (APS) को मंजूरी मिली है। ये सिस्टम दुश्मन के टैंक, हेलीकॉप्टर, विमान, ड्रोन और मिसाइलों से सुरक्षा देने में मदद करेंगे।

भारतीय नौसेना के लिए समुद्री माइंस, जहाजों से उड़ाए जाने वाले ड्रोन और लैंड-बेस्ड टेस्टिंग फैसिलिटी बनाने की मंजूरी दी गई है। इस सुविधा में युद्धपोतों में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों का भारत में ही परीक्षण किया जा सकेगा, जिससे विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम होगी।

निवेशकों के लिए क्या मतलब है?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन कंपनियों के पास उन रक्षा उपकरणों और तकनीकों को बनाने की क्षमता है, जिनके लिए सरकार ने मंजूरी दी है। हालांकि, अभी सिर्फ शुरुआती मंजूरी मिली है। असली फायदा तभी होगा जब इन कंपनियों को भविष्य में सरकार की ओर से वास्तविक ऑर्डर मिलेंगे। इसलिए निवेशकों को आगे आने वाले टेंडर और ऑर्डर पर भी नजर रखनी चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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