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3 min read | अपडेटेड July 06, 2026, 09:32 IST
सारांश
अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में तेजी का कारण अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर मिसाइल इकोसिस्टम बनाने के लिए 2,500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू करना है। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) का डिफेंस और एयरोस्पेस डिवीजन है।
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अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में क्यों दिख रही आज हलचल (Photo: Shutterstock)
Adani Enterprises Shares: आज अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में कुछ तेजी देखने को मिल रही है। मार्केट खुलने के बाद अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर करीब .5% यानी कि 12 रुपये चढ़कर 3,222.80 के आस-पास ट्रेड होते नजर आए। अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में तेजी का कारण अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर मिसाइल इकोसिस्टम बनाने के लिए 2,500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू करना है। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) का डिफेंस और एयरोस्पेस डिवीजन है। कंपनी ने कहा कि एक ही जगह पर कम्पोजिट प्रोपेलेंट और ट्राईनाइट्रोटोल्यूइन (TNT) के प्रोडक्शन के साथ यह एडवांस्ड मिसाइल इकोसिस्टम बड़े पैमाने पर क्षमता तैयार करेगा, जो भारत के प्राइवेट सेक्टर के लिए पहली बार होगा।
क्यों अहम है यह इन्वेस्टमेंट?
अडानी एंटरप्राइजेज ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा कि इस इन्वेस्टमेंट से 5,000 डायरेक्ट और इनडायरेक्ट स्किल्ड नौकरियां पैदा होंगी, माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) के लिए नए मौके बनेंगे और मध्य प्रदेश के एक प्रमुख डिफेंस हब के तौर पर उभरने को बढ़ावा मिलेगा। कंपनी ने आगे कहा, ‘शिवपुरी प्रोजेक्ट सिस्टम इंटीग्रेशन को जरूरी मटीरियल के प्रोडक्शन के साथ जोड़कर भारत की डिफेंस सप्लाई चेन में लंबे समय से चली आ रही कमी को दूर करता है, जिससे भारतीय सशस्त्र बल बड़े पैमाने पर स्वदेशी मिसाइल सिस्टम को शामिल कर सकेंगे।’
'आत्मनिर्भर भारत' मिशन को मिलेगा बल
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के डायरेक्टर, जीत अडानी ने कहा: ‘आज एक बहुत ही अहम चीज की शुरुआत हो रही है। यह प्रोजेक्ट मिसाइल सिस्टम इंटीग्रेशन और एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम बनाने के लिए जरूरी मटीरियल के प्रोडक्शन को एक ही जगह पर लाता है, जिससे दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्राइवेट-सेक्टर मिसाइल इकोसिस्टम बनता है।’ अडानी ने आगे कहा, ‘हमें मध्य प्रदेश में यह खास क्षमता लाने पर गर्व है, जिससे भारत की डिफेंस तैयारी मजबूत होगी और 'आत्मनिर्भर भारत' में योगदान मिलेगा।’ इस इवेंट में अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) के मैनेजिंग डायरेक्टर और अडानी सीमेंट के डायरेक्टर, करण अडानी शामिल हुए। राज्य के ऊर्जा मंत्री माननीय श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी इस इवेंट का हिस्सा थे। यह फैसिलिटी कई मिसाइल प्रोग्राम को एक साथ सपोर्ट करने के लिए एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी, ऑटोमेटेड प्रोडक्शन सिस्टम और ग्लोबल लेवल के सेफ्टी स्टैंडर्ड्स का इस्तेमाल करेगी।
भारतीय सशत्र बलों को क्या मिलेगा फायदा?
इसे भारतीय सशस्त्र बलों और भरोसेमंद इंटरनेशनल पार्टनर की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह भारत की स्ट्रैटेजिक डिफेंस-इंडस्ट्रियल क्षमताओं को मजबूत करेगा और साथ ही सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों (प्रिसिजन-गाइडेड म्यूनिशन) के भरोसेमंद सप्लायर के तौर पर देश की स्थिति को और मजबूत करेगा। 2020 से, अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने ग्वालियर में छोटे हथियारों का एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया है, जिससे भारत की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में राज्य का योगदान और मजबूत हुआ है। इस फैसिलिटी से भारतीय सशस्त्र बलों को पिस्तौल, लाइट मशीन गन, कार्बाइन, असॉल्ट राइफल और दूसरे एडवांस्ड छोटे हथियार सिस्टम सप्लाई किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन से, ग्वालियर कॉम्प्लेक्स डिफेंस प्रोडक्शन में भारत की आत्मनिर्भरता की मुहिम में एक अहम स्तंभ के तौर पर उभरा है।
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