मार्केट न्यूज़

5 min read | अपडेटेड July 13, 2026, 14:47 IST
सारांश
इस साल शेयर की कीमत में आई तेजी की एक वजह तिमाही नतीजों में क्यूपिड का शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस भी था, क्योंकि पर्सनल केयर कंपनी ने अच्छे मार्जिन के साथ जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की। Q4 के नतीजों में, क्यूपिड का नेट प्रॉफिट 215% बढ़कर 36.26 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी पीरियड में 11.51 करोड़ रुपये था।
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क्यूपिड लिमिटेड के शेयर अब बीएसई ग्रुप A का बने हिस्सा (Photo: Shutterstock)
Cupid Shares: पर्सनल केयर कंपनी क्यूपिड लिमिटेड के शेयरों में आज 3% तक की गिरावट देखी गई। दोपहर 2 बजे के करीब क्यूपिड के शेयर करीब 2% यानी कि करीब 4 रुपये गिरकर 208 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड होते नजर आए। क्यूपिड के शेयरों में पिछले एक साल में 723% तक की तेजी देखी गई है। क्यूपिड के शेयरों का एक्सचेंज के रीक्लासिफिकेशन हुआ है। कंपनी के शेयर पहले BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) की B कैटेगरी में थी, जो इस वीकेंड ग्रुप A कैटेगरी में शामिल कर लिए गए हैं। सोमवार को इस खबर के बाद शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग के चलते गिरावट देखने को मिली। BSE द्वारा अपनी लिस्टेड कंपनियों की समय-समय पर की जाने वाली समीक्षा के बाद, एक्सचेंज ने क्यूपिड के शेयर को BSE ग्रुप 'B' से BSE ग्रुप 'A' में रीक्लासिफाई करने का फैसला किया। इससे घरेलू और विदेशी इन्वेस्टर्स के एक बड़े वर्ग के बीच कंपनी की विजिबिलिटी बढ़ने की उम्मीद है।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में कहा, ‘क्यूपिड को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने लिस्टेड कंपनियों की समय-समय पर होने वाली समीक्षा के आधार पर इसके इक्विटी शेयरों को BSE ग्रुप 'B' से BSE ग्रुप 'A' में रीक्लासिफाई किया है।’ NSE के डेटा के मुताबिक सोमवार को मार्केट में सुबह की ट्रेडिंग के दौरान क्यूपिड के शेयर 3.4% गिरकर 205.10 रुपये के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गए थे, जबकि पिछले स्टॉक मार्केट क्लोजिंग के समय इनकी कीमत 212.4 रुपये थी। हालांकि बाद में शेयरों में कुछ सुधार भी देखने को मिला है।
क्यूपिड के शेयरों को BSE ग्रुप 'A' कैटेगरी में अपग्रेड किए जाने से, अब कंपनी को घरेलू और इंटरनेशनल निवेशकों के बीच ज्यादा पहचान मिलने की उम्मीद है, जिससे स्टॉक के कुल वॉल्यूम में भी बढ़ोतरी होगी। इस अपग्रेड से उन इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए भी आसानी होगी जो शेयर मार्केट में ज्यादा लिक्विडिटी वाले लिस्टेड शेयरों में एक्टिव रूप से ट्रेड करते हैं।
क्यूपिड की ट्रेडिंग सामान्य रोलिंग सेटलमेंट मैकेनिज्म के तहत जारी रहेगी, जिससे स्टॉक की सही कीमत तय होने और मार्केट लिक्विडिटी में भी मदद मिलेगी। मुख्य फोकस गवर्नेंस, पारदर्शिता और रेगुलेटरी नियमों के पालन पर रहेगा। ग्रुप 'A' स्टॉक कैटेगरी में अपग्रेड होने से लिक्विडिटी, ट्रेडिंग लेवरेज और कुल इंस्टीट्यूशनल कैपिटल की भागीदारी बढ़ेगी, साथ ही बड़े पैमाने पर कैपिटल की जरूरत के कारण होने वाली किसी भी तरह की हेराफेरी से स्टॉक की सुरक्षा भी होगी।
BSE ग्रुप A स्टॉक में अपग्रेड होने के लिए, कंपनी को सबसे पहले कम से कम 3 महीने के लिए लिस्ट होना जरूरी है, हालांकि, मर्जर/डीमर्जर या कैपिटल रीस्ट्रक्चरिंग वाली कंपनियों के लिए इसमें छूट है।
कंपनी के स्टॉक में पिछले तीन महीनों के दौरान कुल ट्रेडिंग दिनों में से कम से कम 98% दिनों में ट्रेडिंग होनी चाहिए।
हाल की तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, स्टॉक में नॉन-प्रमोटर होल्डिंग कम से कम 10% होनी चाहिए। हालांकि, यह शर्त PSU स्टॉक्स पर लागू नहीं होगी।
ऑफिशियल डेटा के मुताबिक फाइनल रैंक तय करने के लिए तीन महीने के औसत मार्केट कैपिटलाइजेशन और ट्रेडेड टर्नओवर की रैंकिंग को क्रम से 75% और 25% वेटेज दिया जाता है।
एक्सचेंज ग्रुप A कैटेगरी के तहत सिर्फ टॉप 200 कंपनियों को चुनता है।
इस साल शेयर की कीमत में आई तेजी की एक वजह तिमाही नतीजों में क्यूपिड का शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस भी था, क्योंकि पर्सनल केयर कंपनी ने अच्छे मार्जिन के साथ जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की।
Q4 के नतीजों में, क्यूपिड का नेट प्रॉफिट 215% बढ़कर 36.26 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी पीरियड में 11.51 करोड़ रुपये था। कंपनी का कोर ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 112% बढ़कर 119.96 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी पीरियड में 56.48 करोड़ रुपये था।
आने वाले Q1 नतीजों को देखते हुए, एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, क्यूपिड को उम्मीद है कि 2026-27 में खत्म होने वाले फाइनेंशियल ईयर की जून तिमाही में उसका रेवेन्यू 150 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगा। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया, ‘फाइनेंशियल ईयर की इस शानदार शुरुआत और इंटरनेशनल व घरेलू मार्केट में बेहतर संभावनाओं को देखते हुए, मैनेजमेंट ने FY27 के लिए अपने रेवेन्यू आउटलुक को कम से कम 10% बढ़ा दिया है।’ FY2027 के लिए रेवेन्यू आउटलुक को 600 करोड़ रुपये (कंपनी के पहले के अनुमान) से बढ़ाकर 660 करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया है।
NSE डेटा के मुताबिक क्यूपिड के शेयरों ने पिछले एक साल में 723% यानी कि प्रति शेयर करीब 183 रुपये का प्रॉफिट दिया है। वहीं पिछले पांच साल में कंपनी ने 7937% यानी कि करीब 206 रुपये प्रति शेयर प्रॉफिट दिया है। NSE के डेटा के मुताबिक आज के ट्रेडिंग सेशन में पर्सनल केयर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (m-cap) 28,180 करोड़ रुपये था।
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